हॉकी में जम्मू-कश्मीर के युवा लिखेंगे नया इतिहास: एलजी मनोज सिन्हा का अल्फा टूर्नामेंट में आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 11 जून 2026 को श्रीनगर में अल्फा हॉकी इंटर स्कूल टूर्नामेंट के समापन समारोह में कहा कि केंद्रशासित प्रदेश के युवा खिलाड़ी भारत के हॉकी के स्वर्णिम इतिहास को एक बार फिर वर्तमान बनाने की क्षमता रखते हैं। घाटी के 32 स्कूलों के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने इस टूर्नामेंट को महज एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं की पहचान का मंच बताया।
टूर्नामेंट का महत्व और एलजी का संदेश
मनोज सिन्हा ने कहा, 'घाटी के कोने-कोने के 32 स्कूलों से आए प्रतिभागी यहां एकत्रित हुए थे। विजेता टीम के साथ अन्य टीमों के खिलाड़ियों को भी मैं शुभकामनाएं देता हूं। सभी टीमें एक बड़े उद्देश्य के लिए यहां एकत्रित हुई थीं।' उन्होंने बादल हॉकी क्लब, जम्मू-कश्मीर खेल विभाग और जम्मू-कश्मीर खेल काउंसिल के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, 'जिस नौजवान के जीवन में उद्देश्य हो, उसकी ऊर्जा रचनात्मक दिशा में प्रवाहित होती है। हमारे नौजवानों की क्षमता अथाह है।' सिन्हा ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर का राष्ट्र निर्माण में योगदान किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश से कम नहीं होना चाहिए।
बुनियादी ढाँचे में निवेश और नई सुविधाएँ
एलजी सिन्हा ने बताया कि यूटी में हॉकी को और लोकप्रिय बनाने के लिए श्रीनगर और जम्मू में हॉकी टर्फ का निर्माण कार्य जारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ट्रेनिंग, कोचिंग, कैंप, जिला एवं यूटी स्तर की प्रतियोगिताओं और प्रतिभा ओरिएंटेशन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के निरंतर प्रयासों और संरचनात्मक निवेश की बदौलत क्षेत्र में हॉकी की लोकप्रियता बढ़ी है। सीमावर्ती क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए भी नए अवसर प्रदान किए गए हैं।
भारत के हॉकी गौरव से जोड़ा संकल्प
सिन्हा ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा, 'भारत का हॉकी में गौरवशाली इतिहास रहा है। ओलंपिक में भारत ने हॉकी में 8 स्वर्ण पदक जीते हैं।' उन्होंने इच्छा जताई कि भविष्य में जम्मू-कश्मीर से बड़े हॉकी खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरें। गौरतलब है कि भारत का हॉकी में यह स्वर्णिम दौर मुख्यतः 1928 से 1980 के बीच रहा, जब देश ने लगातार ओलंपिक पदक जीते।
युवाओं के लिए आगे की राह
एलजी ने खिलाड़ियों को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'आप यहां किसी संयोग से नहीं पहुंचे हैं। आपके कोच ने आपमें कुछ विशेष देखा होगा।' उन्होंने भावी टूर्नामेंटों में पूरी ताकत से खेलने और साथी खिलाड़ियों के श्रेष्ठ गुण अपनाने की प्रेरणा दी। यह टूर्नामेंट स्कूल स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों के लिए मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।