फीफा विश्व कप 2026: ईरान कोच आमिर घालेनोई ने यात्रा व्यवस्था पर उठाए सवाल, 'बहुत ज़्यादा उड़ानें, थक गई है टीम'
सारांश
मुख्य बातें
ईरान फुटबॉल टीम के मुख्य कोच आमिर घालेनोई ने फीफा विश्व कप 2026 के दौरान अपनी टीम को दी गई यात्रा व्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मेक्सिको और अमेरिका के बीच लगातार आने-जाने से टीम पर शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का दबाव बढ़ रहा है, जो टूर्नामेंट के इस अहम चरण में उनकी तैयारियों को प्रभावित कर रहा है।
क्या है यात्रा विवाद
ईरानी टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान मेक्सिको में अपना बेस कैंप बनाए हुए है। हर मैच से महज एक दिन पहले टीम अमेरिका पहुँचती है और मैच खत्म होते ही उसे वापस मेक्सिको लौटना पड़ता है। 63 वर्षीय कोच घालेनोई ने सवाल उठाया कि पहले दो मैचों के लिए भी टीम को पहले आने की अनुमति क्यों नहीं दी गई।
घालेनोई ने कहा, 'मुझे लगता है — हम बहुत ज़्यादा उड़ानें ले रहे हैं, आ-जा रहे हैं, लगातार यात्रा की वजह से हम थक गए हैं। यह हमें मानसिक तौर पर प्रभावित कर रहा है। तकनीकी तौर पर भी हमें मुश्किल हो रही है।'
आयोजकों का आश्वासन
बेल्जियम के खिलाफ होने वाले अहम मैच से पहले घालेनोई ने बताया कि टूर्नामेंट के आयोजकों ने संकेत दिया है कि 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ आखिरी ग्रुप-स्टेज मैच के लिए ज़्यादा लचीलापन दिखाया जाएगा। हालाँकि, कोच का सवाल यह है कि यह सुविधा पहले क्यों नहीं दी गई।
ग्रुप जी में मौजूदा स्थिति
ग्रुप जी में ईरान ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अपना पहला मैच 2-2 से ड्रॉ खेला। वहीं, बेल्जियम और मिस्र का मुकाबला भी 1-1 से बराबरी पर रहा। इस स्थिति में ग्रुप की सभी चार टीमें अभी भी नॉकआउट राउंड में जगह बनाने की दौड़ में बनी हुई हैं।
बेल्जियम के खिलाफ जीत ईरान की दूसरे दौर में पहुँचने की संभावना को काफी मज़बूत कर सकती है। दूसरी ओर, ड्रॉ या हार की स्थिति में टीम पर 26 जून के सिएटल मुकाबले से पहले दबाव और बढ़ेगा।
आगे क्या होगा
ईरान के लिए अगले दोनों मैच निर्णायक हैं। यदि आयोजक सिएटल मैच के लिए पहले पहुँचने की अनुमति देते हैं, तो यह टीम को बेहतर तैयारी का मौका देगा। गौरतलब है कि इस तरह की यात्रा-संबंधी शिकायतें फीफा विश्व कप 2026 के व्यापक आयोजन पर भी सवाल उठाती हैं, जो पहली बार तीन देशों — अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको — में एक साथ हो रहा है।