भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज: शुभमन गिल की कप्तानी में 15 सदस्यीय स्क्वाड घोषित, जडेजा की वापसी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 28 जुलाई को श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय स्क्वाड की घोषणा की। शुभमन गिल की अगुवाई में यह टीम पहले 7 अगस्त से कोलंबो में चार दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी, और फिर मुख्य सीरीज में उतरेगी।
स्क्वाड में कौन-कौन शामिल
घोषित टीम में युवा खिलाड़ियों का वर्चस्व है। शुभमन गिल को कप्तान और केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है। ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल विकेटकीपर की भूमिका निभाएंगे। तेज गेंदबाजी की कमान जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा के हाथों में होगी।
पूरा स्क्वाड: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।
जडेजा की बहुप्रतीक्षित वापसी
सबसे चर्चित नाम अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का है, जिन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 26 नवंबर 2026 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्हें वनडे टीम में भी जगह नहीं मिली थी। लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी श्रीलंका की स्पिन-अनुकूल पिचों पर भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
सारांश जैन को पहला मौका
33 वर्षीय ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट स्क्वाड में स्थान मिला है। घरेलू क्रिकेट में लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन के दम पर उन्होंने यह जगह हासिल की है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सारांश के नाम 188 विकेट और 2,223 रन दर्ज हैं, जिसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं।
उपलब्धता पर संशय
BCCI ने स्पष्ट किया है कि जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन फिटनेस क्लीयरेंस मिलने के बाद ही टीम में शामिल हो पाएंगे। वहीं, ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट मैच में उपलब्ध नहीं रहेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में अपनी स्पिन रणनीति को धार देने की कोशिश में है।
सीरीज का कार्यक्रम
पहला टेस्ट मैच 15 से 19 अगस्त के बीच गाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त के बीच सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड (SSC), कोलंबो में आयोजित होगा। गौरतलब है कि श्रीलंका की पिचें ऐतिहासिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल रही हैं, जिससे जडेजा और कुलदीप की जोड़ी की भूमिका और अहम हो जाती है।