मीराबाई चानू बोलीं — जीत हो या हार, PM मोदी हमेशा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हैं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने 15 अक्टूबर 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर परिस्थिति में खिलाड़ियों का मनोबल बनाए रखते हैं — चाहे जीत हो या हार। यह बयान उन्होंने मेजर ध्यानचंद स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित उस स्वागत समारोह के बाद दिया, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी ने आइची नागोया एशियन गेम्स 2026 से लौटे भारतीय दल से मुलाकात की।
भव्य स्वागत और चानू की प्रतिक्रिया
चानू ने एशियन गेम्स 2026 की महिला 49 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीता था। पदक जीतकर स्वदेश लौटने पर प्रधानमंत्री के हाथों हुए स्वागत से भावुक हुईं चानू ने कहा, "जीत हो या हार, प्रधानमंत्री मोदी हमेशा हर समय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हैं। एक एथलीट के लिए यह प्रोत्साहन बहुत मायने रखता है।" उन्होंने यह पदक पूरे देशवासियों को समर्पित करते हुए कहा कि भारतवासियों के प्यार और समर्थन की बदौलत ही वे यह सफलता हासिल कर पाई हैं।
खेल ढाँचे में सुधार पर चानू का आकलन
देश के खेल ढाँचे पर बात करते हुए चानू ने कहा कि हर प्रतियोगिता और ओलंपिक में भारत के पदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के प्रशिक्षण केंद्रों की बेहतर सुविधाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसका सीधा असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर दिख रहा है। चानू ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि महिला खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और समान अवसर मिल रहे हैं, जिससे महिलाएँ हर खेल स्पर्धा में सबसे अधिक पदक ला रही हैं।
युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
चानू ने इस मौके पर युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "हमको इससे बहुत दूर रहना जरूरी है। हमें अच्छी बॉडी, अच्छी लाइफ बनाने के लिए हमको इससे दूर रहना है। सिर्फ प्लेयर्स के लिए ही नहीं, सभी को इससे दूर रहना चाहिए।" उन्होंने युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे सही लक्ष्य पर फ़ोकस करें और गलत राह से बचें।
आगे की राह
एशियन गेम्स 2026 के बाद भारतीय खेल जगत की निगाहें अब आगामी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं पर टिकी हैं। मीराबाई चानू जैसे एथलीटों का यह उत्साह और सरकार की प्रोत्साहन नीति भारतीय खेलों को नई ऊँचाइयों की ओर ले जाने का संकेत देती है।