2 अगस्त 2026
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फीफा वर्ल्ड कप 2026: जापान-नीदरलैंड्स 2-2 ड्रॉ पर कोच मोरियासु बोले — आत्मविश्वास मिला, पर जीत न मिलने का मलाल

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फीफा वर्ल्ड कप 2026: जापान-नीदरलैंड्स 2-2 ड्रॉ पर कोच मोरियासु बोले — आत्मविश्वास मिला, पर जीत न मिलने का मलाल

सारांश

दो बार पिछड़कर भी बराबरी करने वाले जापान ने डलास में नीदरलैंड्स को चौंकाया। कोच मोरियासु के लिए यह 2-2 सिर्फ एक अंक नहीं — यह वर्ल्ड कप 2026 में जापानी फुटबॉल की बढ़ती साख का संकेत है, हालांकि जीत से चूकने का मलाल भी साफ़ दिखा।

मुख्य बातें

जापान और नीदरलैंड्स के बीच 15 जून 2026 को डलास में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप एफ मुकाबले में 2-2 की बराबरी रही।
जापान ने मैच में दो बार पिछड़ने के बावजूद वापसी की और 1 अंक हासिल किया।
कोच हाजिमे मोरियासु ने कहा कि यह प्वाइंट 'एक प्वाइंट से कहीं ज़्यादा कीमती' है।
नीदरलैंड्स कोच रोनाल्ड कोमैन ने जापान की रक्षात्मक रणनीति की तारीफ की, लेकिन अपनी टीम की चूक भी स्वीकार की।
दोनों टीमें ग्रुप एफ में 1-1 अंक के साथ अगले मुकाबलों की ओर बढ़ेंगी।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप एफ के उद्घाटन मुकाबले में जापान ने 15 जून 2026 को डलास, अमेरिका में नीदरलैंड्स के खिलाफ 2-2 की बराबरी हासिल की। दो बार पिछड़ने के बावजूद वापसी करने वाली जापानी टीम के मुख्य कोच हाजिमे मोरियासु ने कहा कि यह परिणाम टीम का आत्मविश्वास बढ़ाएगा, हालांकि जीत से चूकने का अफसोस भी बना रहेगा।

मुख्य घटनाक्रम

जापान इस मैच में दो बार पीछे हुआ, लेकिन हर बार उसने स्कोर बराबर किया और अंततः 1 अंक अपने खाते में जोड़ा। यह प्रदर्शन इसलिए भी उल्लेखनीय रहा क्योंकि नीदरलैंड्स को टूर्नामेंट के प्रबल दावेदारों में गिना जाता है। गौरतलब है कि जापान ने इस मैच में अपनी सामान्य आक्रामक शैली से हटकर अधिक रक्षात्मक रणनीति अपनाई।

कोच मोरियासु की प्रतिक्रिया

मोरियासु ने कहा, "मैं सिर्फ एक प्वाइंट से खुश नहीं हूँ, लेकिन मेरा मानना है कि यह प्वाइंट एक प्वाइंट से कहीं ज़्यादा कीमती है। खिलाड़ियों ने हमारे गेम प्लान को अच्छी तरह लागू किया और दबाव में भी दमदार प्रदर्शन किया। दो बार वापसी करने से हमें बहुत आत्मविश्वास मिला है।"

उन्होंने टीम की जुझारू भावना की सराहना करते हुए कहा, "नीदरलैंड्स एक बेहद मज़बूत टीम है। हमारे खिलाड़ी पूरे मैच में एकजुट रहे, उन्होंने शानदार संघर्ष और लड़ने का जज़्बा दिखाया। हम जीत हासिल नहीं कर पाने से निराश ज़रूर हैं, लेकिन यह मुकाबला हमें आगे के मुकाबलों के लिए काफी आत्मविश्वास और सीख देगा।"

जापानी फुटबॉल का बढ़ता कद

मोरियासु ने बताया कि जापान दुनिया की शीर्ष टीमों से लगातार सीख रहा है। यूरोप के बड़े क्लबों और लीगों में खेलने वाले जापानी खिलाड़ियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मज़बूत हो रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जापान में युवा खिलाड़ियों के विकास और कोचिंग ढाँचे पर निरंतर काम जारी है।

नीदरलैंड्स कोच कोमैन का नज़रिया

नीदरलैंड्स के कोच रोनाल्ड कोमैन ने कहा कि वह 2-2 के परिणाम को स्वीकार करते हैं, लेकिन उनकी टीम महत्वपूर्ण मौकों का बेहतर फायदा उठा सकती थी। उन्होंने कहा, "जापान ने भी अच्छे मौके बनाए। यह दोनों टीमों के बीच उच्च स्तर का मुकाबला था।"

कोमैन ने स्वीकार किया कि जापान की रक्षात्मक रणनीति ने उनकी टीम के आक्रमण को सीमित किया। उन्होंने कहा, "आमतौर पर जापान आगे आकर दबाव बनाता है, लेकिन इस मैच में उन्होंने ज़्यादा पीछे रहकर डिफेंस किया, जिससे उनके डिफेंस को तोड़ना आसान नहीं था।" कोमैन ने जापान के बराबरी के गोल पर अपनी टीम की रक्षात्मक चूक की भी आलोचना की।

उन्होंने अंत में कहा, "जापान को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। हमने दो बार बढ़त हासिल की थी और जीतना चाहते थे, लेकिन जापान ने हार नहीं मानी — वे वास्तव में एक बहुत अच्छी टीम हैं।"

आगे क्या

ग्रुप एफ में 1-1 अंक के साथ दोनों टीमें अगले मुकाबलों की तैयारी में जुट जाएंगी। जापान के लिए यह ड्रॉ मनोबल की दृष्टि से अहम है, क्योंकि यह उनके वर्ल्ड कप अभियान का आत्मविश्वास-भरा आगाज़ साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बराबरी पर खेलने आता है। मोरियासु की रणनीतिक लचीलापन — सामान्य आक्रामकता छोड़कर रक्षात्मक ढाँचा अपनाना — दिखाती है कि जापान अब केवल जज़्बे पर नहीं, सामरिक परिपक्वता पर भी निर्भर है। हालांकि, असली सवाल यह है कि क्या यह अंक ग्रुप में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त साबित होगा, या जीत से चूकना अंततः महंगा पड़ेगा।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जापान और नीदरलैंड्स का मैच कैसा रहा?
15 जून 2026 को डलास में खेले गए ग्रुप एफ मुकाबले में जापान और नीदरलैंड्स के बीच 2-2 की बराबरी रही। जापान दो बार पिछड़ा लेकिन दोनों बार वापसी करने में सफल रहा।
कोच हाजिमे मोरियासु ने ड्रॉ पर क्या कहा?
मोरियासु ने कहा कि यह एक अंक 'एक प्वाइंट से कहीं ज़्यादा कीमती' है और दो बार वापसी करने से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। साथ ही उन्होंने माना कि जीत न मिलने का अफसोस भी है।
नीदरलैंड्स के कोच रोनाल्ड कोमैन ने जापान के बारे में क्या कहा?
कोमैन ने जापान की रक्षात्मक रणनीति और संघर्ष करने की क्षमता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जापान को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए और अपनी टीम की रक्षात्मक चूक को भी स्वीकार किया।
इस मैच में जापान की रणनीति क्या थी?
जापान ने अपनी सामान्य आक्रामक शैली से हटकर इस मैच में अधिक रक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाया। कोमैन के अनुसार, इससे नीदरलैंड्स को जापान के डिफेंस को तोड़ने में काफी कठिनाई हुई।
ग्रुप एफ में इस ड्रॉ के बाद दोनों टीमों की स्थिति क्या है?
2-2 ड्रॉ के बाद जापान और नीदरलैंड्स दोनों ग्रुप एफ में 1-1 अंक के साथ हैं। दोनों टीमें अब अपने अगले मुकाबलों में जीत की तलाश में होंगी।
राष्ट्र प्रेस
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