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गौतम गंभीर ने ICC के गुलाबी गेंद ट्रायल को सराहा, बोले — 'खराब रोशनी में नतीजे का मौका नहीं छोड़ना चाहिए'

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गौतम गंभीर ने ICC के गुलाबी गेंद ट्रायल को सराहा, बोले — 'खराब रोशनी में नतीजे का मौका नहीं छोड़ना चाहिए'

सारांश

ICC ने खराब रोशनी में लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद के ट्रायल को मंजूरी दी — और टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने इसे टेस्ट क्रिकेट के लिए सकारात्मक कदम बताया। WTC फाइनल जैसे अहम मुकाबलों में खराब रोशनी से नतीजे पर असर न पड़े, इसी सोच के साथ यह नियम लाया गया है।

मुख्य बातें

ICC ने बोर्ड मीटिंग में खराब रोशनी की स्थिति में लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल करने के ट्रायल को मंजूरी दी।
यह प्रावधान दोनों टीमों की पूर्व सहमति पर निर्भर होगा और मैच शुरू होने से पहले लागू होगा।
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने 5 जून 2026 को इस फैसले का खुलकर समर्थन किया।
अब तक गुलाबी गेंद केवल डे-नाइट टेस्ट में, मुख्यतः ऑस्ट्रेलिया में, इस्तेमाल होती थी।
गंभीर ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का उदाहरण देते हुए कहा कि खराब रोशनी से नतीजे का मौका नहीं जाना चाहिए।

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने 5 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के उस ताज़ा फैसले का खुलकर समर्थन किया, जिसमें खराब रोशनी की स्थिति में लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल करने के ट्रायल को मंजूरी दी गई है। नई दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट की पूर्व संध्या पर गंभीर ने इस कदम को टेस्ट क्रिकेट के लिए सकारात्मक बताया।

गंभीर ने क्या कहा

गंभीर ने अपनी बात रखते हुए कहा, 'मुझे यह पसंद है क्योंकि मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर कोई नतीजा पाने का मौका है, तो आपको वह मौका हमेशा मिलना चाहिए।' उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का उदाहरण देते हुए कहा, 'सोचिए अगर आप वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे हैं और आपके पास क्वालीफाई करने के लिए वो टेस्ट जीतने का मौका है, और खराब रोशनी की वजह से ऐसा नहीं हो रहा — यह कितना गलत हो सकता है।'

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह बदलाव खिलाड़ियों के लिए शुरुआत में थोड़ा असहज हो सकता है। गंभीर ने कहा, 'मुझे पता है कि यह खिलाड़ियों के लिए थोड़ा गलत और मुश्किल हो सकता है, लेकिन दो साल तक कड़ी मेहनत करने के बाद अगर आप खराब रोशनी की वजह से पाँच दिन नहीं खेल पाते, तो यह न्यायसंगत नहीं है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि टीमें इस नियम को सकारात्मक नज़रिए से अपनाएंगी।

ICC का फैसला — क्या है नया नियम

ICC ने अपनी बोर्ड मीटिंग में यह ट्रायल मंजूर किया है। इसके तहत यदि किसी टेस्ट मैच में खराब रोशनी की आशंका हो, तो दोनों टीमों की आपसी सहमति से मैच शुरू होने से पहले ही लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद चुनी जा सकती है। यह व्यवस्था खेल के अधिकतम ओवर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाई गई है।

गौरतलब है कि अब तक गुलाबी गेंद का इस्तेमाल केवल डे-नाइट टेस्ट में होता था, जो मुख्यतः ऑस्ट्रेलिया में खेले जाते हैं। यह पहली बार है जब इसे खराब रोशनी जैसी परिस्थितियों में दिन के टेस्ट में भी लागू करने की अनुमति दी गई है।

टेस्ट क्रिकेट पर असर

यह बदलाव उन टेस्ट मैचों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है जो बादलों से ढके मैदानों पर खेले जाते हैं — जैसे इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के कुछ केंद्र। आलोचकों का कहना है कि मैच के बीच में गेंद बदलने से बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों दोनों को अनुकूलन की चुनौती आ सकती है, लेकिन समर्थकों का तर्क है कि यह टेस्ट क्रिकेट को अधिक निर्णायक और दर्शक-अनुकूल बनाएगा।

भारत-अफगानिस्तान टेस्ट का संदर्भ

यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय टीम शनिवार से अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच खेलने उतरने वाली है। आईपीएल 2026 के समाप्त होने के बाद यह भारत का पहला टेस्ट है, और गंभीर के लिए यह कोचिंग के नज़रिए से अपनी टीम को नए ICC नियमों के प्रति तैयार करने का अवसर भी है।

आगे देखें तो ICC का यह ट्रायल टेस्ट क्रिकेट की प्रकृति को कैसे प्रभावित करता है, यह आने वाले सत्रों में स्पष्ट होगा — खासकर जब पहली बार किसी अहम श्रृंखला में गुलाबी गेंद का यह प्रावधान लागू होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — 'दोनों टीमों की सहमति' की शर्त व्यावहारिक रूप से कितनी सुगम होगी, यह देखना बाकी है। गंभीर का WTC का तर्क मज़बूत है, पर आलोचक यह भी पूछेंगे कि क्या मैच के ठीक पहले गेंद बदलने का फैसला खेल की निष्पक्षता पर असर डाल सकता है। मुख्यधारा की कवरेज इस नियम को केवल 'सुविधा' के रूप में पेश कर रही है, जबकि यह टेस्ट क्रिकेट की उस बुनियादी पहचान को भी चुनौती देता है जहाँ मौसम और परिस्थितियाँ खेल का हिस्सा मानी जाती थीं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ICC ने गुलाबी गेंद ट्रायल को क्यों मंजूरी दी?
ICC ने यह ट्रायल इसलिए मंजूर किया ताकि खराब रोशनी की वजह से टेस्ट मैच में खेल का नुकसान कम किया जा सके। दोनों टीमों की आपसी सहमति से मैच शुरू होने से पहले लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद चुनी जा सकेगी।
गौतम गंभीर ने इस फैसले पर क्या कहा?
गौतम गंभीर ने इस फैसले का पूरी तरह समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जैसे अहम मौके पर खराब रोशनी की वजह से नतीजा नहीं निकलता, तो यह खिलाड़ियों की दो साल की मेहनत के साथ अन्याय होगा।
गुलाबी गेंद पहले कहाँ इस्तेमाल होती थी?
अब तक गुलाबी गेंद केवल डे-नाइट टेस्ट मैचों में इस्तेमाल होती थी, जो मुख्यतः ऑस्ट्रेलिया में खेले जाते हैं। यह पहली बार है जब इसे खराब रोशनी की स्थिति में दिन के टेस्ट में भी लागू करने की अनुमति दी गई है।
क्या यह नियम सभी टेस्ट मैचों में अनिवार्य होगा?
नहीं, यह नियम अनिवार्य नहीं है। यह दोनों टीमों की पूर्व सहमति पर निर्भर करेगा और फिलहाल ट्रायल के रूप में लागू किया गया है।
भारत का अगला टेस्ट मैच कब और किसके खिलाफ है?
भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार से अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच खेलेगी। यह आईपीएल 2026 के बाद भारत का पहला टेस्ट मुकाबला है।
राष्ट्र प्रेस
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