फीफा वर्ल्ड कप 2026: जापान-नीदरलैंड्स 2-2 ड्रॉ पर कोच मोरियासु बोले — आत्मविश्वास मिला, पर जीत न मिलने का मलाल
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप एफ के उद्घाटन मुकाबले में जापान ने 15 जून 2026 को डलास, अमेरिका में नीदरलैंड्स के खिलाफ 2-2 की बराबरी हासिल की। दो बार पिछड़ने के बावजूद वापसी करने वाली जापानी टीम के मुख्य कोच हाजिमे मोरियासु ने कहा कि यह परिणाम टीम का आत्मविश्वास बढ़ाएगा, हालांकि जीत से चूकने का अफसोस भी बना रहेगा।
मुख्य घटनाक्रम
जापान इस मैच में दो बार पीछे हुआ, लेकिन हर बार उसने स्कोर बराबर किया और अंततः 1 अंक अपने खाते में जोड़ा। यह प्रदर्शन इसलिए भी उल्लेखनीय रहा क्योंकि नीदरलैंड्स को टूर्नामेंट के प्रबल दावेदारों में गिना जाता है। गौरतलब है कि जापान ने इस मैच में अपनी सामान्य आक्रामक शैली से हटकर अधिक रक्षात्मक रणनीति अपनाई।
कोच मोरियासु की प्रतिक्रिया
मोरियासु ने कहा, "मैं सिर्फ एक प्वाइंट से खुश नहीं हूँ, लेकिन मेरा मानना है कि यह प्वाइंट एक प्वाइंट से कहीं ज़्यादा कीमती है। खिलाड़ियों ने हमारे गेम प्लान को अच्छी तरह लागू किया और दबाव में भी दमदार प्रदर्शन किया। दो बार वापसी करने से हमें बहुत आत्मविश्वास मिला है।"
उन्होंने टीम की जुझारू भावना की सराहना करते हुए कहा, "नीदरलैंड्स एक बेहद मज़बूत टीम है। हमारे खिलाड़ी पूरे मैच में एकजुट रहे, उन्होंने शानदार संघर्ष और लड़ने का जज़्बा दिखाया। हम जीत हासिल नहीं कर पाने से निराश ज़रूर हैं, लेकिन यह मुकाबला हमें आगे के मुकाबलों के लिए काफी आत्मविश्वास और सीख देगा।"
जापानी फुटबॉल का बढ़ता कद
मोरियासु ने बताया कि जापान दुनिया की शीर्ष टीमों से लगातार सीख रहा है। यूरोप के बड़े क्लबों और लीगों में खेलने वाले जापानी खिलाड़ियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मज़बूत हो रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जापान में युवा खिलाड़ियों के विकास और कोचिंग ढाँचे पर निरंतर काम जारी है।
नीदरलैंड्स कोच कोमैन का नज़रिया
नीदरलैंड्स के कोच रोनाल्ड कोमैन ने कहा कि वह 2-2 के परिणाम को स्वीकार करते हैं, लेकिन उनकी टीम महत्वपूर्ण मौकों का बेहतर फायदा उठा सकती थी। उन्होंने कहा, "जापान ने भी अच्छे मौके बनाए। यह दोनों टीमों के बीच उच्च स्तर का मुकाबला था।"
कोमैन ने स्वीकार किया कि जापान की रक्षात्मक रणनीति ने उनकी टीम के आक्रमण को सीमित किया। उन्होंने कहा, "आमतौर पर जापान आगे आकर दबाव बनाता है, लेकिन इस मैच में उन्होंने ज़्यादा पीछे रहकर डिफेंस किया, जिससे उनके डिफेंस को तोड़ना आसान नहीं था।" कोमैन ने जापान के बराबरी के गोल पर अपनी टीम की रक्षात्मक चूक की भी आलोचना की।
उन्होंने अंत में कहा, "जापान को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। हमने दो बार बढ़त हासिल की थी और जीतना चाहते थे, लेकिन जापान ने हार नहीं मानी — वे वास्तव में एक बहुत अच्छी टीम हैं।"
आगे क्या
ग्रुप एफ में 1-1 अंक के साथ दोनों टीमें अगले मुकाबलों की तैयारी में जुट जाएंगी। जापान के लिए यह ड्रॉ मनोबल की दृष्टि से अहम है, क्योंकि यह उनके वर्ल्ड कप अभियान का आत्मविश्वास-भरा आगाज़ साबित हो सकता है।