लखनऊ में केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी अस्पताल से चार दलाल गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- चार दलाल गिरफ्तार हुए हैं।
- पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
- दलाल मरीजों को गुमराह करते थे।
- इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।
- पुलिस कार्रवाई जारी है।
लखनऊ, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के लारी कार्डियोलॉजी अस्पताल में वजीरगंज थाना पुलिस ने एक छापे के दौरान चार दलालों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार दलालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वजीरगंज पुलिस के अनुसार, अस्पताल में दलालों की सक्रियता की शिकायतें मिलने पर एक पुलिस टीम का गठन किया गया था।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने बताया कि सोमवार को वजीरगंज थाना के सब इंस्पेक्टर प्रदीप नागर अपने सहयोगियों के साथ गश्त पर थे। जब वे लॉरी अस्पताल के ओपीडी के निकट पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि कुछ लोग मरीजों के परिजनों के साथ दवाइयों की खरीदारी को लेकर विवाद कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर मौजूद मुस्तकीम खान, शहजान, साकिब और मोहम्मद अफजल को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उग्र होकर मारपीट करने की कोशिश की।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने मुस्तकीम खान (25), मोहम्मद अफजल (22), शहजान (20) और शाकिब (19) को मौके से गिरफ्तार कर लिया। ये सभी आरोपी ठाकुरगंज क्षेत्र के निवासी हैं। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू की जा रही है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे लारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को गुमराह कर निजी अस्पताल में भर्ती कराते हैं, जिसके लिए उन्हें निजी अस्पताल के संचालकों से अच्छा कमीशन मिलता है। गिरफ्तार आरोपी तीमारदारों पर निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए भी दबाव डालते हैं। इस समय पुलिस आरोपियों से उनके नेटवर्क के बारे में गहराई से पूछताछ कर रही है।
यह मामला पहला नहीं है; इससे पहले भी केजीएमयू में बाहरी दवाओं की बिक्री को लेकर दलालों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद दलालों का नेटवर्क सक्रिय है, जो गरीब और कमजोर लोगों को अक्सर निशाना बनाता है। ये दलाल आम नागरिकों की तरह अस्पताल में घूमते रहते हैं और मरीजों एवं उनके परिजनों की गतिविधियों पर नज़र रखते हैं, जिनका मनोबल टूटा हुआ होता है।