गाले टेस्ट में 165 रन की हार के बाद धनंजय डी सिल्वा बोले — राहुल-पड्डिकल की साझेदारी ने पलटा मैच
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 19 अगस्त को गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए टेस्ट सीरीज़ के पहले मैच में 165 रन की करारी हार के बाद माना कि भारत के केएल राहुल और देवदत्त पड्डिकल की साझेदारियों ने मेज़बान टीम पर निर्णायक दबाव बनाया। यह हार श्रीलंका को घरेलू मैदान पर भारत के खिलाफ एक और झटके के रूप में याद की जाएगी।
मुख्य घटनाक्रम
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पहली पारी में 462 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिससे श्रीलंका शुरुआत से ही दबाव में आ गई। मेज़बान टीम अपनी पहली पारी में 284 रन पर सिमट गई, जिससे भारत को 178 रन की महत्त्वपूर्ण बढ़त मिली। दूसरी पारी में भारत ने 193 रन जोड़कर श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा, लेकिन मेज़बान टीम केवल 206 रन ही बना सकी।
राहुल-पड्डिकल की साझेदारी का असर
भारत की पहली पारी में केएल राहुल और देवदत्त पड्डिकल के बीच 162 रन की साझेदारी हुई, जिसने भारत को मज़बूत आधार दिया। दूसरी पारी में भी इन दोनों ने मिलकर 65 रन की उपयोगी जोड़ी बनाई। व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो राहुल ने पहली पारी में 82 और दूसरी में 35 रन बनाए, जबकि पड्डिकल ने पहली पारी में 167 और दूसरी में 44 रन की शानदार पारियाँ खेलीं।
श्रीलंकाई कप्तान की प्रतिक्रिया
हार के बाद धनंजय डी सिल्वा ने कहा, 'मुझे लगा कि दूसरे दिन से ही हम ज़्यादातर समय खेल में बने हुए थे, और लड़कों ने चौथी पारी में भी जबरदस्त संघर्ष किया। यह आसान नहीं था, लेकिन हाँ, मुझे लगा कि यह एक अच्छा मैच था।' पिच के बारे में उन्होंने कहा, 'शुरुआती तीन दिनों में बैटिंग करना अच्छा था। गाले में चौथी पारी आसान नहीं होती, यह सब जानते हैं, लेकिन राहुल और पड्डिकल को जो शुरुआत मिली, उन्होंने उसे बड़ी पारियों में बदला और वहाँ से हम पर दबाव बनाया।'
टॉस की भूमिका
डी सिल्वा ने टॉस की अहमियत को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, 'शायद हाँ, क्योंकि उन्होंने टॉस जीता और बोर्ड पर रन बनाए। जब हम बैटिंग कर रहे थे, तो हमने जल्दी विकेट गंवा दिए और वहाँ से हम पिछड़ गए।' गाले की पिच पर चौथी पारी में बल्लेबाज़ी करना हमेशा से कठिन रहा है, और यह मैच उसी परंपरा का एक और उदाहरण बन गया।
आगे क्या
इस हार के साथ भारत ने दो मैचों की सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली है। श्रीलंका को अब सीरीज़ बराबर करने के लिए अगले टेस्ट में कहीं बेहतर प्रदर्शन करना होगा, खासकर अपनी बल्लेबाज़ी की शुरुआत को मज़बूत बनाना उनकी प्राथमिकता होगी।