22 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

फीफा का बड़ा फैसला: लिएंड्रो परेडेस पर 10 मैचों का बैन, वर्ल्ड कप 2026 फाइनल के बाद स्पेन से झड़प पड़ी महंगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
फीफा का बड़ा फैसला: लिएंड्रो परेडेस पर 10 मैचों का बैन, वर्ल्ड कप 2026 फाइनल के बाद स्पेन से झड़प पड़ी महंगी

सारांश

फीफा वर्ल्ड कप 2026 फाइनल की हार के बाद स्पेन के खिलाड़ियों से झड़प परेडेस को भारी पड़ी — 10 मैचों का बैन, जो एक साल के राष्ट्रीय टीम निलंबन के बराबर है। मोलिना, अल्माडा और कोच अयाला भी दंडित हुए। एएफए अपील की तैयारी में है।

मुख्य बातें

लिएंड्रो परेडेस पर फीफा ने 10 अंतरराष्ट्रीय मैचों का निलंबन लगाया — वर्ल्ड कप 2026 फाइनल के बाद एरिक गार्सिया का गला पकड़ने और गावी को गिराने के लिए।
परेडेस और नहुएल मोलिना पर 90,000 डॉलर , थियागो अल्माडा पर 30,000 डॉलर का जुर्माना।
मोलिना पर 7 मैच , अल्माडा पर 1 मैच का बैन; असिस्टेंट कोच रॉबर्टो अयाला पर 3 मैच का निलंबन।
एएफए पर टूर्नामेंट में कई घटनाओं के लिए 1,10,000 डॉलर का जुर्माना; अर्जेंटीना का अगला घरेलू मैच 50% क्षमता के स्टेडियम में होगा।
परेडेस का यह बैन 2013 में क्रोएशिया के जोसिप सिमुनिक को मिले 10 मैचों के निलंबन के बराबर है।
एएफए ने फैसलों को CAS तक चुनौती देने की घोषणा की है।

फीफा की अनुशासन समिति ने अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस पर 10 अंतरराष्ट्रीय मैचों का निलंबन लगाया है — यह सजा फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अर्जेंटीना की हार के तुरंत बाद स्पेन के खिलाड़ियों के साथ हुई झड़प में उनकी भूमिका के कारण दी गई है। फीफा के अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के अनुसार जून 2027 तक अर्जेंटीना के लिए केवल 10 मैच निर्धारित हैं, जिसका अर्थ है कि यह प्रतिबंध व्यावहारिक रूप से परेडेस के लिए एक वर्ष के राष्ट्रीय टीम बैन के समान है।

झड़प में क्या हुआ

फाइनल में अर्जेंटीना की हार के बाद मैदान पर भड़की इस झड़प में परेडेस पर स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया का गला पकड़ने और मिडफील्डर गावी को जमीन पर गिराने का आरोप है। इसी घटनाक्रम में अर्जेंटीना के डिफेंडर नहुएल मोलिना पर 7 मैचों का और मिडफील्डर थियागो अल्माडा पर 1 मैच का निलंबन लगाया गया है।

वित्तीय दंड के रूप में परेडेस और मोलिना पर 90,000 डॉलर तथा अल्माडा पर 30,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। स्पेन के मिडफील्डर गावी को भी इस झड़प में उनकी भूमिका के लिए 1 मैच का बैन दिया गया है, जो उन्हें 26 सितंबर को वेम्बली में नेशंस लीग में इंग्लैंड के खिलाफ खेले जाने वाले मैच में भुगतना होगा।

ऐतिहासिक संदर्भ में सजा की गंभीरता

परेडेस का 10 मैचों का निलंबन हाल के विश्व कप इतिहास की सबसे कड़ी सजाओं में से एक माना जा रहा है। यह 2013 में क्रोएशिया के जोसिप सिमुनिक को दिए गए 10 मैचों के निलंबन के बराबर है — सिमुनिक को वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग प्लेऑफ के बाद द्वितीय विश्व युद्ध के नाजी-समर्थक शासन से जुड़े नारे मेगाफोन से लगवाने पर यह सजा मिली थी। इसी क्रम में 2014 में उरुग्वे के फॉरवर्ड लुइस सुआरेज को सभी प्रकार के फुटबॉल से चार महीने के लिए प्रतिबंधित किया गया था।

एएफए और अन्य दंड

अर्जेंटीना के असिस्टेंट कोच रॉबर्टो अयाला पर 3 मैचों का बैन और 30,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (एएफए) पर टूर्नामेंट के दौरान हुई कई घटनाओं के लिए 1,10,000 डॉलर का जुर्माना ठोका गया है। इनमें इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल जीत के बाद खिलाड़ियों द्वारा फॉकलैंड आइलैंड्स से जुड़ा राजनीतिक बैनर ले जाना और समर्थकों द्वारा भेदभावपूर्ण नारे लगाना शामिल है।

फीफा की अनुशासन समिति ने यह भी आदेश दिया है कि अर्जेंटीना अपना अगला घरेलू मैच 50 प्रतिशत क्षमता वाले स्टेडियम में खेले, साथ ही 1,00,000 डॉलर का अतिरिक्त जुर्माना प्रोबेशन पर रखा गया है।

गौरतलब है कि फॉकलैंड बैनर विवाद के समय यूनाइटेड किंगडम के राजनेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी और लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता एड डेवी ने संबंधित खिलाड़ियों को निलंबित करने की मांग की थी। अर्जेंटीना ने वर्ल्ड कप से 3.3 करोड़ डॉलर की प्राइज मनी अर्जित की थी।

राजनीतिक विवाद और फुटबॉल

यह घटना फुटबॉल में राजनीतिक इशारों को लेकर फीफा के कड़े रुख के व्यापक संदर्भ में आई है। इससे पहले यूईएफए ने स्पेन के खिलाड़ियों रोड्री और अल्वारो मोराटा को यूरो 2024 की जीत के बाद जिब्राल्टर पर स्पेन के दावों से जुड़ा गाना गाने के लिए प्रतिबंधित किया था। एएफए ने 6 अगस्त को घोषणा की कि 15 जुलाई — जिस दिन अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को सेमीफाइनल में हराया — को भविष्य में 'राष्ट्रीय फुटबॉल टीम दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।

अपील की संभावना

एएफए ने स्पष्ट किया है कि वह इन फैसलों को चुनौती देने की योजना बना रहा है। फेडरेशन ने अपने बयान में कहा: 'एएफए का कानूनी विभाग समय रहते फीफा से उन फैसलों का आधार मांगेगा जिनकी समीक्षा की जा सकती है, ताकि गवर्निंग बॉडी की अपील समिति के समक्ष अपील दायर की जा सके, साथ ही भविष्य में अंतिम उपाय के तौर पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में अपील करने का विकल्प भी खुला रखा जाएगा।' अब नज़रें इस पर हैं कि क्या अपील प्रक्रिया परेडेस की सज़ा में कोई राहत दिला पाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि परेडेस को 10 — यह असमानता अर्जेंटीना समर्थकों और कानूनी विशेषज्ञों दोनों को खटक रही है। फॉकलैंड बैनर और भेदभावपूर्ण नारों पर एएफए को अलग से दंडित करना यह भी दर्शाता है कि फीफा खेल और राजनीति के मेल को लेकर पहले से कहीं अधिक सतर्क है — भले ही उसकी अपनी प्रवर्तन नीति हमेशा एकसमान नहीं रही हो। एएफए की अपील की घोषणा अपेक्षित थी, पर CAS में सफलता की संभावना इतिहास के आधार पर सीमित ही दिखती है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिएंड्रो परेडेस पर फीफा ने बैन क्यों लगाया?
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अर्जेंटीना की हार के बाद परेडेस ने स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया का गला पकड़ा और मिडफील्डर गावी को जमीन पर गिराया, जिसके कारण फीफा की अनुशासन समिति ने उन पर 10 अंतरराष्ट्रीय मैचों का निलंबन लगाया।
परेडेस का 10 मैचों का बैन कितने समय के बराबर है?
फीफा के अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के अनुसार जून 2027 तक अर्जेंटीना के केवल 10 मैच निर्धारित हैं, इसलिए यह बैन व्यावहारिक रूप से एक वर्ष के राष्ट्रीय टीम निलंबन के बराबर है। ये सभी मैच संभवतः फ्रेंडली होंगे।
इस मामले में और कौन-कौन से खिलाड़ी और अधिकारी दंडित हुए?
नहुएल मोलिना पर 7 मैचों का बैन और 90,000 डॉलर का जुर्माना, थियागो अल्माडा पर 1 मैच का बैन और 30,000 डॉलर का जुर्माना, असिस्टेंट कोच रॉबर्टो अयाला पर 3 मैचों का बैन और 30,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया। स्पेन के गावी को भी 1 मैच का बैन दिया गया।
एएफए पर क्या दंड लगाया गया और क्यों?
अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन पर 1,10,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया — इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल के बाद फॉकलैंड आइलैंड्स से जुड़ा राजनीतिक बैनर ले जाने और समर्थकों द्वारा भेदभावपूर्ण नारे लगाने के कारण। इसके अलावा अर्जेंटीना को अगला घरेलू मैच 50% क्षमता वाले स्टेडियम में खेलना होगा।
क्या अर्जेंटीना इन फैसलों के खिलाफ अपील कर सकता है?
हाँ, एएफए ने स्पष्ट किया है कि उसका कानूनी विभाग फीफा से फैसलों का आधार मांगेगा और फीफा की अपील समिति के समक्ष अपील दायर करेगा। अंतिम उपाय के तौर पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में जाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले