15 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लक्ष्य सेन: कॉमनवेल्थ स्वर्ण विजेता से ओलंपिक पदक की दावेदारी तक का सफर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लक्ष्य सेन: कॉमनवेल्थ स्वर्ण विजेता से ओलंपिक पदक की दावेदारी तक का सफर

सारांश

अल्मोड़ा से बर्मिंघम तक — लक्ष्य सेन ने कॉमनवेल्थ स्वर्ण, थॉमस कप और विश्व चैंपियनशिप कांस्य से भारतीय बैडमिंटन को नई ऊँचाई दी। पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान के बाद अब उनसे ओलंपिक पदक की उम्मीद पहले से कहीं ज़्यादा पुख्ता है।

मुख्य बातें

लक्ष्य सेन का जन्म 16 अगस्त 2001 को अल्मोड़ा, उत्तराखंड में हुआ; वह बैडमिंटन में अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पुरुष एकल स्वर्ण पदक और मिश्रित टीम के साथ रजत पदक जीता।
2021 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य और थॉमस कप 2022 में भारतीय टीम के साथ स्वर्ण पदक विजेता।
30 नवंबर 2022 को भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित।
पेरिस ओलंपिक में पुरुष एकल में चौथे स्थान पर रहे; अगले ओलंपिक में पदक के प्रबल दावेदार।

लक्ष्य सेन भारतीय बैडमिंटन के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने जूनियर से लेकर सीनियर स्तर तक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन किया है। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पुरुष एकल स्वर्ण पदक जीतने वाले सेन अब ओलंपिक पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। महज 25 वर्ष की आयु में उन्होंने जो उपलब्धियाँ हासिल की हैं, वे भारतीय बैडमिंटन के भविष्य को लेकर उम्मीद जगाती हैं।

पारिवारिक विरासत और शुरुआती सफर

लक्ष्य सेन का जन्म 16 अगस्त 2001 को अल्मोड़ा, उत्तराखंड में हुआ। बैडमिंटन उनके लिए केवल एक खेल नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत है — वह इस खेल में अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं। बेहतर प्रशिक्षण की तलाश में वह मात्र 10 वर्ष की आयु में बेंगलुरु चले गए, जहाँ उन्होंने विमल कुमार से बैडमिंटन की बारीकियाँ सीखीं। दिग्गज खिलाड़ी प्रकाश पाडुकोण उनके मेंटर रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन ने उनके खेल को नई धार दी।

जूनियर स्तर पर चमकदार उपलब्धियाँ

2014 में लक्ष्य ने स्विस जूनियर इंटरनेशनल जीतकर अपनी प्रतिभा का पहला बड़ा परिचय दिया। फरवरी 2017 में वे BWF वर्ल्ड जूनियर रैंकिंग में नंबर एक एकल खिलाड़ी बने। 2018 एशियन जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में उन्होंने शीर्ष वरीयता प्राप्त और वर्ल्ड जूनियर नंबर-1 कुनलावुत विटिडसार्न को 21-19, 21-18 से हराकर खिताब जीता — यह जीत उनके करियर की एक निर्णायक घड़ी थी। इसी वर्ष उन्होंने यूथ ओलंपिक 2018 में मिश्रित टीम के साथ स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया।

सीनियर करियर: पदकों की लंबी फेहरिस्त

जूनियर स्तर की सफलता को सेन ने सीनियर मंच पर भी बरकरार रखा। 2021 विश्व चैंपियनशिप में एकल वर्ग में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने वैश्विक बैडमिंटन में अपनी दावेदारी मजबूत की। थॉमस कप 2022 में भारतीय पुरुष टीम के साथ ऐतिहासिक स्वर्ण पदक और थॉमस कप 2026 में पुरुष टीम के साथ कांस्य पदक उनके खाते में दर्ज हैं।

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में उन्होंने पुरुष एकल में स्वर्ण और मिश्रित टीम के साथ रजत पदक जीता। इसके अलावा एशियन गेम्स 2022 में रजत पदक, एशिया मिश्रित टीम चैंपियनशिप में कांस्य और एशिया टीम चैंपियनशिप 2020 में भी कांस्य पदक उनकी उपलब्धियों में शामिल हैं।

सम्मान और पहचान

उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए भारत सरकार ने 30 नवंबर 2022 को लक्ष्य सेन को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके खेल के प्रति समर्पण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता का प्रमाण है।

ओलंपिक पदक की उम्मीद

पेरिस ओलंपिक में लक्ष्य सेन पुरुष एकल में चौथे स्थान पर रहे — एक ऐसी स्थिति जो पदक से बस एक कदम दूर थी। यह प्रदर्शन यह साबित करता है कि वे विश्व के शीर्ष खिलाड़ियों से कंधे से कंधा मिलाकर चल सकते हैं। गौरतलब है कि भारतीय बैडमिंटन में पीवी सिंधु के बाद ओलंपिक पदक का इंतजार है, और लक्ष्य सेन इस उम्मीद के सबसे प्रबल वाहक बनकर उभरे हैं। उनकी मेहनत, अनुभव और युवा ऊर्जा को देखते हुए आने वाले ओलंपिक में उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

टूर्नामेंट एक्सपोज़र और मानसिक तैयारी — उस अंतिम कदम के लिए पर्याप्त है। अगर सेन अगले ओलंपिक चक्र में शीर्ष-5 रैंकिंग बनाए रखते हैं, तो पदक की उम्मीद महज़ भावना नहीं, तर्कसंगत संभावना बन जाती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लक्ष्य सेन कौन हैं और वे किस खेल से जुड़े हैं?
लक्ष्य सेन भारत के प्रमुख बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जो पुरुष एकल वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका जन्म 16 अगस्त 2001 को अल्मोड़ा, उत्तराखंड में हुआ और वे अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
लक्ष्य सेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में क्या उपलब्धि हासिल की?
लक्ष्य सेन ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पुरुष एकल में स्वर्ण पदक और मिश्रित टीम के साथ रजत पदक जीता। यह उनके सीनियर करियर की सबसे बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धियों में से एक है।
पेरिस ओलंपिक में लक्ष्य सेन का प्रदर्शन कैसा रहा?
पेरिस ओलंपिक में लक्ष्य सेन पुरुष एकल वर्ग में चौथे स्थान पर रहे, जो पदक से एक कदम दूर था। इस प्रदर्शन ने उन्हें आगामी ओलंपिक के लिए पदक का प्रबल दावेदार बना दिया है।
लक्ष्य सेन को अर्जुन पुरस्कार कब मिला?
लक्ष्य सेन को 30 नवंबर 2022 को भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।
लक्ष्य सेन के कोच और मेंटर कौन हैं?
लक्ष्य सेन ने बेंगलुरु में विमल कुमार से बैडमिंटन का प्रशिक्षण लिया है। भारतीय बैडमिंटन के दिग्गज प्रकाश पाडुकोण उनके मेंटर रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन ने उनके खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निखारा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले