15 वर्षीय इनारा मेहता ने एफईआई वर्ल्ड ड्रेसेज चैलेंज 2025 में अद्वितीय वैश्विक रैंकिंग प्राप्त की
सारांश
Key Takeaways
- इनारा मेहता ने एफईआई वर्ल्ड ड्रेसेज चैलेंज 2025 में शानदार प्रदर्शन किया।
- उन्होंने 69.875%25 स्कोर के साथ यूथ कैटेगरी में स्थान प्राप्त किया।
- उनका घोड़ा दाशा डीलक्स उनके साथ इस प्रतियोगिता में था।
- उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया।
- यह उपलब्धि युवा खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।
मुंबई, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतर्राष्ट्रीय घुड़सवारी खेल महासंघ ने एफईआई वर्ल्ड ड्रेसेज चैलेंज (डब्ल्यूडीसी) 2025 के लिए अपनी रैंकिंग की आधिकारिक घोषणा की है। इस रैंकिंग में भारत की युवा घुड़सवार प्रतिभा इनारा मेहता लुथरिया ने वैश्विक स्तर पर एक अद्भुत प्रदर्शन किया है।
15 वर्षीय इस घुड़सवार ने मुंबई के एमेच्योर राइडर्स क्लब का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने घोड़े दाशा डीलक्स के साथ मुकाबला किया और यूथ कैटेगरी (12–16 वर्ष) में 69.875 प्रतिशत का शानदार स्कोर हासिल किया। इनाारा ने भारत में नंबर 1 रैंक, एफईआई जोन 9 (जिसमें भारत, सिंगापुर, फिलीपींस, न्यूजीलैंड, हांगकांग और चीन शामिल हैं) में नंबर 1 रैंक और वैश्विक स्तर पर शानदार नंबर 6 रैंक प्राप्त की।
इनाारा को गौरव पुंडीर, मिराया आर. दादाभोय और समन्ना एवेरा टी के साथ टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी चुना गया था। टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एफईआई जोन 9 में नंबर 1 और वैश्विक स्तर पर नंबर 7 रैंक हासिल की। एफईआई वर्ल्ड ड्रेसेज चैलेंज एक अनोखी वैश्विक पहल है जो दुनिया भर में ड्रेसेज को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इस प्रारूप के तहत, अंतरराष्ट्रीय जज पूरे साल भाग लेने वाले देशों में घूमकर स्थानीय स्तर पर राइडर्स का मूल्यांकन करते हैं, जिससे आंकने का एक निष्पक्ष और समान मानक सुनिश्चित होता है। घोड़ों और राइडर्स को अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। 2024 में भारत का मूल्यांकन बेलारूस की नतालिया रुबाशको ने किया था।
इनाारा मेहता लुथरिया हिलस्प्रिंग इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा हैं। अपनी उपलब्धि पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं अपने माता-पिता और कोच हृदय छेड़ा का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने हमेशा मेरा समर्थन किया और इस यात्रा में मेरी मदद की। मेरे घोड़े, दाशा डीलक्स और मेरे बीच एक मजबूत रिश्ता बन गया है, जिसने मेरे अनुभव को और भी बेहतर बनाया।"
यह अद्भुत उपलब्धि वैश्विक स्तर पर भारतीय घुड़सवारी प्रतिभा के बढ़ते महत्व को दिखाती है और इस खेल में देश की निरंतर प्रगति को दर्शाती है। 1942 में स्थापित एमेच्योर राइडर्स क्लब (एआरसी) मुंबई, भारत के महालक्ष्मी रेस कोर्स में स्थित सबसे पुराने और बड़े निजी नागरिक घुड़सवारी क्लबों में से एक है। यह क्लब अपने सदस्यों के साथ-साथ गैर-सदस्यों को भी पूरे साल घुड़सवारी की सुविधा प्रदान करता है। यह क्लब घुड़सवारी के सभी खेलों जैसे पोलो, शो जंपिंग और ड्रेसेज में पेशेवर प्रशिक्षण देता है और यहाँ लगभग 150 घोड़े भी रखे जाते हैं। पिछले 84 से अधिक वर्षों से यह क्लब घुड़सवारी के खेल के विकास में एक प्रमुख शक्ति रहा है।