जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने रणजी चैंपियन जीत के बाद पीयूष गोयल को जीआई-टैग विलो बैट भेंट किया

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जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने रणजी चैंपियन जीत के बाद पीयूष गोयल को जीआई-टैग विलो बैट भेंट किया

सारांश

67 साल का इंतज़ार खत्म। जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी जीती, और कप्तान पारस डोगरा की टीम के खिलाड़ियों के हस्ताक्षर वाला जीआई-टैग विलो बैट पीयूष गोयल को भेंट किया। अब्दुल समद के 748 रन और आकिब नबी डार की 60 विकेटों की गेंदबाजी ने इस ऐतिहासिक जीत को संभव बनाया।

Key Takeaways

  • जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता, 67 साल का सूखा खत्म किया।
  • फाइनल में कर्नाटक के विरुद्ध ड्रॉ के साथ जीत; पहली पारी में 584 रन बनाए।
  • अब्दुल समद टूर्नामेंट के शीर्ष रन स्कोरर — 748 रन, 1 शतक और 5 अर्धशतक
  • आकिब नबी डार ने पूरे टूर्नामेंट में 60 विकेट लिए, फाइनल में 5 विकेट
  • कप्तान पारस डोगरा ने 10 मुकाबलों में 637 रन, 49.53 की औसत से बनाए।

नई दिल्ली, 28 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने वाली जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने पीयूष गोयल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री से एक ऐतिहासिक मुलाकात की। इस भेंट के अवसर पर टीम ने केंद्रीय मंत्री को जीआई-टैग विलो बैट उपहार में दिया, जिस पर टीम के सभी खिलाड़ियों के हस्ताक्षर थे। मंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में इस उपहार को जम्मू-कश्मीर की कारीगरी और क्रिकेटीय प्रतिभा का प्रतीक बताया।

67 साल का सूखा तोड़ा

पारस डोगरा की कप्तानी में जम्मू-कश्मीर ने 67 वर्षों का इंतज़ार समाप्त करते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। कर्नाटक के विरुद्ध फाइनल मुकाबला ड्रॉ में समाप्त होने के साथ ही टीम के लिए यह ऐतिहासिक क्षण आया। पहली पारी में 584 रन बनाकर जम्मू-कश्मीर ने मजबूत आधार तैयार किया, जबकि कर्नाटक केवल 293 रन तक सीमित रहा।

प्रमुख खिलाड़ियों का योगदान

फाइनल में शुभम पुंडीर ने 121 रन की शानदार पारी खेली, जिसने जम्मू-कश्मीर के पहली पारी के स्कोर को मजबूती दी। यावर हसन ने 88 रन का योगदान दिया, जबकि साहिल लोत्रा ने 72 रन बनाए। दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर ने 4 विकेट पर 342 रन बनाए, जिससे पहली पारी की 291 रनों की बढ़त के कारण टीम खिताब जीतने में कामयाब रही।

गेंदबाजी का प्रभावशाली प्रदर्शन

तेज गेंदबाज़ आकिब नबी डार ने जम्मू-कश्मीर के पहली रणजी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फाइनल में उन्होंने 5 विकेट लिए, और पूरे टूर्नामेंट में 60 विकेट चटकाकर अपनी गेंदबाजी का दबदबा बनाए रखा। यह प्रदर्शन टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली गेंदबाज़ी का संकेत था।

बल्लेबाजी में शीर्ष प्रदर्शन

कप्तान पारस डोगरा ने 10 मुकाबलों में 637 रन बनाए, जिसमें 49.53 की औसत थी। हालांकि, टूर्नामेंट के सर्वोच्च रन स्कोरर अब्दुल समद रहे, जिन्होंने 10 खेलों में 748 रन बनाए। उनके स्कोरकार्ड में 1 शतक और 5 अर्धशतक शामिल थे, जो उनके सुसंगत बल्लेबाजी का प्रमाण था।

ऐतिहासिक महत्व

यह जीत क्षेत्र के क्रिकेट इतिहास में एक जलप्रवाह क्षण है। जम्मू-कश्मीर की टीम ने न केवल अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित की। मंत्री गोयल की ओर से इस उपहार को स्वीकार करना सरकार की ओर से इस उपलब्धि को मान्यता देने का संकेत है।

Point of View

विशेषकर जब क्षेत्र को पिछले दशकों में विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, खेल की एकीकारी शक्ति को दर्शाता है। पीयूष गोयल द्वारा इस जीत को स्वीकार करना सरकारी स्तर पर इस उपलब्धि को वैध मानने का संकेत है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या यह जीत क्षेत्र में खेल के बुनियादी ढाँचे में दीर्घकालिक निवेश को प्रेरित करेगी, या यह एक अलग-थलग पल बना रहेगा। अब्दुल समद और आकिब नबी डार जैसी प्रतिभाओं को उच्च स्तर पर अवसर मिलना इसी पर निर्भर करेगा।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी कब जीती?
जम्मू-कश्मीर ने हाल ही में अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता, जिससे 67 साल का सूखा समाप्त हुआ। फाइनल में कर्नाटक के विरुद्ध ड्रॉ के साथ जीत हासिल की।
रणजी फाइनल में जम्मू-कश्मीर का स्कोर क्या था?
फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाए, जबकि कर्नाटक 293 रन तक सीमित रहा। दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर ने 4 विकेट पर 342 रन बनाए।
अब्दुल समद ने रणजी में कितने रन बनाए?
अब्दुल समद टूर्नामेंट के सर्वोच्च रन स्कोरर रहे। उन्होंने 10 मुकाबलों में 748 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 5 अर्धशतक शामिल थे।
आकिब नबी डार ने कुल कितने विकेट लिए?
आकिब नबी डार ने पूरे रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट में 60 विकेट लिए। फाइनल में ही उन्होंने 5 विकेट निकाले, जो जम्मू-कश्मीर की जीत में महत्वपूर्ण साबित हुए।
पीयूष गोयल को क्या भेंट किया गया?
जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम ने पीयूष गोयल को एक जीआई-टैग विलो बैट भेंट किया, जिस पर टीम के सभी खिलाड़ियों के हस्ताक्षर थे। यह बैट जम्मू-कश्मीर की कारीगरी और क्रिकेटीय उपलब्धि का प्रतीक था।
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