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खालिद अल जारूनी एसीसी के नए उपाध्यक्ष, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को मिली फुल मेंबरशिप

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खालिद अल जारूनी एसीसी के नए उपाध्यक्ष, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को मिली फुल मेंबरशिप

सारांश

एसीसी की वार्षिक आम बैठक में दो बड़े फैसले हुए — यूएई के खालिद अल जारूनी सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष बने, और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को फुल मेंबरशिप के साथ प्रेसिडेंसी रोटेशन में जगह मिली। यह एशियाई क्रिकेट प्रशासन में समावेशिता की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

खालिद अल जारूनी (अध्यक्ष, एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड, यूएई) को एसीसी की वार्षिक आम बैठक में सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुना गया।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) को एसीसी के फुल मेंबर बोर्ड में शामिल किया गया और प्रेसिडेंसी रोटेशन की पात्र सूची में जोड़ा गया।
एसीसी एग्जीक्यूटिव बोर्ड में 2026-2028 के लिए शेख अब्दुलअजीज बिन सऊद अल थानी (कतर) और महमूद गजनवी (सिंगापुर) नियुक्त हुए।
मोहम्मद फैसल (मालदीव) और मोहम्मद मंसूर (बहरीन) एग्जीक्यूटिव बोर्ड में कार्यकाल साझा करेंगे।
एसीसी ने गवर्नेंस, क्रिकेट विकास, वित्त और प्रतियोगिता के लिए नई समितियों के गठन की पुष्टि की।

एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) की वार्षिक आम बैठक में यूएई के एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष खालिद अल जारूनी को सर्वसम्मति से एसीसी का उपाध्यक्ष चुना गया। 23 अगस्त 2026 को एसीसी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए यह भी घोषित किया कि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) को अब एसीसी के फुल मेंबर बोर्ड में शामिल कर लिया गया है — जो एशियाई क्रिकेट प्रशासन में एक उल्लेखनीय विस्तार है।

बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले

यह बैठक शनिवार को आयोजित हुई, जिसमें एसीसी के गवर्नेंस ढाँचे से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें एसीसी एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चुनाव, एसीसी प्रेसिडेंसी की रोटेशन नीति और विभिन्न एसीसी समितियों के गठन पर सहमति बनी।

बैठक में 2026-2028 की अवधि के लिए एसीसी एग्जीक्यूटिव बोर्ड में नॉन-टेस्ट-प्लेइंग देशों और एसोसिएट सदस्यों के प्रतिनिधियों के चुनाव की भी पुष्टि की गई। नॉन-टेस्ट-प्लेइंग देशों की ओर से कतर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष शेख अब्दुलअजीज बिन सऊद अल थानी और सिंगापुर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महमूद गजनवी को एग्जीक्यूटिव बोर्ड में नियुक्त किया गया।

इसके अलावा, मालदीव क्रिकेट बोर्ड से मोहम्मद फैसल और बहरीन क्रिकेट फेडरेशन से मोहम्मद मंसूर को एग्जीक्यूटिव बोर्ड में कार्यकाल साझा करने के लिए शामिल किया गया।

अफगानिस्तान को प्रेसिडेंसी रोटेशन में स्थान

बैठक का एक महत्त्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि एसीबी को उन फुल मेंबर बोर्ड्स की सूची में जोड़ा गया जो एशियाई क्रिकेट परिषद की अध्यक्षता संभाल सकते हैं। गौरतलब है कि अब तक केवल भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश ही एसीसी की प्रेसिडेंसी बारी-बारी से संभालते आए हैं। अफगानिस्तान की इस सूची में शामिल होना एशियाई क्रिकेट प्रशासन में उसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।

समितियों का गठन

एसीसी ने कई नई समितियों के गठन की भी पुष्टि की, जो परिषद के गवर्नेंस, प्रशासन, क्रिकेट विकास, प्रतियोगिता, वित्त और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग करेंगी। यह कदम एसीसी की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

एसीसी अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने बैठक के फैसलों का स्वागत करते हुए कहा, "एशिया में क्रिकेट हमेशा से एक खेल से कहीं ज्यादा रहा है — यह एक ऐसी साझा भाषा है जो देशों, संस्कृतियों और पीढ़ियों को जोड़ती है। इस सालाना आम बैठक में लिए गए फैसले हमारी गवर्नेंस की परिपक्वता और ऐसे संस्थान बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प को दिखाते हैं जो हमारे इन पदों से हटने के बाद भी लंबे समय तक खेल की सेवा करेंगे।" नकवी ने नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष और कार्यकारी बोर्ड के सदस्यों को बधाई देते हुए सभी सदस्य बोर्ड्स का एकता और सहयोग की भावना के लिए आभार जताया।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब एशियाई क्रिकेट में प्रशासनिक विस्तार और समावेशिता पर जोर बढ़ रहा है। आने वाले समय में नई समितियाँ और विस्तारित सदस्यता एसीसी की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल भी उठता है कि तालिबान शासन के तहत महिला क्रिकेट पर प्रतिबंध के बावजूद एसीबी को यह दर्जा देना एशियाई क्रिकेट के मूल्यों के साथ कहाँ तक संगत है। एसीसी ने इस विरोधाभास पर कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है, जो इस निर्णय की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खालिद अल जारूनी कौन हैं और उन्हें एसीसी का उपाध्यक्ष क्यों चुना गया?
खालिद अल जारूनी यूएई के एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष हैं। एसीसी की वार्षिक आम बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से एशियन क्रिकेट काउंसिल का उपाध्यक्ष चुना गया, जो एसीसी के गवर्नेंस विस्तार और गैर-परंपरागत क्रिकेट राष्ट्रों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को एसीसी फुल मेंबरशिप से क्या फायदा होगा?
एसीबी अब उन बोर्ड्स की सूची में शामिल हो गया है जो एसीसी की प्रेसिडेंसी संभाल सकते हैं। इससे पहले केवल भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश यह अधिकार रखते थे। यह अफगानिस्तान की एशियाई क्रिकेट प्रशासन में बड़ी भूमिका की शुरुआत है।
एसीसी एग्जीक्यूटिव बोर्ड 2026-2028 में कौन-कौन से नए सदस्य शामिल हुए?
2026-2028 के लिए कतर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष शेख अब्दुलअजीज बिन सऊद अल थानी और सिंगापुर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महमूद गजनवी नियुक्त हुए। इसके अलावा मालदीव से मोहम्मद फैसल और बहरीन से मोहम्मद मंसूर कार्यकाल साझा करेंगे।
एसीसी की नई समितियाँ किन क्षेत्रों में काम करेंगी?
बैठक में गठित नई एसीसी समितियाँ गवर्नेंस, प्रशासन, क्रिकेट विकास, प्रतियोगिता, वित्त और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में परिषद की सहायता करेंगी। इनका उद्देश्य एसीसी की संस्थागत कार्यक्षमता को मजबूत करना है।
एसीसी प्रेसिडेंसी रोटेशन नीति क्या है?
एसीसी प्रेसिडेंसी रोटेशन नीति के तहत फुल मेंबर बोर्ड्स बारी-बारी से एसीसी की अध्यक्षता संभालते हैं। अब तक भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश इस व्यवस्था में थे; अफगानिस्तान के शामिल होने से यह सूची पाँच देशों की हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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