28 जुलाई 2026
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कायला रेनेके: 'एक साल पहले विश्व कप का सपना भी नहीं था', मेहनत और फोकस को बताया सफलता का राज

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कायला रेनेके: 'एक साल पहले विश्व कप का सपना भी नहीं था', मेहनत और फोकस को बताया सफलता का राज

सारांश

एक अनजान फोन कॉल ने कायला रेनेके की जिंदगी बदल दी — और अब वह आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका की अहम हथियार हैं। 20 साल की यह ऑलराउंडर मेहनत, फोकस और उद्देश्यपूर्ण अभ्यास को अपनी सफलता का आधार मानती हैं।

मुख्य बातें

कायला रेनेके ने कहा कि एक साल पहले आईसीसी महिला टी20 विश्व कप खेलने की कल्पना भी नहीं थी।
राष्ट्रीय टीम में चयन पाकिस्तान सीरीज के लिए हुआ — खबर एक अनजान नंबर से कोच के फोन पर मिली।
रेनेके ने ग्रेड 10 में हॉकी और जैवलिन छोड़कर क्रिकेट को करियर के रूप में चुना; चोटों के कारण तेज गेंदबाजी से ऑफ स्पिन की ओर रुख किया।
अब तक 2 वनडे में 51 रन व 2 विकेट और 9 टी20 में 159 रन व 5 विकेट दर्ज।
कोच क्लेयर डे ब्लांच और दिनेश को सफलता का श्रेय; माता-पिता को बताया सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम।

दक्षिण अफ्रीका की 20 वर्षीय बल्लेबाजी ऑलराउंडर कायला रेनेके ने कहा है कि एक साल पहले उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि वह आईसीसी महिला टी20 विश्व कप जैसे बड़े मंच पर खेलती नज़र आएंगी। 12 जून से शुरू हो रहे इस विश्व कप में दक्षिण अफ्रीकी महिला टीम को प्रबल दावेदारों में गिना जा रहा है, और रेनेके इस टीम की उभरती हुई महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

अचानक आया राष्ट्रीय टीम का बुलावा

रेनेके ने बताया कि राष्ट्रीय टीम में चयन का पल उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण है। एक अनजान नंबर से फोन आया — वह नींद से उठी थीं और पूरी तरह तैयार भी नहीं थीं। फोन पर टीम के कोच थे, जिन्होंने सूचित किया कि उन्हें पाकिस्तान सीरीज के लिए दक्षिण अफ्रीकी टीम में चुना गया है। उन्होंने कहा, 'यदि एक साल पहले किसी ने कहा होता कि मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलूंगी और विश्व कप का हिस्सा बनूंगी, तो शायद मैं यकीन नहीं करती।' इससे पहले वह घरेलू क्रिकेट और हाई-परफॉर्मेंस कैंप पर ध्यान केंद्रित कर रही थीं।

दबाव में बड़े शॉट का रहस्य — जादू नहीं, अभ्यास

रेनेके के अनुसार, आखिरी गेंद पर छक्का लगाने का आत्मविश्वास किसी जादुई फॉर्मूले से नहीं, बल्कि उद्देश्यपूर्ण अभ्यास से आता है। उन्होंने कहा, 'अभ्यास के दौरान मैं खुद को लगातार दबाव वाली परिस्थितियों में रखती हूं। यदि मैच में आखिरी गेंद पर छह रन की जरूरत पड़ सकती है, तो नेट्स में भी उसी स्थिति का अभ्यास करती हूं।' उनका मानना है कि मानसिक मजबूती के लिए गेंद पर फोकस करना जरूरी है, परिणाम पर नहीं — यही सोच कठिन परिस्थितियों में काम आती है।

हॉकी और जैवलिन से क्रिकेट तक का सफर

रेनेके का खेल करियर बहुआयामी रहा है। स्कूल के दिनों में वह क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और जैवलिन थ्रो में भी सक्रिय थीं। जैवलिन में बार-बार चोट लगने के कारण उन्होंने ग्रेड 10 में क्रिकेट को अपने भविष्य के रूप में चुना। शुरुआत में वह तेज गेंदबाज थीं, लेकिन कमर पर दबाव के कारण एक दिन उन्होंने ऑफ स्पिन गेंदबाजी आज़माई — और उनके कोच को यह विचार पसंद आ गया। धीरे-धीरे ऑफ स्पिन उनकी पहचान बन गई।

कोचों और परिवार का अहम योगदान

रेनेके ने अपनी सफलता का श्रेय बचपन से साथ रही कोच क्लेयर डे ब्लांच और अंडर-19 स्तर पर मार्गदर्शन देने वाले कोच दिनेश को दिया। उन्होंने कहा कि दोनों कोच क्रिकेट की गहरी समझ रखते हैं और खिलाड़ियों को हमेशा बेहतर बनने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने माता-पिता को अपना सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम बताया — चाहे दिन कितना भी कठिन हो, वह उन्हें फोन कर अपने अनुभव साझा करती हैं।

टीम का माहौल और आंकड़े

रेनेके ने राष्ट्रीय टीम के सकारात्मक माहौल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों को बचपन से टीवी पर देखती आई थीं, उनके साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना किसी सपने के सच होने जैसा है। अब तक रेनेके ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 2 वनडे और 9 टी20 मैच खेले हैं। वनडे में उनके नाम 51 रन और 2 विकेट हैं, जबकि टी20 में 7 पारियों में 159 रन और 5 विकेट दर्ज हैं। विश्व कप उनके लिए खुद को और बड़े मंच पर साबित करने का मौका है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कायला रेनेके कौन हैं और वह किस टीम से खेलती हैं?
कायला रेनेके दक्षिण अफ्रीका की 20 वर्षीय बल्लेबाजी ऑलराउंडर हैं जो ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करती हैं। उन्होंने अब तक दक्षिण अफ्रीका के लिए 2 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।
कायला रेनेके का आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में क्या महत्व है?
रेनेके दक्षिण अफ्रीकी टीम की उभरती हुई महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं जिन्हें बल्लेबाजी और ऑफ स्पिन गेंदबाजी दोनों में योगदान के लिए जाना जाता है। दक्षिण अफ्रीका को इस विश्व कप में प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
कायला रेनेके ने क्रिकेट को अपना करियर कब और क्यों चुना?
रेनेके ने ग्रेड 10 में क्रिकेट को अपने भविष्य के रूप में चुना। इससे पहले वह हॉकी और जैवलिन थ्रो भी खेलती थीं, लेकिन जैवलिन में बार-बार चोट लगने के कारण उन्होंने क्रिकेट पर पूरा ध्यान केंद्रित किया।
रेनेके दबाव के क्षणों में इतनी शांत कैसे रहती हैं?
रेनेके के अनुसार, इसका कोई जादुई रहस्य नहीं है — वह अभ्यास के दौरान खुद को दबाव वाली परिस्थितियों में रखती हैं, जैसे नेट्स में आखिरी गेंद पर छक्के का अभ्यास। गेंद पर फोकस रखना और परिणाम की चिंता न करना उनकी मानसिक रणनीति है।
कायला रेनेके के करियर में किन कोचों का सबसे बड़ा योगदान रहा?
रेनेके ने बचपन से साथ रही कोच क्लेयर डे ब्लांच और अंडर-19 स्तर पर मार्गदर्शन देने वाले कोच दिनेश को अपनी सफलता का श्रेय दिया है। उनके अनुसार दोनों ने उनके खेल को निखारने में अहम भूमिका निभाई।
राष्ट्र प्रेस
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