अनिल कुंबले ने बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उभरते स्पिनर्स को दी दो दिन की मास्टरक्लास
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज लेग-स्पिनर अनिल कुंबले ने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में चुनिंदा युवा स्पिनरों के लिए दो दिन की विशेष मास्टरक्लास आयोजित की। इस सत्र का उद्देश्य देश के उभरते स्पिन गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने की बारीकियाँ सिखाना था।
मास्टरक्लास का विवरण
बीसीसीआई ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'इस महीने की शुरुआत में चुने गए उभरते हुए स्पिनरों ने बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भारत के सबसे बड़े मैच-विनर स्पिनरों में से एक अनिल कुंबले के साथ 2 दिन की मास्टरक्लास में हिस्सा लिया।' बोर्ड ने आगे कहा कि इसमें शामिल खिलाड़ियों को यह समझने का दुर्लभ अवसर मिला कि एलीट स्तर पर टिके रहने के लिए क्या जरूरी है।
कुंबले भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, जिनके नाम 619 टेस्ट और 337 वनडे विकेट दर्ज हैं। उनकी मौजूदगी इस शिविर को विशेष महत्व देती है।
अन्य कोच की भूमिका
इस मास्टरक्लास में भारत के पूर्व बाएँ हाथ के स्पिनर सुनील जोशी भी उपस्थित रहे, जो बेंगलुरु के इस अत्याधुनिक हाई-परफॉर्मेंस केंद्र में स्पिन-बॉलिंग कोच के रूप में कार्यरत हैं। उल्लेखनीय है कि जोशी जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स के पुरुष टी20 क्रिकेट इवेंट में भारतीय पुरुष टीम के साथ भी जुड़े हैं।
सीओई में दिग्गजों की परंपरा
यह ऐसे समय में आया है जब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लगातार भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गजों को युवा प्रतिभाओं को मार्गदर्शन देने के लिए आमंत्रित कर रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में भारत के पूर्व बाएँ हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान ने सीओई में इंडिया ए और अंडर-19 के तेज गेंदबाजों के लिए तीन दिन का विशेष रेड-बॉल कैंप आयोजित किया था। इसके अलावा, भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर हरभजन सिंह ने 23 से 26 मार्च के बीच ऑफ-स्पिनरों के लिए चार दिन का खास कैंप लगाया था, जिसमें तनुष कोटियन, हिमांशु सिंह और सारांश जैन ने भाग लिया था।
सीओई में खाली पद की चुनौती
गौरतलब है कि सीओई अभी भी 'हेड ऑफ स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन' पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार की तलाश में है। यह पद मार्च 2025 में नितिन पटेल के इस्तीफे के बाद से रिक्त है। सीओई प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया पहले ही इस महत्वपूर्ण पद के लिए सही उम्मीदवार खोजने में आ रही चुनौतियों का उल्लेख कर चुके हैं।
इस प्रकार की मास्टरक्लास भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी को तराशने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, और आने वाले समय में ऐसे और कार्यक्रमों की उम्मीद की जा रही है।