भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम बेल्जियम एक्सपोजर टूर के लिए रवाना, 7 से 17 जुलाई तक 6 मैच
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम 5 जुलाई को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेल्जियम के एक्सपोजर टूर के लिए रवाना हो गई। 24 सदस्यीय यह दल 7 से 17 जुलाई के बीच यूरोप में छह अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलेगा, जो साल के अंत में होने वाले FIH हॉकी पुरुष जूनियर एशिया कप की तैयारी का अहम हिस्सा है।
दौरे का कार्यक्रम और मैच
इस यूरोप दौरे में भारत कुल चार देशों से भिड़ेगा। ऑस्ट्रिया और बेल्जियम के खिलाफ दो-दो मुकाबले होंगे, जबकि जर्मनी और नीदरलैंड्स के खिलाफ एक-एक मैच खेला जाएगा। इनमें से पाँच मुकाबले बेल्जियम के वावरे स्थित बेलफियस हॉकी एरिना में आयोजित होंगे, जबकि अंतिम मैच एंटवर्प के हॉकी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नीदरलैंड्स के विरुद्ध खेला जाएगा।
नए कोच का पहला विदेशी दौरा
यह टूर नए हेड कोच फ्रेडरिक सोयेज के नेतृत्व में भारतीय जूनियर टीम का पहला विदेशी अभियान है। गौरतलब है कि यूरोप के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को उच्च तीव्रता वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का अनुभव मिलेगा। साथ ही, कोचिंग स्टाफ को टीम संयोजन और रणनीतिक खेल को परखने का अवसर भी मिलेगा।
कप्तानी और टीम संरचना
डिफेंडर अनमोल एक्का को इस एक्सपोजर टूर के लिए कप्तान नियुक्त किया गया है। गोलकीपिंग की जिम्मेदारी विवेक लाकड़ा और कुणाल तेवतिया के कंधों पर है। डिफेंसिव लाइन में कप्तान अनमोल एक्का के अलावा रोहित कुल्लू, चिराग, रविंदर, प्रशांत बारला, संजीत तिर्की और वी. मणिमारन शामिल हैं।
मिडफील्ड की कमान अदरोहित एक्का, हरपाल, जीतपाल, मुकेश टोप्पो, मन्नू मलिक और ऋतिक लाकड़ा संभालेंगे। फॉरवर्ड लाइन में अजीत यादव, प्रभदीप सिंह, अर्जुन हरगुडे, आर्यन जेस, लवनूर सिंह, मोहम्मद कोनैन दाद और गुरुसेवक सिंह हैं।
वर्ल्ड कप ब्रॉन्ज मेडलिस्ट भी टीम में
टीम की एक उल्लेखनीय विशेषता यह है कि चार खिलाड़ी — अनमोल एक्का, अदरोहित एक्का, अजीत यादव और रोहित कुल्लू — उस भारतीय दल का हिस्सा थे जिसने FIH मेंस जूनियर वर्ल्ड कप तमिलनाडु 2025 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी युवा टीम को एक मजबूत आधार देती है।
जूनियर एशिया कप पर नजर
यह दौरा इस साल के अंत में होने वाले FIH हॉकी पुरुष जूनियर एशिया कप की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जूनियर हॉकी एशिया और विश्व स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है। यूरोप के शीर्ष देशों के खिलाफ मिला यह अनुभव एशिया कप में टीम की रणनीति को निखारने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।