भारतीय जूनियर हॉकी टीम का बेल्जियम दौरा समाप्त, कोच फ्रेडरिक सोयेज बोले — हर मैच में सुधरा प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम (अंडर-21) ने 5 से 18 जुलाई 2025 के बीच बेल्जियम में आयोजित अपने यूरोप दौरे का समापन किया, जिसमें 6 मैचों में यूरोप की शीर्ष टीमों से कड़ी टक्कर ली। टीम के नवनियुक्त मुख्य कोच फ्रेडरिक सोयेज ने दौरे को खिलाड़ियों के विकास के लिहाज़ से अत्यंत मूल्यवान बताया और कहा कि प्रत्येक मैच के साथ टीम का प्रदर्शन बेहतर होता गया।
दौरे का पूरा स्कोरकार्ड
दौरे में भारत ने कुल 6 मुकाबले खेले। पहले मैच में टीम को ऑस्ट्रिया से 2-4 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन दूसरे मैच में उसी टीम के खिलाफ 4-1 की जीत से वापसी की। तीसरे मैच में मेज़बान बेल्जियम ने भारत को 3-2 से हराया, जबकि चौथे मैच में जर्मनी ने 1-0 के न्यूनतम अंतर से जीत दर्ज की। पाँचवें मैच में बेल्जियम ने फिर 4-2 से बाज़ी मारी। दौरे के अंतिम और छठे मैच में भारत ने नीदरलैंड को 4-3 से पराजित कर सकारात्मक नोट पर समापन किया।
कोच सोयेज की प्रतिक्रिया
कोच फ्रेडरिक सोयेज ने कहा, 'यह बेल्जियम टूर मैदान पर और मैदान के बाहर, दोनों जगह एक शानदार अनुभव रहा है। एक मुश्किल माहौल में श्रेष्ठ टीमों के खिलाफ खेलने से विकास और सीखने के लिए बहुत कीमती मौके मिले हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि नतीजों से परे, टीम का एक मैच से दूसरे मैच में हुआ सुधार सबसे उत्साहजनक पहलू रहा।
सोयेज ने आगे कहा, 'हालांकि हम बेल्जियम और जर्मनी से थोड़े अंतर से हार गए, लेकिन ओवरऑल प्रदर्शन बहुत हिम्मत देने वाला रहा। टूर के अंतिम मैच में नीदरलैंड पर जीत ने ग्रुप के चरित्र और साहस को उजागर किया।'
खिलाड़ियों के विकास पर ज़ोर
कोच ने प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के अगले चरण पर बात करते हुए कहा कि यूरोप दौरे पर मिला अनुभव खिलाड़ियों के दीर्घकालिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी जूनियर स्तर पर अपनी अगली पीढ़ी तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। गौरतलब है कि यूरोप के शीर्ष देशों — बेल्जियम, जर्मनी और नीदरलैंड — के खिलाफ खेलना जूनियर खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय हॉकी की तीव्र गति और रणनीतिक जटिलता से परिचित कराता है।
आगे की राह
इस दौरे से मिले अनुभव और सबक के आधार पर टीम अपनी तैयारियों को और मज़बूत करेगी। भारतीय हॉकी के लिए जूनियर स्तर पर यूरोपीय प्रतिस्पर्धा का यह अनुभव आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारी में निर्णायक साबित हो सकता है।