एशियन गेम्स 2026: जापान का क्रिकेट मॉडल उभरते देशों के लिए 'ब्लूप्रिंट' — अभिराम सिंह यादव
सारांश
मुख्य बातें
पर्सातुआन क्रिकेट इंडोनेशिया के चेयरमैन अभिराम सिंह यादव ने कहा है कि जापान ने एशियन गेम्स 2026 के मौके का उपयोग कर क्रिकेट के लिए जो माहौल तैयार किया, वह उभरते क्रिकेट राष्ट्रों के लिए एक व्यावहारिक 'ब्लूप्रिंट' है। उनके अनुसार, बड़े मल्टी स्पोर्ट इवेंट्स को महज प्रतिस्पर्धा तक सीमित रखने की बजाय दीर्घकालिक खेल विकास के अवसर में बदला जा सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में संपन्न एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट मुकाबलों में भारत ने पुरुष और महिला, दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक बरकरार रखे। पाकिस्तान ने पुरुषों का रजत और महिलाओं का कांस्य पदक जीता, जबकि श्रीलंका ने महिलाओं का रजत और पुरुषों का कांस्य पदक अपने नाम किया।
आईसीसी की चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटी (सीईसी) में तीन एसोसिएट सदस्यों में से एक, अभिराम ने रविवार को कहा, "भारत को शानदार डबल गोल्ड के लिए और पाकिस्तान व श्रीलंका को उनके पदक अभियान के लिए बधाई। यह मुकाबला क्रिकेट के लिए अहम था, लेकिन खेलों के दौरान जो कुछ हुआ, उससे भी कई सबक मिलते हैं।"
जापान का क्रिकेट मॉडल क्या है
एशियन गेम्स से पहले, जापान ने सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर पुरुषों के टी20 विश्व चैंपियन भारत की मेजबानी की थी। बारिश से प्रभावित उस पाँच पाँच ओवरों के मैच में मेजबान टीम ऐतिहासिक उलटफेर से महज दो रन दूर रह गई। इस मुकाबले को देखने रिकॉर्ड 2,149 दर्शक पहुँचे, जो जापान में किसी क्रिकेट मैच की अब तक की सर्वाधिक उपस्थिति थी। टिकट बिक्री शुरू होने के कुछ ही घंटों में समाप्त हो गए थे।
अभिराम ने इसे एक बहुआयामी सफलता करार दिया। उनके शब्दों में, "एशियन गेम्स, इंटरनेशनल क्रिकेट, सुविधाएँ, स्पॉन्सर, सरकार के साथ संबंध, मीडिया और कम्युनिटी से जुड़ाव — इन सभी को अलग अलग नहीं देखा गया। इन सभी ने मिलकर खेल के लिए एक बड़ा मौका बनाया।"
समावेशिता पर ज़ोर
अभिराम ने क्रिकेट के वैश्विक विस्तार में एकतरफापन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "हम मजबूत देशों से हमारे लिए दरवाजे खोलने के लिए नहीं कह सकते और फिर जब हम खुद मजबूत हो जाएँ, तो दूसरों के लिए दरवाजे बंद कर दें। मौकों की एक श्रृंखला होनी चाहिए।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि रैंकिंग प्रणाली को देशों के बीच खेल की दीवार नहीं बनने देनी चाहिए। उनके अनुसार, फुल मेंबर्स को एसोसिएट्स के साथ, मजबूत एसोसिएट्स को विकासशील एसोसिएट्स के साथ और विकासशील देशों को खुद बेहतर मेजबान बनने की दिशा में काम करना चाहिए।
2028 ओलंपिक और आगे की राह
गौरतलब है कि क्रिकेट 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक का हिस्सा होगा, जो इस खेल के वैश्विक विस्तार के लिए अब तक का सबसे बड़ा मंच होगा। इस पृष्ठभूमि में अभिराम ने फुल मेंबर और एसोसिएट देशों के बीच अधिक से अधिक मैच कराने की वकालत की।
उन्होंने कहा, "जब एशियन गेम्स, आईसीसी टूर्नामेंट, कोई रीजनल कॉम्पिटिशन या कोई अन्य अंतरराष्ट्रीय टीम हमारे देश के करीब आती है, तो हमें पूछना चाहिए: हम इस पल से और क्या बना सकते हैं? इसी तरह क्रिकेट असल में ग्लोबल बनता है।"
यह ऐसे समय में आया है जब आईसीसी चेयरमैन जय शाह लगातार क्रिकेट को अधिक समावेशी बनाने और नए देशों तक ले जाने की बात करते रहे हैं। अभिराम ने कहा कि तारीफ की बात यह है कि वह दृष्टिकोण अब ज़मीन पर साकार होता दिख रहा है।