फीफा का बड़ा फैसला: लिएंड्रो परेडेस पर 10 मैचों का बैन, वर्ल्ड कप 2026 फाइनल के बाद स्पेन से झड़प पड़ी महंगी
सारांश
मुख्य बातें
फीफा की अनुशासन समिति ने अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस पर 10 अंतरराष्ट्रीय मैचों का निलंबन लगाया है — यह सजा फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अर्जेंटीना की हार के तुरंत बाद स्पेन के खिलाड़ियों के साथ हुई झड़प में उनकी भूमिका के कारण दी गई है। फीफा के अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के अनुसार जून 2027 तक अर्जेंटीना के लिए केवल 10 मैच निर्धारित हैं, जिसका अर्थ है कि यह प्रतिबंध व्यावहारिक रूप से परेडेस के लिए एक वर्ष के राष्ट्रीय टीम बैन के समान है।
झड़प में क्या हुआ
फाइनल में अर्जेंटीना की हार के बाद मैदान पर भड़की इस झड़प में परेडेस पर स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया का गला पकड़ने और मिडफील्डर गावी को जमीन पर गिराने का आरोप है। इसी घटनाक्रम में अर्जेंटीना के डिफेंडर नहुएल मोलिना पर 7 मैचों का और मिडफील्डर थियागो अल्माडा पर 1 मैच का निलंबन लगाया गया है।
वित्तीय दंड के रूप में परेडेस और मोलिना पर 90,000 डॉलर तथा अल्माडा पर 30,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। स्पेन के मिडफील्डर गावी को भी इस झड़प में उनकी भूमिका के लिए 1 मैच का बैन दिया गया है, जो उन्हें 26 सितंबर को वेम्बली में नेशंस लीग में इंग्लैंड के खिलाफ खेले जाने वाले मैच में भुगतना होगा।
ऐतिहासिक संदर्भ में सजा की गंभीरता
परेडेस का 10 मैचों का निलंबन हाल के विश्व कप इतिहास की सबसे कड़ी सजाओं में से एक माना जा रहा है। यह 2013 में क्रोएशिया के जोसिप सिमुनिक को दिए गए 10 मैचों के निलंबन के बराबर है — सिमुनिक को वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग प्लेऑफ के बाद द्वितीय विश्व युद्ध के नाजी-समर्थक शासन से जुड़े नारे मेगाफोन से लगवाने पर यह सजा मिली थी। इसी क्रम में 2014 में उरुग्वे के फॉरवर्ड लुइस सुआरेज को सभी प्रकार के फुटबॉल से चार महीने के लिए प्रतिबंधित किया गया था।
एएफए और अन्य दंड
अर्जेंटीना के असिस्टेंट कोच रॉबर्टो अयाला पर 3 मैचों का बैन और 30,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (एएफए) पर टूर्नामेंट के दौरान हुई कई घटनाओं के लिए 1,10,000 डॉलर का जुर्माना ठोका गया है। इनमें इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल जीत के बाद खिलाड़ियों द्वारा फॉकलैंड आइलैंड्स से जुड़ा राजनीतिक बैनर ले जाना और समर्थकों द्वारा भेदभावपूर्ण नारे लगाना शामिल है।
फीफा की अनुशासन समिति ने यह भी आदेश दिया है कि अर्जेंटीना अपना अगला घरेलू मैच 50 प्रतिशत क्षमता वाले स्टेडियम में खेले, साथ ही 1,00,000 डॉलर का अतिरिक्त जुर्माना प्रोबेशन पर रखा गया है।
गौरतलब है कि फॉकलैंड बैनर विवाद के समय यूनाइटेड किंगडम के राजनेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी और लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता एड डेवी ने संबंधित खिलाड़ियों को निलंबित करने की मांग की थी। अर्जेंटीना ने वर्ल्ड कप से 3.3 करोड़ डॉलर की प्राइज मनी अर्जित की थी।
राजनीतिक विवाद और फुटबॉल
यह घटना फुटबॉल में राजनीतिक इशारों को लेकर फीफा के कड़े रुख के व्यापक संदर्भ में आई है। इससे पहले यूईएफए ने स्पेन के खिलाड़ियों रोड्री और अल्वारो मोराटा को यूरो 2024 की जीत के बाद जिब्राल्टर पर स्पेन के दावों से जुड़ा गाना गाने के लिए प्रतिबंधित किया था। एएफए ने 6 अगस्त को घोषणा की कि 15 जुलाई — जिस दिन अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को सेमीफाइनल में हराया — को भविष्य में 'राष्ट्रीय फुटबॉल टीम दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।
अपील की संभावना
एएफए ने स्पष्ट किया है कि वह इन फैसलों को चुनौती देने की योजना बना रहा है। फेडरेशन ने अपने बयान में कहा: 'एएफए का कानूनी विभाग समय रहते फीफा से उन फैसलों का आधार मांगेगा जिनकी समीक्षा की जा सकती है, ताकि गवर्निंग बॉडी की अपील समिति के समक्ष अपील दायर की जा सके, साथ ही भविष्य में अंतिम उपाय के तौर पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में अपील करने का विकल्प भी खुला रखा जाएगा।' अब नज़रें इस पर हैं कि क्या अपील प्रक्रिया परेडेस की सज़ा में कोई राहत दिला पाएगी।