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मेघालय करेगा 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 की मेजबानी, सीएम संगमा ने शिलांग में हस्ताक्षर किए

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मेघालय करेगा 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 की मेजबानी, सीएम संगमा ने शिलांग में हस्ताक्षर किए

सारांश

मेघालय ने 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 की मेजबानी का अधिकार आधिकारिक रूप से हासिल कर लिया है। सीएम संगमा ने इसे पूरे पूर्वोत्तर का सामूहिक उत्सव बताया, जिसमें पड़ोसी राज्यों को भी मेजबान-भागीदारी मिलेगी — राष्ट्रीय खेलों के इतिहास में यह एक नई मिसाल है।

मुख्य बातें

मेघालय आधिकारिक रूप से 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 का मेजबान राज्य बन गया है।
संगमा ने 30 मई को शिलांग में मेजबान राज्य समझौते पर हस्ताक्षर किए।
उषा हस्ताक्षर समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहीं।
पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों को भी अपने क्षेत्रों में होने वाली खेल विधाओं में मेजबान-भागीदारी के अधिकार मिलेंगे।
यह पहली बार होगा जब राष्ट्रीय खेल का आयोजन पूर्वोत्तर भारत में होगा।

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने शनिवार, 30 मई को शिलांग में 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 के लिए मेजबान राज्य समझौते पर हस्ताक्षर किए और इसे मेघालय तथा समूचे पूर्वोत्तर भारत के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया। इस समझौते के साथ मेघालय आधिकारिक रूप से भारत के सबसे बड़े मल्टी-स्पोर्ट आयोजनों में से एक की मेजबानी के लिए तैयार हो गया है।

मुख्य घटनाक्रम

हस्ताक्षर समारोह शिलांग में आयोजित हुआ, जहाँ भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी. उषा भी उपस्थित रहीं। संगमा ने इस अवसर को केवल मेघालय की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की सामूहिक जीत करार दिया। उल्लेखनीय है कि इस समझौते के तहत पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों को भी अपने क्षेत्रों में आयोजित होने वाली खेल विधाओं में मेजबान-भागीदारी के अधिकार मिलेंगे।

सीएम संगमा का बयान

मुख्यमंत्री संगमा ने एक्स पर लिखा, '39वें राष्ट्रीय खेलों 2027 के लिए मेजबान राज्य समझौते पर हस्ताक्षर के साथ मेघालय की खेल यात्रा में एक निर्णायक क्षण आया है। यह देश के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक की मेजबानी करने की हमारी तत्परता की घोषणा है।' उन्होंने आगे कहा, 'यह सिर्फ मेघालय द्वारा खेलों की मेजबानी की तैयारी से कहीं ज़्यादा है — यह पूरे पूर्वोत्तर के लिए एक सामूहिक क्षण है।'

संगमा ने यह भी कहा, 'हम पूर्वोत्तर की ताकत, एकता और असीम क्षमता को साथ मिलकर प्रदर्शित कर रहे हैं। हम पूरे भारत से आने वाली खेल प्रतिभाओं का स्वागत करने और खेल के माध्यम से इतिहास रचने के लिए तैयार हैं।'

IOA अध्यक्ष पीटी. उषा की प्रतिक्रिया

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी. उषा ने इस घटनाक्रम का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, '39वें राष्ट्रीय खेल मेघालय 2027 के लिए होस्ट स्टेट एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर समारोह के लिए खूबसूरत शिलांग में होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह ऐसे खेलों के आयोजन के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को फिर से पुख्ता करेगा, जो एथलीटों को प्रेरित करें, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करें और एक स्थायी खेल विरासत का निर्माण करें।'

पूर्वोत्तर के लिए व्यापक महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में खेल बुनियादी ढाँचे के विकास पर विशेष ज़ोर दे रही है। राष्ट्रीय खेल का पूर्वोत्तर में आयोजन अपने आप में एक बड़ी बात है, क्योंकि इस क्षेत्र में पहले कभी इस स्तर के मल्टी-स्पोर्ट आयोजन की मेजबानी नहीं हुई। गौरतलब है कि पड़ोसी राज्यों को मेजबान-भागीदारी देने का यह प्रावधान राष्ट्रीय खेलों के इतिहास में एक नई परंपरा की शुरुआत कर सकता है।

आगे की राह

समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अब मेघालय सरकार खेल स्थलों के निर्माण, उन्नयन और लॉजिस्टिक्स की तैयारी में जुट जाएगी। 2027 में होने वाले इन खेलों में देशभर के हज़ारों एथलीट हिस्सा लेंगे, और यह आयोजन पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने का अवसर होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूर्वोत्तर के लिए एक रणनीतिक अवसर है — जिसे अक्सर मुख्यधारा की खेल नीति में हाशिये पर रखा जाता है। पड़ोसी राज्यों को मेजबान-भागीदारी देने का प्रावधान सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा बुनियादी ढाँचे की तैयारी होगी — शिलांग और आसपास के क्षेत्रों में विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं का निर्माण एक बड़ी चुनौती है। यह भी देखना होगा कि 2027 तक आयोजन की तैयारी समय पर पूरी होती है या नहीं, क्योंकि भारत में बड़े खेल आयोजनों में देरी और बजट ओवररन की पुरानी परंपरा रही है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

39वें राष्ट्रीय खेल 2027 की मेजबानी कौन करेगा?
मेघालय 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 की मेजबानी करेगा। मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने 30 मई को शिलांग में मेजबान राज्य समझौते पर हस्ताक्षर किए।
39वें राष्ट्रीय खेल 2027 में पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों की क्या भूमिका होगी?
पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों को अपने क्षेत्रों में आयोजित होने वाली खेल विधाओं में मेजबान-भागीदारी के अधिकार मिलेंगे। इससे यह आयोजन केवल मेघालय तक सीमित न रहकर पूरे पूर्वोत्तर का सामूहिक उत्सव बनेगा।
IOA अध्यक्ष पीटी. उषा ने इस समझौते पर क्या कहा?
IOA अध्यक्ष पीटी. उषा ने शिलांग में आयोजित हस्ताक्षर समारोह में उपस्थित होना अपना सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन एथलीटों को प्रेरित करेगा, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगा और एक स्थायी खेल विरासत का निर्माण करेगा।
क्या पूर्वोत्तर में पहले कभी राष्ट्रीय खेल आयोजित हुए हैं?
नहीं, 2027 में मेघालय में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेल पूर्वोत्तर भारत में आयोजित होने वाले पहले राष्ट्रीय खेल होंगे। यही कारण है कि सीएम संगमा ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।
39वें राष्ट्रीय खेल 2027 मेघालय के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
यह आयोजन मेघालय और पूर्वोत्तर की खेल क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर है। इससे क्षेत्र में खेल बुनियादी ढाँचे का विकास होगा और देशभर की खेल प्रतिभाएँ पूर्वोत्तर आएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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