70वें नेशनल स्कूल गेम्स: जम्मू-कश्मीर ने वुशू-ताइक्वांडो में जीती ओवरऑल ट्रॉफी, 22 पदक हासिल किए
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को केंद्र शासित प्रदेश की वुशू और ताइक्वांडो टीमों को 70वें नेशनल स्कूल गेम्स में 'ओवरऑल टीम ट्रॉफी' जीतने पर बधाई दी। गांदरबल के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जम्मू-कश्मीर ने दोनों खेलों में मिलाकर कुल 22 पदक अपने नाम किए।
पदक तालिका का विवरण
ताइक्वांडो प्रतियोगिता 22 से 26 अक्टूबर के बीच आयोजित हुई, जिसमें जम्मू-कश्मीर की टीम ने 14 पदक — 4 स्वर्ण, 3 रजत और 7 कांस्य — जीतकर ओवरऑल ट्रॉफी अपने नाम की। वुशू प्रतियोगिता 15 से 19 अक्टूबर तक हुई, जिसमें टीम ने 8 पदक — 1 स्वर्ण, 2 रजत और 5 कांस्य — हासिल किए और उस खेल में भी ओवरऑल टीम ट्रॉफी जीती।
आयोजन की पृष्ठभूमि
70वें नेशनल स्कूल गेम्स का उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 15 अक्टूबर 2026 को किया था। इस आयोजन में 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,300 से अधिक युवा खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का आयोजन जम्मू-कश्मीर के युवा सेवा और खेल निदेशालय द्वारा स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) के तत्वावधान में किया गया।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
युवा खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ जम्मू-कश्मीर की बढ़ती खेल क्षमता और यहाँ के युवाओं के समर्पण व कड़ी मेहनत को दर्शाती हैं। उन्होंने पूरे जम्मू-कश्मीर में खेल बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने और उत्कृष्टता को प्रोत्साहन देने की सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
वुशू और ताइक्वांडो: खेलों की पहचान
वुशू एक चीनी मार्शल आर्ट है जिसके दो प्रमुख रूप हैं — ताओलू (फॉर्म्स), जो प्रदर्शन-आधारित खेल है और जिसमें कोरियोग्राफ किए गए सीक्वेंस, कलाबाजी, ऊंची किक और पारंपरिक हथियारों का उपयोग होता है; और सांडा (फ्री स्पैरिंग), जो एक फुल-कॉन्टैक्ट खेल है जिसमें मुक्के, किक और दाँव-पेच का इस्तेमाल किया जाता है। ताइक्वांडो एक कोरियाई मार्शल आर्ट और ओलंपिक खेल है, जो मुख्य रूप से तीव्र और गतिशील किकिंग तकनीकों के लिए जाना जाता है।
आगे की राह
इस सफलता के साथ जम्मू-कश्मीर की युवा खेल प्रतिभाएँ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। सरकार की खेल बुनियादी ढाँचे में निवेश की नीति यदि जारी रही, तो आने वाले वर्षों में इस केंद्र शासित प्रदेश से और अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उभरने की संभावना है।