फीफा वर्ल्ड कप 2026: निको श्लोटरबेक टखने की चोट से टूर्नामेंट से बाहर, जर्मनी को बड़ा झटका
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जर्मनी को गंभीर झटका लगा है — सेंट्रल डिफेंडर निको श्लोटरबेक बाएं टखने के मीडियल कोलेटरल लिगामेंट में चोट के कारण शेष टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। 22 जून 2026 को जर्मन टीम प्रबंधन ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि की। बोरुसिया डॉर्टमुंड के इस 26 वर्षीय डिफेंडर की अनुपस्थिति कोच जूलियन नागेल्समैन की रणनीति पर सीधा असर डालेगी।
कैसे हुई चोट
शनिवार को ग्रुप-ई मुकाबले में आइवरी कोस्ट के खिलाफ खेलते हुए श्लोटरबेक चोटिल हुए। जर्मनी ने वह मैच 2-1 से जीता, लेकिन हाफ-टाइम में ही श्लोटरबेक को मैदान छोड़ना पड़ा और उनकी जगह एंटोनियो रुडिगर मैदान पर उतरे। अगले दिन स्कैन रिपोर्ट में बाएं टखने के लिगामेंट के फटने की पुष्टि हुई।
टीम का आधिकारिक बयान
जर्मनी ने सोमवार को जारी बयान में कहा, 'श्लोटरबेक के बाएं टखने के मीडियल कोलेटरल लिगामेंट में चोट लगी है। वह कई महीनों तक टीम से बाहर रहेंगे। फिलहाल वह यूएसए में टीम के साथ ही रहेंगे।' टूर्नामेंट पहले से ही जारी होने के कारण नियमों के तहत जर्मनी उनके स्थान पर कोई नया खिलाड़ी नहीं बुला सकता।
नागेल्समैन की प्रतिक्रिया
कोच नागेल्समैन ने श्लोटरबेक की अनुपस्थिति पर निराशा जताते हुए उनके जज्बे की सराहना की। उन्होंने कहा, 'पिच पर श्लोटी की कमी बहुत खलेगी, खासकर एक शानदार डिफेंडर और उनके बेहतरीन बिल्ड-अप प्ले के कारण। यह उनका वर्ल्ड कप हो सकता था। कल हम सभी ने उनका हौसला बढ़ाने की कोशिश की। अच्छी बात यह है कि वह बहुत सकारात्मक सोच वाले इंसान हैं।' नागेल्समैन ने यह भी कहा कि मैदान के बाहर भी श्लोटरबेक का टीम पर सकारात्मक असर रहता है, इसलिए वह शुरुआती दौर में दल के साथ बने रहेंगे।
जर्मनी के पास उपलब्ध विकल्प
नागेल्समैन ने स्पष्ट किया कि सेंट्रल डिफेंस में जोनाथन ताह, एंटोनियो रुडिगर, वाल्डेमर एंटन और मलिक थियाव जैसे सक्षम खिलाड़ी उपलब्ध हैं। यह राहत की बात है कि टीम के पास गहराई में विकल्प मौजूद हैं, हालांकि श्लोटरबेक जैसा बिल्ड-अप कौशल दोहराना आसान नहीं होगा।
टूर्नामेंट में जर्मनी की स्थिति
इस झटके के बावजूद, चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी की स्थिति प्रतियोगिता में मज़बूत बनी हुई है। टीम ग्रुप-ई में पहला स्थान पक्का कर चुकी है और 12 साल में पहली बार नॉकआउट स्टेज में जगह बनाई है। नागेल्समैन की टीम गुरुवार को इक्वाडोर के खिलाफ ग्रुप-स्टेज का अंतिम मैच खेलेगी, जिसके बाद नॉकआउट दौर शुरू होगा।