यूपी टी20 लीग: काशी रुद्रास के कार्तिक यादव ने 12 मैचों में लिए 14 विकेट, जडेजा-पांड्या हैं प्रेरणास्रोत
सारांश
मुख्य बातें
यूपी टी20 लीग के एलिमिनेटर मुकाबले से पहले काशी रुद्रास के 19 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर कार्तिक यादव टीम की सबसे मज़बूत कड़ी बनकर उभरे हैं। रेगुलर सीजन में 12 मैचों में 14 विकेट, 6.29 की इकॉनमी और 15.29 के औसत के साथ कार्तिक ने काशी की प्लेऑफ यात्रा में अहम भूमिका निभाई है। दो बार की मौजूदा चैंपियन काशी रुद्रास अब नोएडा सुपर किंग्स के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में उतरने को तैयार है।
सीजन का सफर और वापसी की कहानी
काशी रुद्रास ने सीजन के बीच में लगातार चार मैच गंवाए, जिससे टीम का मनोबल डगमगा गया। हालांकि, टीम ने शानदार वापसी करते हुए 10 अंकों के साथ लीग स्टेज में तीसरा स्थान हासिल किया। यह काशी रुद्रास का लगातार चौथा सीजन है जब वे प्लेऑफ में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं।
कार्तिक ने इस दौर को याद करते हुए कहा, कप्तान करण शर्मा और हेड कोच ध्रुव सिंह ने ड्रेसिंग रूम में भरोसे का माहौल बनाए रखा। उनके अनुसार, 'हमें खुद पर और भगवान पर भरोसा था कि हम अच्छा खेलेंगे, वापसी करेंगे और प्लेऑफ में पहुंचेंगे।'
मैच जिताने वाला स्पेल और बॉलिंग फलसफा
टेबल-टॉपर मेरठ मावेरिक्स के खिलाफ कार्तिक ने 4 ओवर में सिर्फ 12 रन देकर 3 विकेट झटके और विपक्षी टीम को 119 रन पर ऑल-आउट कर दिया। इस सीजन में उनका सर्वश्रेष्ठ स्पेल 4 ओवर में 7 रन देकर 4 विकेट का रहा।
कार्तिक ने बताया, 'मेरा निजी नजरिया यह है कि मैं विकेट लेने के पीछे ज्यादा नहीं भागता। मैं अपनी टीम के लिए कम से कम रन देने या अधिक से अधिक रन बचाने की कोशिश करता हूं। जहां तक विकेट की बात है, तो वह मेरे हाथ में नहीं है।'
जडेजा और पांड्या से प्रेरणा
कार्तिक ने रवींद्र जडेजा और हार्दिक पांड्या को अपना प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा, 'जडेजा बाएं हाथ से स्पिन बॉलिंग और बैटिंग करते हैं, और उनकी फील्डिंग भी शानदार है। मैं उन्हें टीम के लिए तीनों विभागों में योगदान देने वाले खिलाड़ी के तौर पर देखता हूं, चाहे किसी भी फॉर्मेट में जरूरत हो।'
पांड्या के आत्मविश्वास की तारीफ करते हुए कार्तिक ने कहा, 'हालात चाहे कैसे भी हों, उन पर कोई दबाव नहीं होता। वे दबाव को अच्छे से संभालते हैं और उनके मन में यह बात होती है कि 'मैं सबसे अच्छा हूं'। यह नकारात्मक सोच नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच है।'
क्रिकेट की शुरुआत और कोच का अहम रोल
कार्तिक के करियर में निर्णायक मोड़ प्रयागराज के मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में आया, जब कोच अमित पाल ने उन्हें बल्ले की जगह गेंद थामने की सलाह दी। सीआरपीएफ अधिकारी के बेटे कार्तिक शुरुआत में बल्लेबाजी पर ध्यान देते थे, लेकिन कोच की सलाह के बाद उन्होंने स्पिन बॉलिंग अपनाई और फिर गाजियाबाद की एक क्रिकेट एकेडमी में अपनी कला को निखारा।
घरेलू क्रिकेट में भी कार्तिक ने अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए तमिलनाडु के खिलाफ डेब्यू मैच में 5 विकेट लिए। उनके अनुसार, 'इस उम्र में यह एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन मुझमें हमेशा ऊंचे स्तर पर और ज्यादा क्रिकेट खेलने की भूख रहेगी।'
काशी की बॉलिंग यूनिट और आगे की राह
काशी रुद्रास की बॉलिंग यूनिट सामूहिक प्रयास पर टिकी है। सीमर अटल बिहारी राय ने इस सीजन में 14 विकेट और दोनों हाथों से स्पिन करने वाले विजय यादव ने 13 विकेट लिए हैं। कार्तिक ने इसे 'बॉलिंग पार्टनरशिप' कहते हुए बताया कि जैसे बैटिंग में साझेदारी होती है, वैसे ही गेंदबाज भी मिलकर काम करते हैं।
नोएडा सुपर किंग्स के खिलाफ एलिमिनेटर को लेकर कार्तिक ने कहा, 'हम बस उसी तरह खेलते रहना चाहते हैं जैसे हम खेलते आए हैं, क्योंकि हम जानते हैं कि खिलाड़ी कौन हैं और वे क्या कर सकते हैं।' काशी रुद्रास का लक्ष्य लगातार तीसरी बार यूपी टी20 लीग का खिताब जीतना है।