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ICC का बड़ा फैसला: सभी टेस्ट में पिंक बॉल ट्रायल मंजूर, ड्रिंक्स ब्रेक में हेड कोच से परामर्श की अनुमति

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ICC का बड़ा फैसला: सभी टेस्ट में पिंक बॉल ट्रायल मंजूर, ड्रिंक्स ब्रेक में हेड कोच से परामर्श की अनुमति

सारांश

ICC ने टेस्ट क्रिकेट में पिंक बॉल के ट्रायल को मंजूरी दी — खराब रोशनी में खेल बाधित न हो, इसलिए। साथ ही हेड कोच को ड्रिंक्स ब्रेक में परामर्श की अनुमति, T20 में 15 मिनट का अनिवार्य ब्रेक और MCC नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू — क्रिकेट के नियमों में बड़ा बदलाव।

मुख्य बातें

ICC ने सभी टेस्ट मुकाबलों में पिंक बॉल के इस्तेमाल के ट्रायल को मंजूरी दी — दोनों टीमों की पूर्व सहमति अनिवार्य।
हेड कोच या उनके नामित प्रतिनिधि अब ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान टीम से सलाह-मशविरा कर सकेंगे।
T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में दोनों पारियों के बीच 15 मिनट का ब्रेक अनिवार्य किया गया।
मैच अधिकारियों को अवैध बॉलिंग एक्शन पर निर्णय में हॉक-आई डेटा उपयोग की अनुमति मिली।
लेगसाइड वाइड ट्रायल को स्थायी रूप से लागू किया गया।
MCC के क्रिकेट नियमों में शेष बदलाव 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे।

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 1 जून 2026 को अपनी बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले लिए, जिनमें सबसे उल्लेखनीय है — सभी टेस्ट मुकाबलों में गुलाबी गेंद (पिंक बॉल) के इस्तेमाल के ट्रायल को मंजूरी। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य खराब रोशनी की स्थिति में भी खेल को अधिकतम समय तक जारी रखना है। यह ट्रायल दोनों भागीदार टीमों की पूर्व सहमति से लागू किया जाएगा।

पिंक बॉल ट्रायल: क्या है नया नियम

ICC बोर्ड ने चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटी की सिफारिश पर टेस्ट क्रिकेट में गुलाबी गेंद के ट्रायल को हरी झंडी दी है। अब तक पिंक बॉल केवल डे-नाइट टेस्ट में इस्तेमाल होती थी, लेकिन इस नए ट्रायल के तहत इसे उन परिस्थितियों में भी अपनाया जा सकेगा जब खराब मौसम या कम रोशनी के कारण खेल बाधित होने का खतरा हो। गौरतलब है कि पारंपरिक लाल गेंद की तुलना में गुलाबी गेंद कृत्रिम प्रकाश में बेहतर दिखती है।

लाइटिंग टेक्नोलॉजी पर शोध, MCC के साथ साझेदारी

ICC ने मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के साथ मिलकर स्टेडियम लाइटिंग टेक्नोलॉजी पर एक रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को संयुक्त रूप से वित्त पोषित करने का निर्णय लिया है। इस शोध का लक्ष्य मैच अधिकारियों को बेहतर तकनीकी आधार देना है, ताकि खराब रोशनी के कारण खेल में होने वाली रुकावटों को न्यूनतम किया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबले खराब रोशनी के चलते समय से पहले समाप्त करने पड़े हैं।

हेड कोच परामर्श और T20 ब्रेक नियम

ICC बोर्ड ने यह भी तय किया कि हेड कोच या उनके नामित प्रतिनिधि अब तय ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान टीम से सलाह-मशविरा कर सकेंगे — यह खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के बीच सीधे संवाद का एक नया अवसर है। इसके अतिरिक्त, T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में दोनों पारियों के बीच 15 मिनट का अनिवार्य ब्रेक लागू किया गया है। बल्लेबाजों के लिए खेल पुनः आरंभ होते ही मैदान पर तैयार रहना अनिवार्य होगा।

हॉक-आई डेटा और लेगसाइड वाइड नियम

बैठक में मैच अधिकारियों को अवैध बॉलिंग एक्शन पर निर्णय लेते समय हॉक-आई तकनीक के डेटा का उपयोग करने की अनुमति दी गई। यह कदम अंपायरिंग निर्णयों में तकनीकी सटीकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। साथ ही, लेगसाइड वाइड के ट्रायल को अब स्थायी रूप से लागू कर दिया गया है।

MCC नियम बदलाव और क्रिकेट वर्गीकरण

MCC के क्रिकेट नियमों में किए गए शेष सभी संशोधन 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे। इसके अलावा, CWC चैलेंज लीग में भाग लेने वाली टीमें प्रत्येक टूर्नामेंट चक्र के दौरान लिस्ट-ए श्रेणी के अन्य सीमित ओवरों के मुकाबले खेलने के लिए भी पात्र बनी रहेंगी — यह उभरती क्रिकेट टीमों के लिए विकास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। ICC के ये फैसले क्रिकेट को अधिक दर्शक-अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक ठोस कदम हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि पारंपरिक टेस्ट परिस्थितियों में गुलाबी गेंद का व्यवहार लाल गेंद से कितना अलग होता है — खासकर रिवर्स स्विंग और स्पिन के संदर्भ में। हेड कोच को ड्रिंक्स ब्रेक में परामर्श की अनुमति एक सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव है, जो मैदान पर टीम की रणनीतिक स्वायत्तता और प्रबंधकीय हस्तक्षेप के बीच की रेखा को धुंधला करता है। हॉक-आई का अवैध बॉलिंग एक्शन में उपयोग स्वागतयोग्य है, पर यह सवाल भी उठता है कि इससे अंपायरों की स्वतंत्र निर्णय-क्षमता पर क्या असर पड़ेगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ICC ने टेस्ट क्रिकेट में पिंक बॉल ट्रायल क्यों मंजूर किया?
ICC ने यह ट्रायल इसलिए मंजूर किया ताकि खराब रोशनी या प्रतिकूल मौसम की स्थिति में भी टेस्ट मुकाबले अधिकतम समय तक जारी रह सकें। गुलाबी गेंद कृत्रिम प्रकाश में पारंपरिक लाल गेंद की तुलना में अधिक स्पष्ट दिखती है, जिससे खेल में व्यवधान कम होने की उम्मीद है।
पिंक बॉल ट्रायल कब और कैसे लागू होगा?
यह ट्रायल दोनों भागीदार टीमों की पूर्व सहमति के आधार पर लागू किया जाएगा। ICC और MCC संयुक्त रूप से स्टेडियम लाइटिंग तकनीक पर शोध करेंगे, जिसके परिणाम भविष्य में इस ट्रायल को और व्यापक बनाने में सहायक होंगे।
हेड कोच को ड्रिंक्स ब्रेक में परामर्श की अनुमति देने से क्या बदलेगा?
अब हेड कोच या उनके नामित प्रतिनिधि तय ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान सीधे टीम से सलाह-मशविरा कर सकेंगे, जो पहले प्रतिबंधित था। इससे टीम प्रबंधन को मैदान पर रणनीतिक बदलाव के लिए अधिक अवसर मिलेगा।
T20 अंतरराष्ट्रीय में 15 मिनट का अनिवार्य ब्रेक क्या है?
ICC ने T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में दोनों पारियों के बीच 15 मिनट का ब्रेक अनिवार्य कर दिया है। इस ब्रेक के बाद खेल पुनः आरंभ होते ही बल्लेबाजों का मैदान पर तैयार रहना भी अनिवार्य होगा।
MCC के नए क्रिकेट नियम कब से लागू होंगे?
MCC के क्रिकेट नियमों में किए गए शेष सभी संशोधन 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे। इसके साथ ही लेगसाइड वाइड के ट्रायल को भी स्थायी रूप से लागू कर दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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