14 जुलाई 2026
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आईसीसी ने अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर्स का डेवलपमेंट प्रोग्राम जारी रखा, 2030 तक क्वालिफिकेशन पाथवे का रोडमैप तैयार होगा

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आईसीसी ने अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर्स का डेवलपमेंट प्रोग्राम जारी रखा, 2030 तक क्वालिफिकेशन पाथवे का रोडमैप तैयार होगा

सारांश

आईसीसी गवर्निंग बोर्ड ने एडिनबर्ग में अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर्स के डेवलपमेंट पाथवे प्रोग्राम को जारी रखने की हरी झंडी दी है। पुनर्गठित स्पेशल टास्क फोर्स अब 2030 तक इन खिलाड़ियों को आईसीसी क्वालिफिकेशन इवेंट्स से जोड़ने का रोडमैप तैयार करेगी — तालिबान के प्रतिबंध के बीच यह एक अहम वैकल्पिक मार्ग है।

मुख्य बातें

आईसीसी गवर्निंग बोर्ड ने 13 जुलाई 2026 को अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर्स के डेवलपमेंट पाथवे प्रोग्राम को जारी रखने की मंजूरी दी।
पुनर्गठित स्पेशल टास्क फोर्स को 2030 तक आईसीसी क्वालिफिकेशन पाथवे में खिलाड़ियों को शामिल कराने का रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
रोज़ रिवाज (इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) और सारा कीन (ICC मुख्य कार्यकारी समिति सदस्य) को टास्क फोर्स में शामिल किया गया।
टास्क फोर्स में BCCI , क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ECB के सदस्य भी शामिल हैं।
ऑस्ट्रेलिया , इंग्लैंड और कनाडा में रहने वाली खिलाड़ियों को स्थानीय क्रिकेट माहौल में कोचिंग, फिजियोथेरेपी और खेलने के अवसर मिलते रहेंगे।
पिछले 12 महीनों में भारत और इंग्लैंड दौरों के दौरान खिलाड़ियों को सामूहिक ट्रेनिंग और मुकाबले के अवसर मिले थे, जिन्हें अब और बढ़ाया जाएगा।

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के गवर्निंग बोर्ड ने 13 जुलाई 2026 को अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर्स के लिए चलाए जा रहे 'डेवलपमेंट पाथवे प्रोग्राम' को आगे जारी रखने की मंजूरी दे दी है। साथ ही, बोर्ड ने स्पेशल टास्क फोर्स का पुनर्गठन करते हुए उसे 2030 तक आईसीसी के क्वालिफिकेशन पाथवे में इन खिलाड़ियों को शामिल कराने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

एडिनबर्ग बैठक में लिए गए अहम फैसले

आईसीसी बोर्ड ने एडिनबर्ग में आयोजित अपनी वार्षिक बैठक के दौरान इंडिपेंडेंट डायरेक्टर डॉ. रोज़ रिवाज और आईसीसी मुख्य कार्यकारी समिति की सदस्य सारा कीन को स्पेशल टास्क फोर्स में शामिल करने की मंजूरी दी। ये दोनों अब बीसीसीआई (BCCI), क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के मौजूदा सदस्यों के साथ मिलकर इस टास्क फोर्स का हिस्सा होंगी।

यह टास्क फोर्स महिला क्रिकेट कार्यक्रम की निगरानी जारी रखते हुए खिलाड़ियों को अधिक अवसर, व्यापक प्रतिनिधित्व और प्रतिस्पर्धा के बेहतर मानकों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में काम करेगी।

डॉ. रोज़ रिवाज का बयान

टास्क फोर्स में नव-नियुक्त डॉ. रोज़ रिवाज ने कहा, 'आईसीसी स्पेशल टास्क फोर्स में शामिल होना और इस अहम पहल में योगदान देना मेरे लिए सम्मान की बात है। टास्क फोर्स को एक साफ और टिकाऊ रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो स्ट्रक्चर्ड कोचिंग, सार्थक प्रतिस्पर्धी मौकों और सही हाई-परफॉर्मेंस पाथवे के जरिए अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर्स के लगातार विकास में मदद करे।'

उन्होंने आगे कहा कि यह प्रोग्राम क्रिकेट के जरिए मौके पैदा करने की आईसीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और वे टास्क फोर्स के साथियों तथा डिलीवरी पार्टनर्स के साथ मिलकर इसे 'मकसद, ईमानदारी और दीर्घकालिक स्थिरता' के साथ आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।

प्रोग्राम में क्या-क्या शामिल है

इस सपोर्ट पैकेज में खिलाड़ियों के घरेलू इलाकों में क्रिकेट और स्ट्रेंथ-एंड-कंडीशनिंग (S&C) कोच के साथ-साथ फिजियोथेरेपी की सुविधा भी शामिल होगी। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा में रहने वाली खिलाड़ियों को उनके स्थानीय क्रिकेट माहौल में जोड़े रखा जाएगा, जहाँ उन्हें ट्रेनिंग और खेलने के नियमित अवसर मिलते रहेंगे।

गौरतलब है कि पिछले 12 महीनों में भारत और इंग्लैंड के दौरों के दौरान इन खिलाड़ियों को एक समूह के रूप में ट्रेनिंग और मुकाबले के अवसर मिले थे। ऐसे सामूहिक मौकों को अब धीरे-धीरे और बढ़ाया जाएगा, और ये मुकाबले उन टीमों के विरुद्ध होंगे जिन्हें 2030 तक आईसीसी क्वालिफिकेशन इवेंट्स की ओर उनके विकास में रणनीतिक रूप से सहायक माना गया है।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान में तालिबान शासन के कारण महिला क्रिकेटरों पर खेलने पर प्रतिबंध जारी है, और आईसीसी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सदस्यता को लेकर लंबे समय से दबाव में है। यह प्रोग्राम उन खिलाड़ियों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करता है जो शरणार्थी के रूप में विभिन्न देशों में रह रही हैं। 2030 की समयसीमा के साथ तय किया गया यह रोडमैप यह स्पष्ट करता है कि आईसीसी इन खिलाड़ियों को मुख्यधारा की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से जोड़ने की दिशा में दीर्घकालिक योजना के साथ आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह प्रोग्राम एक राजनीतिक दबाव-वाल्व की तरह काम कर सकता है जो मूल समस्या को टालता रहे। यह ऐसे समय में आया है जब कई सदस्य बोर्ड — जिनमें BCCI भी शामिल है — अफगानिस्तान के खिलाफ मैच खेलने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। बिना स्पष्ट जवाबदेही ढाँचे के, यह 'रोडमैप' केवल एक और घोषणा बनकर न रह जाए — यही देखना होगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईसीसी का अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर्स के लिए डेवलपमेंट पाथवे प्रोग्राम क्या है?
यह आईसीसी द्वारा चलाया जा रहा एक विशेष कार्यक्रम है जो अफगानिस्तान से विस्थापित होकर विभिन्न देशों में शरणार्थी के रूप में रह रही महिला क्रिकेटर्स को ट्रेनिंग, कोचिंग, फिजियोथेरेपी और प्रतिस्पर्धी मुकाबलों के अवसर प्रदान करता है। इसका लक्ष्य 2030 तक इन खिलाड़ियों को आईसीसी के आधिकारिक क्वालिफिकेशन पाथवे से जोड़ना है।
आईसीसी स्पेशल टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल हैं?
पुनर्गठित स्पेशल टास्क फोर्स में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर डॉ. रोज़ रिवाज और आईसीसी मुख्य कार्यकारी समिति की सदस्य सारा कीन को नए सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इनके अलावा BCCI, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ECB के मौजूदा सदस्य भी इस टास्क फोर्स का हिस्सा हैं।
अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर्स को किन देशों में सपोर्ट मिल रही है?
ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा में रहने वाली खिलाड़ियों को उनके स्थानीय क्रिकेट माहौल में शामिल किया जा रहा है। इन देशों में उन्हें क्रिकेट और S&C कोच, फिजियोथेरेपी सुविधा और खेलने के नियमित मौके मिलते हैं।
2030 तक इन खिलाड़ियों के लिए क्या लक्ष्य तय किए गए हैं?
2030 तक इन खिलाड़ियों को आईसीसी के आधिकारिक क्वालिफिकेशन इवेंट्स में शामिल कराने का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसके लिए रणनीतिक रूप से चुनी गई टीमों के विरुद्ध सामूहिक मुकाबलों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी।
पिछले 12 महीनों में इस प्रोग्राम के तहत क्या हुआ?
पिछले 12 महीनों में अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर्स को भारत और इंग्लैंड के दौरों के दौरान एक समूह के रूप में ट्रेनिंग करने और मुकाबला करने के अवसर मिले। इन अनुभवों के आधार पर अब सामूहिक खेलने के मौकों को और विस्तारित करने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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