गुजरात नकली प्लाज्मा रैकेट: तीन और गिरफ्तार, कुल 7 आरोपी; पाँच राज्यों में जाँच का दायरा बढ़ा
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने 9 जुलाई 2026 को कथित नकली प्लाज्मा रैकेट में तीन और संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या सात हो गई है। जाँचकर्ताओं ने अंतरराज्यीय आपूर्ति श्रृंखला में मिलावटी प्लाज्मा की आवाजाही का पता लगाने के बाद जाँच का दायरा महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश तक विस्तारित कर दिया है।
नई गिरफ्तारियाँ और आरोपियों की पहचान
नवीनतम गिरफ्तारियों में अहमदाबाद जिले के बावला निवासी 33 वर्षीय अजीत सोलंकी और महाराष्ट्र के ब्लड बैंक संचालक प्रकाश सांगले तथा अशोक सांगले शामिल हैं। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के अनुसार, ये तीनों कथित तौर पर दवा कंपनियों के लिए निर्धारित असली प्लाज्मा के स्थान पर मिलावटी प्लाज्मा के परिवहन, प्राप्ति और वितरण में शामिल थे।
इससे पहले पुलिस कथित मुख्य साजिशकर्ता दिनेश चौधरी को जितेंद्र सोलंकी, रफीक खलीफा और मोहन गायकवाड़ के साथ गिरफ्तार कर चुकी थी।
मामले का खुलासा कैसे हुआ
पुलिस के अनुसार, इस कांड का भंडाफोड़ सबसे पहले पिछले महीने चांगोदर स्थित एक दवा कंपनी की शिकायत से हुआ। कंपनी ने आरोप लगाया था कि ब्लड बैंकों से भेजी गई प्लाज्मा खेपों के साथ उनके संयंत्र तक पहुँचने से पहले ही छेड़छाड़ की जा चुकी थी। अधिकारियों का आरोप है कि चौधरी ने प्लाज्मा संग्रह और परिवहन प्रक्रिया की अपनी जानकारी का दुरुपयोग करते हुए असली प्लाज्मा को मिलावटी पदार्थ से बदला।
आपूर्ति श्रृंखला और मिलावट का तरीका
जाँच में सामने आया है कि अजीत सोलंकी शिकायतकर्ता कंपनी के पिकअप वाहन का उपयोग करके राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से प्लाज्मा खेपों का परिवहन करता था। कथित तौर पर उसने मार्च और अप्रैल के दौरान चौधरी को प्लाज्मा के 12 बक्से की आपूर्ति की। SOG के अनुसार, चौधरी ने मोहन गायकवाड़ से अनुपयोगी प्लाज्मा प्राप्त किया था, जिसने इसे महाराष्ट्र के एक ब्लड बैंक के माध्यम से हासिल किया था। ब्लड बैंकों से एकत्र असली प्लाज्मा को कथित तौर पर निकालकर उसमें मिलावटी पदार्थ मिलाया जाता था और फिर वह आगे भेज दिया जाता था।
पुलिस ने लगभग ₹25 लाख मूल्य का पिकअप वाहन जब्त किया है।
महाराष्ट्र और बेंगलुरु कनेक्शन
पुलिस का आरोप है कि महाराष्ट्र के वाशिम जिले में ब्लड बैंक संचालित करने वाले प्रकाश सांगले और अशोक सांगले ने मिलावटी प्लाज्मा को बेंगलुरु की एक अन्य दवा कंपनी तक पहुँचाने में मदद की। उस कंपनी की जाँच अभी जारी है।
आगे क्या होगा
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में रक्त और प्लाज्मा आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पाँच राज्यों में फैली इस जाँच के और व्यापक होने की संभावना है, क्योंकि बेंगलुरु स्थित दवा कंपनी से जुड़े तार अभी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, रैकेट में और भी संदिग्धों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।