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कोलकाता: कैमैक स्ट्रीट केस में गिरफ्तार तौकीर आलम पर हिरासत यातना का आरोप, SSKM में भर्ती

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कोलकाता: कैमैक स्ट्रीट केस में गिरफ्तार तौकीर आलम पर हिरासत यातना का आरोप, SSKM में भर्ती

सारांश

कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट मामले में गिरफ्तार 13 में से एक आरोपी मोहम्मद तौकीर आलम के साथ शेक्सपियर सरणी थाने में कथित यातना का आरोप लगा है। सिर पर चार टांके और SSKM में भर्ती — मानवाधिकार आयोगों को शिकायत भेजी गई, पुलिस की चुप्पी जारी।

मुख्य बातें

मोहम्मद तौकीर आलम को 28 अगस्त को कोलकाता पुलिस की एंटी राउडी सेक्शन ने कथित तौर पर गिरफ्तार किया।
आरोप है कि शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में हिरासत के दौरान उन्हें प्रताड़ित किया गया, जिससे सिर पर चार टांके लगाने पड़े।
उन्हें इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कैमैक स्ट्रीट मामले में केस नंबर 146/2026 के तहत कुल 13 लोग गिरफ्तार किए गए थे।
अधिवक्ता अरका कुमार नाग के अनुसार, दर्ज धाराएँ सभी सात वर्ष से कम सज़ा वाले अपराधों से संबंधित हैं।
कोलकाता पुलिस ने अब तक आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट मामले में गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद तौकीर आलम के साथ पुलिस हिरासत में कथित यातना का गंभीर मामला सामने आया है। 1 सितंबर 2026 को इस संबंध में कोलकाता पुलिस को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसकी प्रति मानवाधिकार आयोगों को भी भेजी गई है।

गिरफ्तारी और कथित यातना का घटनाक्रम

शिकायत के अनुसार, मोहम्मद तौकीर आलम को 28 अगस्त को कोलकाता पुलिस की एंटी राउडी सेक्शन ने कथित तौर पर अवैध तरीके से गिरफ्तार किया। आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में हिरासत के दौरान प्रताड़ित किया गया।

तौकीर आलम के भाई का आरोप है कि हिरासत में हुई कथित मारपीट के कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते चार टांके लगाने पड़े। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मामले की कानूनी पृष्ठभूमि

अधिवक्ता अरका कुमार नाग के अनुसार, कैमैक स्ट्रीट प्रकरण में शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में केस नंबर 146/2026 दर्ज किया गया था, जिसके तहत घटनास्थल से कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने दावा किया कि जिन धाराओं के तहत यह मामला दर्ज हुआ है, वे सभी सात वर्ष से कम की सज़ा वाले अपराधों से संबंधित हैं।

अधिवक्ता का यह भी आरोप है कि 28 अगस्त को की गई अतिरिक्त गिरफ्तारी में गिरफ्तार व्यक्ति को कथित हिरासत यातना के कारण एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

शिकायत में क्या माँगें रखी गई हैं

दर्ज शिकायत में तीन प्रमुख माँगें रखी गई हैं — इस पूरे मामले की स्वतंत्र जाँच, शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखना, और संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड का संरक्षण। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पुलिस हिरासत में मौत और उत्पीड़न के मामलों पर मानवाधिकार निकाय सक्रिय हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया

अब तक कोलकाता पुलिस की ओर से हिरासत में यातना के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मानवाधिकार आयोगों को शिकायत की प्रति भेजे जाने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है।

आगे क्या होगा

मानवाधिकार आयोगों द्वारा संज्ञान लिए जाने की स्थिति में कोलकाता पुलिस को जवाब देना होगा। सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिकॉर्ड इस मामले में निर्णायक साक्ष्य बन सकते हैं। आरोपों की सत्यता की पुष्टि स्वतंत्र जाँच के बाद ही हो सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि मानवाधिकार आयोग समयबद्ध तरीके से संज्ञान लेते हैं या नहीं। कोलकाता पुलिस की चुप्पी अभी तक संदेह को और गहरा करती है। गौरतलब है कि जिन धाराओं में यह मामला दर्ज है, वे अपेक्षाकृत कम गंभीर अपराधों से जुड़ी हैं — ऐसे में हिरासत में कथित बल-प्रयोग की ज़रूरत पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता कैमैक स्ट्रीट मामला क्या है?
कैमैक स्ट्रीट मामले में कोलकाता पुलिस ने शेक्सपियर सरणी थाने में केस नंबर 146/2026 दर्ज किया और घटनास्थल से कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया। अधिवक्ता अरका कुमार नाग के अनुसार, दर्ज धाराएँ सात वर्ष से कम सज़ा वाले अपराधों से संबंधित हैं।
मोहम्मद तौकीर आलम के साथ हिरासत में क्या हुआ?
आरोप है कि 28 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में हिरासत के दौरान तौकीर आलम को कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया। उनके भाई के अनुसार, मारपीट से सिर पर गंभीर चोट आई, चार टांके लगे और उन्हें एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
इस मामले में शिकायत किसे और किसने भेजी?
शिकायत कोलकाता पुलिस को भेजी गई है और इसकी प्रति मानवाधिकार आयोगों को भी दी गई है। अधिवक्ता अरका कुमार नाग इस शिकायत से जुड़े हैं और उन्होंने मामले का विवरण सार्वजनिक किया है।
शिकायत में क्या माँगें की गई हैं?
शिकायत में तीन प्रमुख माँगें हैं — मामले की स्वतंत्र जाँच, शेक्सपियर सरणी थाने के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखना, और तौकीर आलम के मेडिकल रिकॉर्ड का संरक्षण।
कोलकाता पुलिस ने इन आरोपों पर क्या कहा?
1 सितंबर 2026 तक कोलकाता पुलिस की ओर से हिरासत में यातना के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जाँच और मानवाधिकार आयोगों की कार्रवाई का इंतज़ार है।
राष्ट्र प्रेस
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