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एसएसकेएम अस्पताल में नकली ओपीडी टिकट रैकेट का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

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एसएसकेएम अस्पताल में नकली ओपीडी टिकट रैकेट का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

सारांश

कोलकाता के एसएसकेएम सरकारी अस्पताल में नकली ओपीडी टिकट बेचने का रैकेट उजागर हुआ है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की है। मरीजों के परिजनों को लाइन से बचाने का झाँसा देकर ये लोग अतिरिक्त वसूली करते थे — अब जाँच यह तय करेगी कि रैकेट कितना बड़ा है।

मुख्य बातें

कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में नकली ओपीडी टिकट बेचने का रैकेट उजागर हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान असद अली , मोहम्मद शाहिद और वहीद अहमद के रूप में हुई।
आरोप है कि ये लोग लंबी लाइनों का फायदा उठाकर मरीजों के परिजनों को तय दर से अधिक कीमत पर नकली टिकट बेचते थे।
सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में मदद मिली।
भवानीपुर पुलिस स्टेशन ने जाँच शुरू की; पुलिस यह पता लगा रही है कि रैकेट में अस्पताल के अंदर के लोग भी शामिल हैं या नहीं।

कोलकाता के प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल एसएसकेएम (SSKM) में मरीजों और उनके परिजनों को नकली ओपीडी टिकट बेचने के आरोप में 24 सितंबर 2026 को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। भवानीपुर पुलिस स्टेशन ने यह कार्रवाई उन शिकायतों के आधार पर की, जिनमें आरोप था कि कुछ लोग असली टिकट जैसे दिखने वाले जाली टिकट बनाकर तय दर से अधिक कीमत पर बेच रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान असद अली, मोहम्मद शाहिद और वहीद अहमद के रूप में हुई है। ये कथित तौर पर एक संगठित रैकेट का हिस्सा थे जो अस्पताल के ओपीडी टिकट काउंटर पर लगने वाली लंबी कतारों का फायदा उठाते थे। मरीजों के रिश्तेदारों को जल्दी टिकट दिलाने का प्रलोभन देकर ये लोग अतिरिक्त रकम वसूलते थे।

रैकेट का तरीका

आरोप है कि संदिग्ध अस्पताल परिसर के बाहर संभावित खरीदारों की पहचान करते थे और उन्हें लंबी लाइनों से राहत दिलाने का लालच देकर नकली टिकट थमा देते थे। कोलकाता पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जाँचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये नकली टिकट कैसे बनाए जाते थे, यह रैकेट कितने समय से चल रहा था और इसमें और कोई शामिल है या नहीं।

अधिकारी ने कहा, 'हम एसएसकेएम की इस घटना में गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि वे नकली ओपीडी टिकट कैसे बनाते थे।' जाँचकर्ता सरकारी अस्पतालों में बड़ी गड़बड़ियों, भ्रष्टाचार और दलाली की गतिविधियों के अन्य आरोपों की भी समानांतर जाँच कर रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता

पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए अस्पताल परिसर और आस-पास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जाँच की। कई कैमरों की रिकॉर्डिंग के विश्लेषण से आरोपियों की पहचान करने और उन्हें दबोचने में पुलिस को निर्णायक मदद मिली। यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दलाली और अनियमितताओं को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

अस्पताल प्रशासन और पुलिस की भूमिका

एसएसकेएम अस्पताल प्रशासन की ओर से कुछ समय पहले ही ओपीडी टिकट जारी करने में अनियमितता की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर भवानीपुर पुलिस स्टेशन ने जाँच शुरू की और अंततः तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि एसएसकेएम कोलकाता का एक प्रमुख सरकारी रेफरल अस्पताल है, जहाँ पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से गरीब और जरूरतमंद मरीज इलाज के लिए आते हैं।

आगे की जाँच

तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस रैकेट के तार अस्पताल के अंदर किसी कर्मचारी से भी जुड़े हैं। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और गिरफ्तारियों की संभावना पर स्पष्टता आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक टिकट प्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी नहीं बनाया जाता, ऐसे रैकेट पनपते रहेंगे।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसएसकेएम अस्पताल में नकली ओपीडी टिकट रैकेट क्या है?
कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में कथित तौर पर तीन लोग असली जैसे दिखने वाले नकली ओपीडी टिकट बनाकर मरीजों के परिजनों को अधिक दाम पर बेच रहे थे। ये लोग ओपीडी काउंटर की लंबी कतारों का फायदा उठाकर जल्दी टिकट दिलाने का प्रलोभन देते थे।
इस मामले में किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने असद अली, मोहम्मद शाहिद और वहीद अहमद को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ जारी है और जाँच में रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश भी की जा रही है।
पुलिस ने इन्हें कैसे पकड़ा?
अस्पताल परिसर और आस-पास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। अस्पताल प्रशासन की शिकायत के बाद भवानीपुर पुलिस स्टेशन ने जाँच शुरू की थी।
क्या इस रैकेट में अस्पताल का कोई कर्मचारी भी शामिल है?
अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कोलकाता पुलिस का इंटेलिजेंस विभाग यह जाँच कर रहा है कि रैकेट के तार अस्पताल के भीतर किसी तक भी पहुँचते हैं या नहीं।
एसएसकेएम अस्पताल में यह समस्या कब से चल रही थी?
पुलिस के अनुसार ओपीडी टिकट जारी करने में अनियमितता की शिकायतें कुछ समय से मिल रही थीं। रैकेट कितने समय से सक्रिय था, यह जाँच का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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