मीराबाई चानू के लिए अर्जुन अवॉर्ड की सिफारिश, मंत्री प्रतापराव जाधव ने खेल मंत्री को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव गणपतराव जाधव ने 31 जुलाई 2026 को केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू को इस वर्ष के अर्जुन पुरस्कार के लिए नामांकित करने का आग्रह किया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली चानू के लिए यह सिफारिश उनकी दशकों की मेहनत और असाधारण उपलब्धियों को औपचारिक मान्यता दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पत्र में क्या कहा मंत्री ने
अपने पत्र में जाधव ने मणिपुर की इस एथलीट की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्नैच, क्लीन एंड जर्क और टोटल लिफ्ट — तीनों श्रेणियों में रिकॉर्ड तोड़ने वाले प्रदर्शन किए। जाधव ने इस बात पर विशेष बल दिया कि चानू लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली एथलीट हैं और हर बार भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ी रही हैं।
पुरस्कारों की लंबी फेहरिस्त, फिर भी अर्जुन अवॉर्ड अधूरा सपना
यह तथ्य उल्लेखनीय है कि मीराबाई चानू को भारत के कई सर्वोच्च खेल सम्मान पहले ही मिल चुके हैं। 2018 में उन्हें मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और पद्मश्री से नवाज़ा गया था। इसके अलावा उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। इन सभी बड़े सम्मानों के बावजूद अर्जुन पुरस्कार — जो एक खिलाड़ी के करियर की शुरुआती पहचान माना जाता है — चानू के लिए अब तक अधूरा सपना बना हुआ है। जाधव ने पत्र में इस विरोधाभास को रेखांकित किया और कहा कि मणिपुर के एक छोटे से गाँव से देश की सबसे सफल वेटलिफ्टर बनने तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।
चानू की उपलब्धियाँ एक नज़र में
मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लगातार तीन संस्करणों में स्वर्ण पदक जीते हैं और प्रत्येक बार भारत की ओर से पहला स्वर्ण जीतने का गौरव हासिल किया है। 48 किग्रा वर्ग में उनके रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने भारतीय वेटलिफ्टिंग को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत खेलों में अपनी वैश्विक उपस्थिति को मज़बूत करने में जुटा है।
आगे क्या होगा
अब यह खेल मंत्रालय और अर्जुन पुरस्कार चयन समिति पर निर्भर करेगा कि वे जाधव की सिफारिश पर किस प्रकार विचार करते हैं। गौरतलब है कि अर्जुन पुरस्कार की चयन प्रक्रिया में नामांकन, समिति समीक्षा और अंतिम सरकारी अनुमोदन शामिल होते हैं। यदि इस वर्ष चानू को यह पुरस्कार मिलता है, तो यह उनके करियर के सम्मानों की सूची को और अधिक पूर्ण बनाएगा और भारतीय खेल जगत में एक भावनात्मक अध्याय का समापन करेगा।