केएल राहुल गंभीर ऐंठन से रिटायर्ड हर्ट, गाले टेस्ट में 162 गेंदों में 77 रन बनाकर मैदान छोड़ा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय उप-कप्तान केएल राहुल श्रीलंका के खिलाफ गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के पहले दिन शनिवार, 15 अगस्त को गंभीर मांसपेशीय ऐंठन के चलते रिटायर्ड हर्ट होने पर मजबूर हो गए। 162 गेंदों में 77 रन बनाने के बाद तीसरे सेशन की शुरुआत में राहुल बल्लेबाजी जारी रखने में असमर्थ रहे और टीम फिजियो की सहायता से उन्हें मैदान से बाहर ले जाया गया।
मैदान पर क्या हुआ
टी ब्रेक के बाद राहुल देवदत्त पडिक्कल के साथ पारी आगे बढ़ाने के लिए उतरे थे। ब्रेक से पहले ही 51वें ओवर में दाहिने हाथ के अग्रभाग में ऐंठन महसूस होने पर उन्होंने मैदान पर ही फिजियो से उपचार लिया था। तीसरे सेशन की शुरुआत होते ही 34 वर्षीय राहुल ने अंपायर को सूचित किया कि वे बल्ला ठीक से नहीं पकड़ पा रहे और दर्द असहनीय हो गया है।
स्थिति तब और बिगड़ी जब उनके बाएं हाथ, कलाई और पैरों की मांसपेशियों में भी एक साथ खिंचाव आ गया। दर्द से कराहते और लंगड़ाते हुए राहुल को भारतीय टीम के फिजियो कमलेश जैन की मदद से मैदान से बाहर ले जाया गया। ड्रेसिंग रूम की सीढ़ियाँ चढ़ने में भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा।
साझेदारी और पारी का संदर्भ
रिटायर्ड हर्ट होने से पहले राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने दूसरे विकेट के लिए 150 रनों की अहम साझेदारी की थी। ओपनर यशस्वी जायसवाल के 32 रन पर जल्दी आउट होने के बाद राहुल ने पारी की बागडोर संभाली और गाले की उमस भरी परिस्थितियों में अपनी 21वीं टेस्ट हाफ-सेंचुरी पूरी की।
राहुल के मैदान छोड़ने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल क्रीज पर उतरे और पडिक्कल के साथ पारी आगे बढ़ाई। गिल ने 16 रन का योगदान दिया।
पडिक्कल का ऐतिहासिक पहला टेस्ट शतक
इस मुकाबले में देवदत्त पडिक्कल ने 10 चौकों की मदद से नाबाद 107 रन बनाए — यह उनका पहला टेस्ट शतक रहा। गाले की स्पिन-अनुकूल पिच पर यह पारी उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
दिन का स्कोरकार्ड
बारिश के कारण खेल रुकने तक भारत ने 63 ओवरों में 2 विकेट खोकर 239 रन बना लिए थे। राहुल 77 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट, जायसवाल 32, गिल 16 और पडिक्कल नाबाद 107 रन पर रहे।
आगे क्या
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि राहुल भारत की पहली पारी में दोबारा बल्लेबाजी के लिए कब तक उपलब्ध हो सकेंगे। नियमों के अनुसार रिटायर्ड हर्ट बल्लेबाज़ प्रतिपक्षी टीम की सहमति के बिना भी पारी में वापस आ सकता है, लेकिन यह उनकी शारीरिक स्थिति पर निर्भर करेगा। टीम प्रबंधन और फिजियो स्थिति पर करीबी नज़र रखे हुए हैं।