जम्मू-कश्मीर को मिला पहला NCOE, अवंतीपोरा में बनेगा विश्वस्तरीय खेल केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में पहले नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE) को स्वीकृति दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले पर उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने 25 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त किया। यह केंद्र हाई-एल्टीट्यूड खेलों के लिए देश का प्रमुख राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र बनेगा और हजारों युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग उपलब्ध कराएगा।
एलजी सिन्हा ने क्या कहा
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने अवंतीपोरा, पुलवामा में जम्मू-कश्मीर के पहले नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मंजूरी दी है।' उन्होंने आगे कहा कि यह केंद्र हाई-एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स और विभिन्न एथलेटिक प्रतियोगिताओं के लिए एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र के रूप में कार्य करेगा तथा हजारों युवाओं को विभिन्न खेलों में दक्ष बनाएगा।
NCOE में क्या-क्या सुविधाएँ होंगी
सिन्हा के अनुसार, NCOE परिसर में अत्याधुनिक सुविधाओं का व्यापक जाल बिछाया जाएगा। इनमें एथलेटिक्स ट्रैक, इनडोर कोर्ट, फुटबॉल टर्फ, हॉकी टर्फ, कबड्डी और खो-खो कोर्ट, शूटिंग रेंज, स्विमिंग पूल, ताइक्वांडो हॉल, इंटीग्रेटेड स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग और रिहैब कॉम्प्लेक्स, हॉस्टल, खेल विज्ञान केंद्र तथा खेल चिकित्सा केंद्र शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सेंटर केंद्र शासित प्रदेश में विश्व-स्तरीय बुनियादी ढाँचा और एलीट कोचिंग लाएगा तथा ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय चैंपियनों की अगली पीढ़ी तैयार करेगा।
जम्मू-कश्मीर की खेल प्रगति
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर पिछले कुछ वर्षों में खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय रूप से उभरा है। इस क्षेत्र ने क्रिकेट में इतिहास रचते हुए कर्नाटक जैसी मजबूत टीम को हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी जीती — जो घरेलू क्रिकेट की सर्वोच्च प्रतियोगिता है। इसके अलावा हॉकी, वुशू, फुटबॉल, विंटर गेम्स और जल क्रीड़ाओं में भी जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
केंद्र का योगदान और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। NCOE की स्थापना से इस केंद्र शासित प्रदेश के एथलीटों को अब प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-एल्टीट्यूड प्रशिक्षण की प्राकृतिक भौगोलिक अनुकूलता के साथ यह केंद्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर के खेल परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है।