जुगराज सिंह ने रॉटरडैम में पूरे किए 100 अंतरराष्ट्रीय मैच, हॉकी इंडिया ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के डिफेंडर और ड्रैग-फ्लिकर जुगराज सिंह ने 18 जून 2025 को रॉटरडैम, नीदरलैंड में जर्मनी के खिलाफ एफआईएच प्रो लीग मैच के दौरान अपना 100वाँ अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर एक यादगार मुकाम हासिल किया। हॉकी इंडिया ने इस उपलब्धि पर उन्हें औपचारिक रूप से बधाई दी और उनके समर्पण की सराहना की।
शतक का ऐतिहासिक पल
29 वर्षीय जुगराज ने यह मील का पत्थर नीदरलैंड की धरती पर छुआ, जो विश्व हॉकी का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। अमृतसर, पंजाब के रहने वाले इस खिलाड़ी ने 2022 में दक्षिण अफ्रीका में एफआईएच प्रो लीग मैचों के दौरान सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था। तीन वर्षों से कम समय में 100 मैचों का आँकड़ा छूना उनकी निरंतरता और राष्ट्रीय टीम में अपरिहार्य भूमिका को रेखांकित करता है।
हॉकी इंडिया अध्यक्ष और सेक्रेटरी जनरल की प्रतिक्रिया
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने जुगराज की उपलब्धि पर कहा, 'हॉकी इंडिया जुगराज को 100 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने की उपलब्धि पर बधाई देता है। अपने डेब्यू के बाद से उन्होंने शानदार तरक्की की है। पेनाल्टी-कॉर्नर को गोल में बदलने की जबरदस्त क्षमता और मजबूत डिफेंस उन्हें नेशनल टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी बनाती है। इस मुकाम तक पहुंचना खेल के प्रति उनकी कड़ी मेहनत और लगन को दिखाता है।'
हॉकी इंडिया के सेक्रेटरी जनरल भोला नाथ सिंह ने कहा, '100 मैच पूरे करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व का पल होता है। जुगराज ने पिछले चार वर्षों में जबरदस्त हिम्मत और तरक्की दिखाई है। उनका सफर पूरे भारत में कई युवा ड्रैग-फ्लिकर को प्रेरित करता है।'
जुगराज की प्रमुख उपलब्धियाँ
जुगराज भारत की कई ऐतिहासिक सफलताओं के साझीदार रहे हैं। वह राजगीर (बिहार) में आयोजित एशिया कप 2025 में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। इसके अलावा उनके नाम 2023 और 2024 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक तथा 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक भी दर्ज हैं। हॉकी जगत में उन्हें उनके खतरनाक ड्रैग-फ्लिक्स और सुदृढ़ डिफेंस के लिए विशेष पहचान मिली है।
जुगराज की अपनी जुबानी
इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए जुगराज सिंह ने कहा, 'भारत के लिए 100 इंटरनेशनल मैच खेलना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। नेशनल जर्सी पहनना मेरा जीवन भर का सपना रहा है। मैं अपने परिवार, हॉकी इंडिया, अपने कोच और साथियों का शुक्रगुज़ार हूँ जिन्होंने हमेशा मेरी काबिलियत पर भरोसा किया। मेरा लक्ष्य कड़ी मेहनत जारी रखना और टीम की सफलता में योगदान देना है। मैं जब तक हो सके भारत के लिए खेलना चाहता हूँ और देश के लिए और भी कई सम्मान जीतना चाहता हूँ।'
आगे की राह
एफआईएच प्रो लीग में जर्मनी के खिलाफ यह मुकाबला जुगराज के करियर के नए अध्याय की शुरुआत है। उनकी पेनाल्टी-कॉर्नर विशेषज्ञता और रक्षापंक्ति में योगदान को देखते हुए, आलोचक और प्रशंसक दोनों उनसे आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत की धुरी बने रहने की उम्मीद रखते हैं।