28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जम्मू-कश्मीर को मिला पहला एनसीओई, नुजहत गुल ने पीएम मोदी का जताया आभार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जम्मू-कश्मीर को मिला पहला एनसीओई, नुजहत गुल ने पीएम मोदी का जताया आभार

सारांश

जम्मू-कश्मीर को पहले एनसीओई की मंजूरी मिलना महज एक प्रशासनिक निर्णय नहीं — यह केंद्र शासित प्रदेश के खेल परिदृश्य में संरचनात्मक बदलाव की शुरुआत है। विंटर स्पोर्ट्स से आगे बढ़कर सभी खेलों में राष्ट्रीय पहचान बनाने की महत्वाकांक्षा अब एक ठोस ढाँचे के साथ आगे बढ़ेगी।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पहले नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई) को मंजूरी दी।
स्पोर्ट्स काउंसिल सचिव नुजहत गुल ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया, इसे खिलाड़ियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
एनसीओई से खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण , वैज्ञानिक कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ मिलेंगी।
2021 से सचिव पद पर नुजहत गुल ने ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रशिक्षण विस्तार और महिला खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान दिया।
जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी विंटर स्पोर्ट्स , फुटबॉल , बॉक्सिंग , कुश्ती सहित कई खेलों में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पदक जीत रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव नुजहत गुल ने 28 जून 2026 को केंद्र सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेश के पहले नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई) की स्थापना को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया।

एनसीओई से क्या बदलेगा

नुजहत गुल ने कहा, 'हम जम्मू-कश्मीर के लिए पहले एनसीओई को मंजूरी देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के बहुत शुक्रगुजार हैं, जो यहाँ पेशेवर खेलों में बहुत बड़ा योगदान देगा।' उनके अनुसार, यह केंद्र खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएँ और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का अवसर देगा। उनका लक्ष्य जम्मू-कश्मीर को केवल विंटर स्पोर्ट्स तक सीमित न रखते हुए सभी खेलों में देश के अग्रणी केंद्रों में शामिल करना है।

ज़मीनी स्तर पर खेल विकास की दिशा

स्पोर्ट्स काउंसिल की ओर से बताया गया कि बच्चों और युवाओं को वैज्ञानिक पद्धति से प्रशिक्षण, बेहतर कोचिंग और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नुजहत गुल के अनुसार, खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं — ये रोज़गार, पर्यटन और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का भी सशक्त माध्यम हैं।

नुजहत गुल का कार्यकाल और उपलब्धियाँ

2021 में स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव बनने के बाद नुजहत गुल ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शहरी क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों तक विस्तारित किया। स्पोर्ट्स काउंसिल की पहली महिला सचिव के रूप में उन्होंने महिला खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने और उनके लिए सुरक्षित खेल माहौल तैयार करने पर विशेष ज़ोर दिया। उनके कार्यकाल में कई स्टेडियम, इंडोर हॉल, खेलो इंडिया कोचिंग सेंटर और खेल मैदानों का विकास किया गया, जिन्हें आम नागरिकों के लिए भी खोला गया।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में जम्मू-कश्मीर की बढ़ती पहचान

नुजहत गुल की अगुवाई में जम्मू-कश्मीर ने गुलमर्ग में आयोजित खेलो इंडिया विंटर गेम्स, राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप और कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी की है। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी विंटर स्पोर्ट्स, फुटबॉल, एथलेटिक्स, क्रिकेट, बॉक्सिंग, कुश्ती, फेंसिंग, ताइक्वांडो, जूडो और मार्शल आर्ट्स सहित अनेक खेलों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रहे हैं। पहले एनसीओई की स्थापना इस यात्रा को और गति देने की उम्मीद जगाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा इसके क्रियान्वयन की होगी — खासकर तब, जब केंद्र शासित प्रदेश का खेल बजट और बुनियादी ढाँचा अभी भी कई मुख्य राज्यों से पीछे है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय मंचों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहे हैं, जो दर्शाता है कि प्रतिभा की कमी नहीं, सुविधाओं की कमी रही है। एनसीओई केवल अभिजात वर्ग के खिलाड़ियों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से प्रतिभाओं को फीडर पाइपलाइन से जोड़े — यही इस निवेश की दीर्घकालिक सफलता की कसौटी होगी।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर का पहला एनसीओई क्या है?
नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई) एक उच्च-स्तरीय खेल प्रशिक्षण केंद्र है, जिसे केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में पहली बार स्थापित करने की मंजूरी दी है। यह केंद्र खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएँ, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का अवसर देगा।
नुजहत गुल कौन हैं और जम्मू-कश्मीर खेलों में उनकी भूमिका क्या है?
नुजहत गुल जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव हैं और 2021 से इस पद पर हैं। वे स्पोर्ट्स काउंसिल की पहली महिला सचिव हैं, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रशिक्षण विस्तार और महिला खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एनसीओई से जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों को क्या फायदा होगा?
एनसीओई से खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के अवसर मिलेंगे। इससे जम्मू-कश्मीर को केवल विंटर स्पोर्ट्स तक नहीं, बल्कि सभी खेलों में देश के अग्रणी केंद्रों में शामिल करने का लक्ष्य पूरा होगा।
जम्मू-कश्मीर में खेलो इंडिया का क्या योगदान रहा है?
जम्मू-कश्मीर में खेलो इंडिया कोचिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं और गुलमर्ग में खेलो इंडिया विंटर गेम्स का सफल आयोजन किया गया है। इन पहलों से ग्रामीण और दूर-दराज के बच्चों को भी बेहतर कोचिंग और प्रतियोगिताओं का मौका मिला है।
जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी किन खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं?
वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी विंटर स्पोर्ट्स, फुटबॉल, एथलेटिक्स, क्रिकेट, बॉक्सिंग, कुश्ती, फेंसिंग, ताइक्वांडो, जूडो और मार्शल आर्ट्स सहित कई खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले