संजू सैमसन ने जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी को बताया जीत का मुख्य कारण
सारांश
Key Takeaways
- संजू सैमसन की विस्फोटक पारी ने भारत को मजबूती दी।
- जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी ने मैच का रुख बदला।
- भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराया।
- भारतीय टीम ने 253 रन का स्कोर बनाया।
- हार्दिक पांड्या का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मुंबई, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मैच गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में आयोजित किया गया। भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। संजू सैमसन को उनकी 89 रनों की जोरदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अवॉर्ड लेते समय सैमसन ने जसप्रीत बुमराह की सराहना की और जीत का पूरा श्रेय उन्हें दिया।
सैमसन ने कहा कि जीत का सारा श्रेय जसप्रीत बुमराह को जाता है। वह एक विश्वस्तरीय गेंदबाज हैं। ऐसे गेंदबाज जेनरेशन में एक बार आते हैं। उनका आज का प्रदर्शन ऐसा ही था। यह अवार्ड असल में उन्हें जाना चाहिए। अगर हमने डेथ ओवर्स में वैसी गेंदबाजी नहीं की होती, तो मुझे लगता है कि मैं यहां खड़ा नहीं होता।
संजू सैमसन ने जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या की तारीफ यूं ही नहीं की। 15 से 19 ओवर के बीच बुमराह ने 2 और हार्दिक ने 1 ओवर फेंका, और इन्हीं 3 ओवरों ने मैच का रुख भारत के पक्ष में कर दिया।
इंग्लैंड को जीत के लिए आखिरी 5 ओवर में 69 रन चाहिए थे और जैकब बेथेल बल्लेबाजी कर रहे थे, ऐसे में कुछ भी संभव था। 16वां ओवर लेकर आए बुमराह ने मात्र 8 रन दिए। इससे इंग्लैंड पर दबाव बढ़ा। इसके बाद आखिरी 3 ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 45 रन चाहिए थे। बेथेल और करन के क्रीज पर रहते हुए ये रन आसानी से बनते दिख रहे थे, लेकिन जसप्रीत बुमराह 18वां ओवर लेकर आए और सिर्फ 6 रन दिए। बुमराह के इन दो ओवरों ने इंग्लैंड पर दबाव बढ़ा दिया और यही 2 ओवर भारत की जीत का बड़ा कारण बने। हमें हार्दिक पांड्या द्वारा फेंका गया 19वां ओवर भी नहीं भूलना चाहिए। हार्दिक ने 19वें ओवर में मात्र 9 रन दिए थे। हार्दिक के इस ओवर की वजह से इंग्लैंड को आखिरी ओवर में 30 रन बनाने थे, जो एक मुश्किल लक्ष्य था। इंग्लैंड 22 रन बना सकी और 7 रन से मैच हारी।
बुमराह ने 4 ओवर में 33 रन देकर 1 और हार्दिक पांड्या ने 4 ओवर में 38 रन देकर 2 विकेट लिए।
मैच का सारांश देखें तो भारत ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए संजू सैमसन के 42 गेंदों पर 7 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 89, शिवम दुबे के 25 गेंदों पर 43, ईशान किशन के 18 गेंदों पर 39, हार्दिक पांड्या के 12 गेंदों पर 27, और तिलक वर्मा के 7 गेंदों पर 21 रन की बदौलत 7 विकेट पर 253 रन बनाए थे।
जैकब बेथेल के 48 गेंदों पर 7 छक्कों और 8 चौकों की मदद से खेली गई 105 रन की यादगार पारी के बावजूद इंग्लैंड 7 विकेट पर 246 रन ही बना सकी और मैच 7 रन से हार गई।