जेमिमा रोड्रिग्स का दो टूक: 'किसी से भी हारो, पाकिस्तान से नहीं' — महिला टी20 WC 2026
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की मध्यक्रम बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स ने महिला टी20 विश्व कप 2026 से पहले साफ़ कह दिया है कि पाकिस्तान के खिलाफ हार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं। भारतीय टीम टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत रविवार को पाकिस्तान के विरुद्ध करेगी — एक ऐसा मुकाबला जिसे पूरा देश बेसब्री से देखता है।
वॉचमैन वाला दबाव
जेमिमा ने जियोस्टार से बातचीत में एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने कहा, 'मेरी बिल्डिंग का वॉचमैन भी कहता है — किसी से भी हारो, लेकिन पाकिस्तान से नहीं।' यह बयान इस रोमांचक प्रतिद्वंद्विता के इर्द-गिर्द बने असाधारण जन-दबाव को बखूबी बयान करता है। रोड्रिग्स के अनुसार यह दबाव इसलिए है क्योंकि लोग क्रिकेट से प्यार करते हैं और इस प्रतिस्पर्धा को पसंद करते हैं।
हरमनप्रीत की ड्रेसिंग रूम सीख
रोड्रिग्स ने अपने पहले भारत-पाकिस्तान मैच की याद ताज़ा करते हुए बताया कि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने ड्रेसिंग रूम में टीम को समझाया था। उन्होंने कहा, 'हरमन दी ने हमसे कहा था — इसे नकारो मत। बाहर से दबाव होता है क्योंकि हम भारत बनाम पाकिस्तान का इतिहास जानते हैं। हम जानते हैं कि फैंस क्या उम्मीद करते हैं।' यह संदेश टीम की मानसिक तैयारी की नींव बना।
विश्व कप ट्रॉफी — टीम का एकमात्र लक्ष्य
जेमिमा ने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम सिर्फ मैच-दर-मैच नहीं सोच रही, बल्कि पूरे टूर्नामेंट की ट्रॉफी उठाने का सपना देख रही है। उन्होंने कहा, 'हम एक टीम के तौर पर विश्व कप की ट्रॉफी उठाने के बारे में सोचते रहते हैं। यह हमारी दिनचर्या के हिस्से की तरह है।' उन्होंने जोड़ा कि 2025 विश्व कप के दौरान भी यही दृष्टिकोण अपनाया गया था और कोच अमोल मजूमदार ने इस बार भी इसे जारी रखने को कहा है।
दक्षिण अफ्रीका की हार से मिला सबक
टूर्नामेंट से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं रहा। रोड्रिग्स ने इसे सकारात्मक नज़रिए से देखा — 'कभी-कभी हार आपको जीतने से कहीं ज्यादा सिखाती है। हमने उन सबक के नोट्स बनाए हैं, उन पर काम किया है।' यह ऐसे समय में आया है जब टीम विश्व कप के सबसे कठिन पहले मुकाबले में उतरने की तैयारी में है।
दबाव में खेलने की तैयारी
रोड्रिग्स ने बताया कि टीम अभ्यास सत्रों में जानबूझकर खुद को दबाव वाली परिस्थितियों में डालती है। उन्होंने कहा, 'आप अभ्यास के दौरान खुद को बार-बार दबाव में डालकर और उन हालात को जितना हो सके चुनौतीपूर्ण बनाकर तैयार होते हैं, ताकि जब आप मैच में जाएं, तो तैयार महसूस करें।' गौरतलब है कि भारतीय महिला टीम हाल के वर्षों में बड़े टूर्नामेंटों में अपनी मानसिक दृढ़ता के लिए जानी जाती है। आने वाले मैचों में यह तैयारी किस हद तक काम आती है, यह देखना दिलचस्प होगा।