मिडफील्डर ज्योति के 100 अंतरराष्ट्रीय मैच: हॉकी इंडिया ने ऑकलैंड में सराहा ऐतिहासिक पड़ाव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला हॉकी टीम की मिडफील्डर ज्योति ने 16 जून 2026 को ऑकलैंड, न्यूजीलैंड में आयोजित एफआईएच विमेंस हॉकी नेशंस कप में जापान के विरुद्ध मैच के दौरान अपना 100वाँ अंतरराष्ट्रीय मैच पूरा किया। हॉकी इंडिया ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए इसे भारतीय महिला हॉकी के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया।
हॉकी इंडिया की प्रतिक्रिया
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, 'हॉकी इंडिया ज्योति को 100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करने की शानदार कामयाबी पर बधाई देता है। इस उपलब्धि तक पहुँचना उनके समर्पण, निरंतरता और वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। वह भारतीय महिला हॉकी टीम की एक अहम सदस्य रही हैं। उन्होंने जब भी देश का प्रतिनिधित्व किया है, हमेशा जबरदस्त प्रतिबद्धता दिखाई है। हमें उनकी कामयाबियों पर गर्व है और हम उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हैं।'
हॉकी इंडिया के सचिव जनरल भोला नाथ सिंह ने भी इस मौके पर कहा, '100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करना एक बड़ी कामयाबी है। यह ज्योति की खेल के प्रति लगन और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इतने वर्षों में उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में साबित किया है और भारतीय महिला हॉकी टीम के विकास में बड़ा योगदान दिया है। उनका सफर उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सबसे ऊँचे स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं।'
ज्योति की भावनाएँ
इस ऐतिहासिक पड़ाव पर ज्योति ने कहा, 'भारत का प्रतिनिधित्व करना हमेशा से मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। 100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करना मेरे लिए गर्व का पल है। मैं इसे हमेशा याद रखूँगी। मैं अपने परिवार, कोच, टीममेट्स और उन सभी को धन्यवाद देना चाहती हूँ जिन्होंने इस पूरे सफर में मेरा साथ दिया।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'हर बार जब मैं भारतीय जर्सी पहनती हूँ, तो यह मुझे देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करती है। इस सफर ने मुझे कीमती सबक सिखाए हैं और एक खिलाड़ी तथा एक इंसान के रूप में मुझे आगे बढ़ने में मदद की है।'
करियर की प्रमुख उपलब्धियाँ
हरियाणा की रहने वाली ज्योति ने 2019 में मलेशिया के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। मिडफील्ड में उनकी भूमिका भारतीय टीम के लिए निर्णायक रही है। वह 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं। इसके अलावा, रांची और राजगीर में आयोजित विमेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में उनका अहम योगदान रहा।
गौरतलब है कि ज्योति ने एफआईएच हॉकी प्रो लीग, एशिया कप और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला हॉकी टीम वैश्विक मंच पर लगातार अपनी पहचान मज़बूत कर रही है।
आगे की राह
ज्योति का यह मील का पत्थर न केवल उनकी व्यक्तिगत दृढ़ता का प्रमाण है, बल्कि यह भारतीय महिला हॉकी की बढ़ती गहराई और प्रतिभा पूल का भी संकेत है। उम्मीद है कि वह आने वाले टूर्नामेंटों में भी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।