एनसीसी साइक्लोथॉन 2026: मांडविया और संजय सेठ ने दिखाई हरी झंडी, मैरी कॉम ने युवाओं को दिया 'नेवर गिव अप' का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 2 अगस्त 2026 को मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली में एनसीसी साइक्लोथॉन एक्सपिडिशन 2026 को हरी झंडी दिखाई। भारत की स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य फ्लैग-ऑफ समारोह में ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सर मैरी कॉम भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
साइक्लोथॉन का स्वरूप और उद्देश्य
आज़ादी के 79 वर्ष के प्रतीक के रूप में इस साइक्लोथॉन में 79 एनसीसी कैडेट भाग ले रहे हैं। यह अभियान देशभर के 18,000 से अधिक स्थानों पर एक साथ संचालित हो रहा है। आयोजकों के अनुसार, इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ना तथा नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाना है।
मंत्री मांडविया का संबोधन
साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाते हुए डॉ. मांडविया ने कहा, 'एनसीसी फिटनेस, अनुशासन और समाज सेवा का प्रतीक है। ये कैडेट देश का भविष्य हैं और कल की हमारी उम्मीद हैं। इस साइक्लोथॉन के ज़रिए आप यह संदेश दे रहे हैं कि युवा विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।' उन्होंने साइकिलिंग को केवल फिटनेस नहीं, बल्कि प्रदूषण का समाधान और ईंधन की बचत का माध्यम बताया। मांडविया ने यह भी उल्लेख किया कि इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर में 1 करोड़ से अधिक युवाओं को 'माय भारत' मंच के ज़रिए नशा मुक्ति की शपथ दिला रहे हैं।
मैरी कॉम का युवाओं को संदेश
ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम ने युवा कैडेट्स को प्रेरित करते हुए कहा, 'जीवन में बहुत कुछ हासिल करना ज़रूरी है। किसी भी क्षेत्र में अनुशासन बहुत ज़रूरी है। युवाओं को 'नेवर गिव अप' की बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए।' उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्त्व दिया और कैडेट्स में उत्साह का संचार किया।
फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 84वाँ संस्करण
इसी दिन जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 84वें संस्करण का भी शुभारंभ हुआ। इस बार इस कार्यक्रम की थीम 'नशा मुक्त भारत' रखी गई है। गौरतलब है कि एनसीसी साइक्लोथॉन और फिट इंडिया अभियान दोनों का समन्वित आयोजन यह दर्शाता है कि सरकार युवाओं में खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में देख रही है।
आगे की राह
यह साइक्लोथॉन अभियान देश के कोने-कोने में युवाओं को 'विकसित भारत' के निर्माण में सहभागी बनाने का प्रयास है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस साइकिलिंग मूवमेंट की सराहना हो रही है, जो भारत की सॉफ्ट पावर के रूप में उभर रहा है।