26 जुलाई 2026
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कोलकाता नीट हिंसा: तीन और गिरफ्तार, कुल आरोपियों की संख्या 14 हुई; 70 की पहचान

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कोलकाता नीट हिंसा: तीन और गिरफ्तार, कुल आरोपियों की संख्या 14 हुई; 70 की पहचान

सारांश

कोलकाता में नीट मुद्दे पर हुई रैली के दौरान पुलिसकर्मियों और पत्रकारों पर हमले के मामले में तीन और गिरफ्तारियाँ हुईं — कुल 14 आरोपी हिरासत में, 70 की पहचान। मुख्यमंत्री ने नए सार्वजनिक सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई का ऐलान किया।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल पुलिस ने 26 जुलाई 2026 को तीन नए आरोपियों — शाहबाज खान , शेख मुहम्मद सलमान हुसैन और मुहम्मद जहीरुद्दीन — को गिरफ्तार किया।
कोलकाता नीट हिंसा में कुल गिरफ्तारियाँ अब 14 हो गई हैं; पुलिस ने 70 संदिग्धों की पहचान की है।
हिंसा 24 जुलाई को CJP और वामपंथी छात्र-युवा संगठनों की संयुक्त रैली के दौरान भड़की थी।
इस मामले में 7 एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें पुलिस का एक सुओ मोटो मामला भी शामिल है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026' के तहत दोषियों पर कार्रवाई की घोषणा की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किसी भी आरोपी का नीट परीक्षा से कोई सीधा संबंध नहीं है।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने 26 जुलाई 2026 को कोलकाता में नीट मुद्दे पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और पत्रकारों पर हमले की घटनाओं के सिलसिले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 14 हो गई है। इससे पहले 11 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका था।

नई गिरफ्तारियाँ: कौन हैं आरोपी

अधिकारियों के अनुसार, कोलकाता पुलिस ने देर रात छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान शाहबाज खान, शेख मुहम्मद सलमान हुसैन और मुहम्मद जहीरुद्दीन के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक गिरफ्तार 14 आरोपियों में से कोई भी छात्र नहीं है और न ही उनका नीट परीक्षा के परिणामों से कोई सीधा संबंध पाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

24 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न वामपंथी दलों के छात्र एवं युवा संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित रैली के दौरान हिंसा भड़की थी। इस हिंसा में पुलिसकर्मियों और मीडियाकर्मियों पर हमले हुए। पुलिस ने अब तक रैली के दौरान हिंसा में शामिल 70 लोगों की पहचान कर ली है। घटना के संदर्भ में सात एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें शहर पुलिस की ओर से दर्ज एक 'सुओ मोटो' मामला भी सम्मिलित है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को विधानसभा में आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान हुए हमलों के लिए कोलकाता के राजाबाजार, किडरपोर, पार्क सर्कस, गार्डन रीच और इकबालपुर जैसे इलाकों के असामाजिक तत्व जिम्मेदार थे। उनका दावा है कि इन तत्वों का उद्देश्य पुलिस को बल प्रयोग के लिए उकसाना था, ताकि तनाव को और भड़काया जा सके।

नए कानून के तहत कार्रवाई

मुख्यमंत्री अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नवनिर्मित 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026' के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अधिनियम में हिंसक और असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस की जाँच जारी है और शेष चिह्नित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन की आँच तेज़ है, और पश्चिम बंगाल में इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसमें पुलिस के अनुसार एक भी गिरफ्तार आरोपी वास्तविक छात्र नहीं है। यह सवाल उठाता है कि क्या प्रदर्शन का मूल एजेंडा छात्र-हित था या इसे किसी और उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया गया। नए सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम का पहली बार संभावित उपयोग राज्य सरकार की मंशा स्पष्ट करता है, लेकिन नागरिक स्वतंत्रता की दृष्टि से इस कानून की व्यापकता पर बहस अभी शुरू ही हुई है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता नीट हिंसा में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
26 जुलाई 2026 तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से 11 को पहले हिरासत में लिया गया था और तीन नई गिरफ्तारियाँ देर रात की कार्रवाई में हुईं।
कोलकाता में नीट प्रदर्शन के दौरान हिंसा कब और कैसे हुई?
24 जुलाई 2026 को CJP और वामपंथी छात्र-युवा संगठनों की संयुक्त रैली के दौरान हिंसा भड़की, जिसमें पुलिसकर्मियों और पत्रकारों पर हमले किए गए। इस घटना में 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
क्या गिरफ्तार आरोपी नीट परीक्षार्थी हैं?
नहीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक गिरफ्तार 14 आरोपियों में से कोई भी छात्र नहीं है और उनका नीट परीक्षा के परिणामों से कोई संबंध नहीं पाया गया है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दोषियों के लिए क्या कार्रवाई की घोषणा की?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में कहा कि दोषियों पर नवनिर्मित 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026' के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें हिंसक गतिविधियों के लिए सख्त दंड का प्रावधान है।
पुलिस ने हिंसा के लिए किन इलाकों के लोगों को जिम्मेदार बताया?
मुख्यमंत्री अधिकारी के दावे के अनुसार, कोलकाता के राजाबाजार, किडरपोर, पार्क सर्कस, गार्डन रीच और इकबालपुर इलाकों के असामाजिक तत्व इस हिंसा में शामिल थे। उनका कथित उद्देश्य पुलिस को बल प्रयोग के लिए उकसाकर तनाव बढ़ाना था।
राष्ट्र प्रेस
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