जेकेसीए चुनाव: सुप्रीम कोर्ट की रोक हटी, जावेद किताब बने अध्यक्ष — 9 साल बाद चुनी हुई संस्था
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू और कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) ने 21 मई 2026 को अपने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की घोषणा की, जब सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव परिणामों पर लगी अंतरिम रोक हटा दी। इस निर्णय से 9 वर्षों के बाद जेकेसीए में एक लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई कार्यकारिणी की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
रिट याचिका (सिविल) संख्या 17/2026, 'यूथ क्रिकेट क्लब और अन्य बनाम जेकेसीए और अन्य' में याचिकाकर्ताओं ने कथित धोखाधड़ी और मतदाता सूची में हेरफेर के आरोप लगाते हुए शीर्ष अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था। हालाँकि, जेकेसीए के वकील द्वारा याचिका की स्वीकार्यता पर प्रारंभिक आपत्तियाँ उठाए जाने के बाद, याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली।
इसी के साथ 8 जनवरी 2026 का वह अंतरिम आदेश भी हट गया, जिसने चुनावी प्रक्रिया को तो अनुमति दी थी, लेकिन परिणामों की घोषणा पर रोक लगाई हुई थी। गौरतलब है कि यह याचिका चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर दायर की गई थी।
नवनिर्वाचित पदाधिकारी
रोक हटते ही चुनाव अधिकारी एके ज्योति, आईएएस (सेवानिवृत्त), ने आधिकारिक रूप से परिणामों की घोषणा की। नवनिर्वाचित पदाधिकारी इस प्रकार हैं:
जावेद अहमद किताब (अध्यक्ष), देश रतन दुबे (उपाध्यक्ष), विवेक खजूरिया (सचिव), राजन सिंह (कोषाध्यक्ष), तथा एपेक्स काउंसिल सदस्यों के रूप में अनिल कुमार कौल और राकेश कौल।
नामांकन और प्रतिनिधित्व
जेकेसीए संविधान के नियम 22 के तहत भविष्य के नामांकन की भी पुष्टि की गई। वरिष्ठ उप महालेखाकार (एएमजी 1/प्रशासन) अंकुश कुमार को एजी कार्यालय द्वारा एपेक्स काउंसिल के लिए नामित किया गया है। इसके अलावा, अंकिता जल्ला और विक्रांत टग्गर को इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन (आईसीए) में राज्य के प्रतिनिधियों के रूप में एपेक्स काउंसिल के लिए नामित किया गया है।
जेकेसीए की प्रतिक्रिया
एसोसिएशन ने सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव अधिकारी और सभी हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त किया। जेकेसीए के आधिकारिक बयान में कहा गया, 'एसोसिएशन अब जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में क्रिकेट के व्यापक हित में सामूहिक रूप से आगे बढ़ने की उम्मीद करता है।' निवर्तमान उप-समिति के सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में खेल प्रशासन को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग लंबे समय से उठती रही है। 9 वर्षों बाद एक निर्वाचित ढाँचे की स्थापना से उम्मीद की जा रही है कि क्रिकेट के बुनियादी ढाँचे के विकास और युवा प्रतिभाओं को आगे लाने में नई गति आएगी।