भारतीय जूनियर हॉकी टीम का बेल्जियम दौरा 7 जुलाई से, 4 यूरोपीय टीमों से खेलेगी 6 मैच
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय अंडर-21 पुरुष हॉकी टीम 7 से 17 जुलाई 2025 के बीच यूरोप दौरे पर ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, जर्मनी और नीदरलैंड के खिलाफ कुल 6 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। यह दौरा साल के अंत में होने वाले मेंस जूनियर एशियन कप की तैयारी के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और यह नए मुख्य कोच फ्रेडरिक सोयेज के नेतृत्व में टीम का पहला अंतरराष्ट्रीय अभियान होगा।
दौरे का कार्यक्रम और मैच स्थल
भारतीय टीम ऑस्ट्रिया के खिलाफ 7 और 8 जुलाई को लगातार दो मैच खेलेगी। इसके बाद 10 जुलाई को मेजबान बेल्जियम से पहली भिड़ंत होगी, 13 जुलाई को जर्मनी से मुकाबला होगा और 14 जुलाई को एक बार फिर बेल्जियम से टक्कर होगी। दौरे का समापन 17 जुलाई को नीदरलैंड के खिलाफ मैच से होगा।
इनमें से 5 मैच बेल्जियम के वावरे में स्थित बेल्फियस हॉकी एरीना में खेले जाएंगे, जबकि नीदरलैंड के खिलाफ अंतिम मुकाबला एंटवर्प के हॉकी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित होगा।
कोच सोयेज की रणनीति और सोच
नए कोच फ्रेडरिक सोयेज ने इस दौरे को लेकर अपना उत्साह ज़ाहिर करते हुए कहा, 'मैं इस ग्रुप के साथ अपने पहले दौरे को लेकर बहुत उत्साहित हूं। यह अलग माहौल में खिलाड़ियों को बेहतर ढंग से जानने और साथ ही हमारे खेलने के तरीके की नींव रखने का एक शानदार मौका है।'
सोयेज ने आगे कहा, 'इस तरह के दौरे हमेशा अहम होते हैं, क्योंकि इनसे आपसी समझ बनती है, टीम का तालमेल मजबूत होता है और टीम की एक असली पहचान बनने लगती है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'ये मैच बहुत जरूरी हैं, क्योंकि ये हमें तुरंत ऐसे हालात में डालते हैं जो बड़े टूर्नामेंट्स में मिलने वाले हालात जैसे ही होते हैं।'
यूरोपीय चुनौती का महत्व
गौरतलब है कि बेल्जियम, जर्मनी और नीदरलैंड विश्व हॉकी के शीर्ष देशों में शुमार हैं। इन टीमों के खिलाफ खेलने से भारतीय जूनियर खिलाड़ियों को उच्च-गति और तकनीकी रूप से समृद्ध हॉकी का अनुभव मिलेगा, जो एशियाई प्रतिस्पर्धाओं से अलग है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी अपनी जूनियर पाइपलाइन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
कोच सोयेज के अनुसार, यह दौरा टीम को 'दबाव में अपने खेलने के तरीकों को लागू करने की क्षमता और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ प्रदर्शन के स्तर' को परखने का अवसर देगा।
जूनियर एशियन कप की तैयारी
साल के अंत में होने वाले मेंस जूनियर एशियन कप से पहले यह यूरोप दौरा भारतीय टीम के लिए एक निर्णायक परीक्षा की तरह है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव टीम की मानसिक और तकनीकी दृढ़ता को परखेगा। आने वाले हफ्तों में टीम चयन और प्रदर्शन के आधार पर एशियन कप के लिए अंतिम दस्ते को आकार दिया जाएगा।