आईपीएल 2026: लखनऊ सुपर जायंट्स का प्लेऑफ सपना टूटा, जानिए 5 मुख्य कारण

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आईपीएल 2026: लखनऊ सुपर जायंट्स का प्लेऑफ सपना टूटा, जानिए 5 मुख्य कारण

सारांश

एलएसजी का आईपीएल 2026 सपना खत्म। ऋषभ पंत की कप्तानी में शीर्ष क्रम की विफलता, मध्य-क्रम की कमजोरी, और गेंदबाजी में संगति की कमी ने लखनऊ को लगातार दूसरे साल प्लेऑफ से बाहर कर दिया।

मुख्य बातें

एडेन मार्करम ने 11 मुकाबलों में 231 रन ( 138 स्ट्राइक रेट) बनाए, पिछले सीज़न से बहुत कम।
निखिल पूरन 11 खेलों में 184 रन ( 124 स्ट्राइक रेट) तक सीमित रहे।
ऋषभ पंत ने 11 मैचों में 251 रन और केवल एक अर्धशतक बनाया।
दिग्वेश राठी 8 मुकाबलों में 5 विकेट और 10.00 इकोनॉमी रेट से निराश किए।
मोहम्मद शमी और अन्य गेंदबाज़ों में संगति की कमी रही।

नई दिल्ली, 12 मई। ऋषभ पंत की कप्तानी में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) का लगातार दूसरे साल आईपीएल के प्लेऑफ चरण में पहुँचने का सपना धराशायी हो गया है। आईपीएल 2026 के नियमित सीज़न में एलएसजी की कार्यप्रणाली निराशाजनक रही, जिसके पीछे कई संरचनात्मक और व्यक्तिगत कारण हैं।

बल्लेबाजी क्रम की विफलता

एलएसजी के शीर्ष क्रम में एडेन मार्करम और निखिल पूरन की निराशाजनक कार्यप्रणाली ने टीम को कमजोर कर दिया। मार्करम ने 11 मुकाबलों में 138 के स्ट्राइक रेट से मात्र 231 रन बनाए, जो पिछले सीज़न की तुलना में खासी गिरावट है। पूरन की स्थिति और भी गंभीर रही — वे 11 खेलों में 124 के स्ट्राइक रेट से केवल 184 रन ही जुटा सके। इन दोनों पर ही टीम के शुरुआती ओवरों में दबाव बनाने की जिम्मेदारी थी, जो उन्होंने पूरी नहीं कर सकी।

कप्तान पंत का अधूरा योगदान

पंत को आईपीएल 2026 में एक मजबूत वापसी करने की उम्मीद थी, लेकिन वे अपनी लय खोजने में विफल रहे। 11 मैचों में 138 के स्ट्राइक रेट से 251 रन बनाते हुए, पंत ने मात्र एक अर्धशतक ही दर्ज कर सके। एक आक्रामक मध्य-क्रम के बल्लेबाज़ के लिए यह आँकड़ा चिंताजनक है। कप्तान के रूप में और बल्लेबाज़ के रूप में दोनों ही भूमिकाओं में उनकी अनुपस्थिति एलएसजी के लिए साबित हुई।

मध्य क्रम की कमज़ोरी

आयुष बदोनी, हिम्मत सिंह, और अब्दुल समद जैसे भारतीय मध्य-क्रम के बल्लेबाज़ों ने इस सीज़न में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवा सकी। जब शीर्ष क्रम विफल हुआ, तब मध्य-क्रम को टीम को बचाने की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए थी, लेकिन यह खंड पूरी तरह खोखला साबित हुआ। परिणामतः, एलएसजी के स्कोर अक्सर प्रतिस्पर्धी नहीं रहे।

दिग्वेश राठी की गेंदबाजी में गिरावट

दिग्वेश राठी पिछले सीज़न में एलएसजी के लिए एक महत्वपूर्ण स्पिनर थे, लेकिन आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन चिंताजनक रूप से गिरा हुआ है। 8 मुकाबलों में मात्र 5 विकेट लेते हुए, राठी का इकोनॉमी रेट 10.00 रहा है, जो एक स्पिनर के लिए अस्वीकार्य है। उनके खराब प्रदर्शन से एलएसजी को मध्य ओवरों में एक विश्वसनीय स्पिनर की कमी महसूस हुई।

गेंदबाजी विभाग में संगति का अभाव

एलएसजी के गेंदबाज़ों का प्रदर्शन पूरे सीज़न में असंगत रहा। मोहम्मद शमी ने कुछ मैचों में शानदार गेंदबाजी की, लेकिन दूसरों में वे असरदार नहीं रह सके। प्रिंस यादव ने अपने छोर से निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया, परंतु बाकी गेंदबाज़ों से समन्वय की कमी के कारण उनका योगदान अकेला पड़ गया। इस विभाग में संगति की कमी एलएसजी के पतन का एक प्रमुख कारण रही।

आगे की चुनौतियाँ

एलएसजी के लिए यह लगातार दूसरी बार प्लेऑफ से बाहर होने का साल है। अगले सीज़न के लिए टीम को अपने बल्लेबाजी क्रम को पुनर्गठित करना होगा और गेंदबाजी विभाग में अधिक संगति लानी होगी। पंत की नेतृत्व क्षमता और टीम की रणनीति दोनों ही समीक्षा की माँग रखते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि टीम की संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर करती है। ऋषभ पंत को कप्तान के रूप में नियुक्त करना एक साहसिक निर्णय था, लेकिन उनका स्वयं का प्रदर्शन इस भूमिका को न्यायसंगत नहीं ठहरा सका। शीर्ष क्रम में मार्करम और पूरन की निरंतर विफलता, और मध्य-क्रम की कमजोरी, यह दर्शाती है कि एलएसजी की बल्लेबाजी रणनीति खुद ही खामियों से ग्रस्त है। गेंदबाजी विभाग में दिग्वेश राठी जैसे खिलाड़ियों पर अत्यधिक निर्भरता और शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज़ों में संगति की कमी, ये सब मिलकर एक बड़ी तस्वीर बनाते हैं — कि एलएसजी को न केवल खिलाड़ियों की बदलाबदली की जरूरत है, बल्कि अपनी खेल-रणनीति और टीम-प्रबंधन में भी मौलिक सुधार की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलएसजी प्लेऑफ से क्यों बाहर हुआ?
एलएसजी के प्लेऑफ से बाहर होने के पीछे कई कारण हैं: शीर्ष क्रम में मार्करम और पूरन का खराब प्रदर्शन, पंत की निरंतर विफलता, मध्य-क्रम की कमजोरी, दिग्वेश राठी की गेंदबाजी में गिरावट, और गेंदबाजी विभाग में संगति की कमी।
ऋषभ पंत का आईपीएल 2026 में प्रदर्शन कैसा रहा?
पंत ने 11 मैचों में 138 के स्ट्राइक रेट से 251 रन बनाए और मात्र एक अर्धशतक दर्ज किए। एक आक्रामक मध्य-क्रम के बल्लेबाज़ के लिए यह प्रदर्शन निराशाजनक रहा, खासकर जब वे कप्तान भी हैं।
एडेन मार्करम और निखिल पूरन ने कितने रन बनाए?
मार्करम ने 11 मुकाबलों में 138 स्ट्राइक रेट से 231 रन बनाए, जबकि पूरन 11 खेलों में 124 स्ट्राइक रेट से 184 रन तक सीमित रहे। दोनों ही अपेक्षाओं से बहुत पीछे रहे।
दिग्वेश राठी की गेंदबाजी में क्या समस्या थी?
दिग्वेश राठी ने 8 मुकाबलों में 5 विकेट लिए और उनका इकोनॉमी रेट 10.00 रहा, जो एक स्पिनर के लिए अस्वीकार्य है। पिछले सीज़न के विपरीत, वे इस बार बिल्कुल प्रभावी नहीं रहे।
राष्ट्र प्रेस