क्या केंद्र सरकार ने खेल संगठनों के लिए नए नियम लागू किए हैं?

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क्या केंद्र सरकार ने खेल संगठनों के लिए नए नियम लागू किए हैं?

सारांश

केंद्र सरकार ने खेल संगठनों के लिए नए नियम लागू किए हैं, जो खिलाड़ियों को निर्णयों में स्थान देने, महासभा और कार्यकारी समिति की संरचना को स्पष्ट करने, और अयोग्य व्यक्तियों को रोकने के लिए दिशा निर्देश प्रदान करते हैं। जानें इन नए नियमों के बारे में अधिक जानकारी।

Key Takeaways

  • खेल संगठनों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।
  • खिलाड़ियों को निर्णय प्रक्रिया में स्थान मिलेगा।
  • महासभा में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व का प्रावधान।
  • अयोग्य व्यक्तियों की सदस्यता पर रोक।
  • खेल उपलब्धियों के स्तरीय मानदंड निर्धारित।

नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने खेल संगठनों के संचालन को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम बनाए हैं। इन नियमों के अनुसार, खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण निर्णयों में स्थान मिलेगा, महासभा और कार्यकारी समिति की संरचना स्पष्ट होगी, चुनाव की प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा और अयोग्य व्यक्तियों को सदस्यता से रोका जाएगा, जिससे खेल प्रशासन की क्षमता बढ़ेगी।

नियमों में राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल के लिए प्रावधान भी शामिल हैं और राष्ट्रीय खेल बोर्ड से संबंधित इकाइयों के पंजीकरण और अद्यतन की प्रक्रिया का विस्तृत वर्णन किया गया है।

इन नियमों के तहत, राष्ट्रीय खेल निकायों की महासभाओं में कम से कम 4 उत्कृष्ट खिलाड़ियों (एसओएम) को शामिल करने का प्रावधान है। महासभा में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए, नियमों में 50 प्रतिशत महिला एसओएम का प्रावधान किया गया है।

राष्ट्रीय खेल निकायों की कार्यकारी समिति में भी कम से कम 4 महिलाओं के प्रतिनिधित्व की आवश्यकता होगी, और हर राष्ट्रीय खेल निकाय को अपने उपनियमों के माध्यम से महिलाओं के लिए विशिष्ट पद आरक्षित करने का अधिकार दिया गया है, जैसा कि राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 में अनिवार्य किया गया है।

नियमों में महासभा और कार्यकारी समिति में एसओएम के प्रतिनिधित्व के लिए सामान्य पात्रता मानदंड और स्तरीय मानदंड भी निर्धारित किए गए हैं।

एसओएम बनने के लिए आवेदन करने वाले खिलाड़ी की उम्र कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए और उसे सक्रिय खेल से संन्यास लेना होगा। इसके अलावा, उसे आवेदन की तारीख से कम से कम एक वर्ष पहले किसी भी प्रमुख प्रतियोगिता में भाग नहीं लेना चाहिए।

नियमों में भारतीय खिलाड़ियों की खेल उपलब्धियों के स्तर के अनुसार एक स्तरीय मानदंड भी तैयार किया गया है।

इन मानदंडों में कुल 10 स्तर निर्धारित किए गए हैं, जो ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों, पैरालंपिक खेलों या शीतकालीन ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से लेकर राष्ट्रीय खेलों या राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों तक फैले हुए हैं।

नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल की सूची में हमेशा कम से कम 20 ऐसे सदस्य होने चाहिए, जो राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के तहत निर्धारित योग्यताओं को पूरा करते हों।

Point of View

मेरा मानना है कि यह नए नियम खेल संगठनों में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ाएंगे। खिलाड़ियों के लिए निर्णय प्रक्रिया में स्थान मिलने से उनकी आवाज को भी महत्व मिलेगा। यह कदम खेल प्रशासन को और मजबूत करेगा, जिससे भारतीय खेलों का भविष्य उज्ज्वल होगा।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

नए नियमों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
नए नियमों का मुख्य उद्देश्य खेल संगठनों में पारदर्शिता और खिलाड़ियों को निर्णयों में स्थान देना है।
क्या इन नियमों में महिलाओं के लिए कोई विशेष प्रावधान है?
हाँ, इन नियमों में महासभा में 50 प्रतिशत महिला एसओएम का प्रावधान है।
एसओएम बनने के लिए खिलाड़ियों की उम्र क्या होनी चाहिए?
एसओएम बनने के लिए खिलाड़ियों की उम्र कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए।
क्या अयोग्य व्यक्तियों को सदस्यता से रोका जाएगा?
हाँ, नए नियमों के तहत अयोग्य व्यक्तियों को सदस्य बनने से रोका जाएगा।
इन नियमों में खेलों की किस प्रकार की उपलब्धियों का ध्यान रखा गया है?
इन नियमों में खिलाड़ियों की खेल उपलब्धियों के स्तर के अनुसार स्तरीय मानदंड निर्धारित किए गए हैं।
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