नुवान तुषारा ने वापस लिया एसएलसी के खिलाफ एनओसी केस, आईपीएल 2026 से रहे दूर

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नुवान तुषारा ने वापस लिया एसएलसी के खिलाफ एनओसी केस, आईपीएल 2026 से रहे दूर

सारांश

श्रीलंकाई तेज गेंदबाज नुवान तुषारा ने आईपीएल 2026 के लिए एनओसी न मिलने पर एसएलसी के खिलाफ दायर याचिका वापस ली। आरसीबी के साथ अनुबंध होने के बावजूद वे टूर्नामेंट में नहीं खेल सके। अदालत ने याचिका खारिज की।

Key Takeaways

  • नुवान तुषारा ने 23 अप्रैल 2025 को कोलंबो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एसएलसी के खिलाफ दायर एनओसी याचिका वापस ली।
  • एसएलसी ने फिटनेस मानकों का हवाला देते हुए आईपीएल 2026 के लिए एनओसी देने से इनकार किया था।
  • तुषारा ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के साथ अनुबंध किया था और यह उनका लगातार तीसरा आईपीएल सीजन होता।
  • तुषारा का एसएलसी के साथ केंद्रीय अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाला था और उन्होंने इसे नवीनीकृत न करने का निर्णय पहले ही ले लिया था।
  • याचिका वापस लेने का कारण यह था कि आईपीएल 2026 का बड़ा हिस्सा बीत चुका था और कानूनी राहत अब व्यावहारिक नहीं रही।
  • यह मामला खिलाड़ियों के पेशेवर अधिकारों और क्रिकेट बोर्डों की एनओसी नीति पर बड़े सवाल खड़े करता है।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज नुवान तुषारा ने आईपीएल 2026 में खेलने के लिए आवश्यक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) न मिलने के विवाद में श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के खिलाफ कोलंबो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर अपनी कानूनी याचिका वापस ले ली है। बुधवार, 23 अप्रैल 2025 को उनके वकील जीजी अरुलप्रगासम ने अदालत को सूचित किया कि तुषारा अब इस मुकदमे को आगे नहीं बढ़ाना चाहते, जिसके बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी।

मामले का पूरा घटनाक्रम

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के साथ अनुबंध हासिल करने वाले नुवान तुषारा लगातार तीसरे सीजन में आईपीएल खेलने की तैयारी में थे। हालांकि, एसएलसी ने उन्हें फिटनेस मानकों का हवाला देते हुए एनओसी देने से मना कर दिया था। इस पर तुषारा ने कोलंबो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अंतरिम आदेश की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी, ताकि बोर्ड को एनओसी जारी करने के लिए बाध्य किया जा सके।

वकील अरुलप्रगासम ने अदालत को बताया कि आईपीएल 2026 का बड़ा हिस्सा बीत जाने के कारण याचिका का उद्देश्य अब व्यावहारिक रूप से पूरा नहीं हो सकता। इसलिए याचिकाकर्ता ने आवेदन वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। 'श्रीलंका मिरर' की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी सामने आई।

एसएलसी का फिटनेस तर्क और तुषारा का पक्ष

विवाद की जड़ में एसएलसी का वह निर्णय था जिसमें बोर्ड ने दावा किया कि तुषारा निर्धारित फिटनेस मानकों पर खरे नहीं उतरते। लेकिन तुषारा ने अपनी याचिका में इस तर्क को सिरे से नकारते हुए कहा था कि उनकी शारीरिक स्थिति पिछले सीजनों जैसी ही है, जब बोर्ड ने उन्हें विदेशी लीगों में खेलने की अनुमति दी थी।

यह भी उल्लेखनीय है कि तुषारा के साथ एसएलसी का केंद्रीय अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाला था और उन्होंने पहले ही बोर्ड को सूचित कर दिया था कि वे इसे नवीनीकृत नहीं करेंगे। याचिका में यह तर्क दिया गया था कि जब वे राष्ट्रीय टीम की तत्काल योजनाओं का हिस्सा नहीं थे, तो एनओसी रोकना तर्कसंगत नहीं था।

पेशेवर और आर्थिक नुकसान का पहलू

याचिका में यह भी रेखांकित किया गया था कि एनओसी न मिलने से आरसीबी किसी अन्य खिलाड़ी को उनकी जगह ले सकती थी, जिससे उनके करियर और आय दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता था। वैश्विक टी20 प्रतियोगिताओं में उनकी भागीदारी भी खतरे में पड़ सकती थी।

यह मामला केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत लड़ाई नहीं था — यह उस बड़े सवाल को भी उठाता है कि क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों के अनुबंध समाप्त होने के बाद भी उन पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश करते हैं। बीसीसीआई और अन्य बोर्डों के बीच एनओसी को लेकर इस तरह के विवाद पहले भी उभरे हैं।

व्यापक संदर्भ: खिलाड़ी बनाम बोर्ड का पुराना टकराव

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी श्रीलंकाई खिलाड़ी को आईपीएल के लिए एनओसी मिलने में दिक्कत हुई हो। एसएलसी की नीतियां अक्सर विदेशी लीगों में खेलने को लेकर सख्त रही हैं, जबकि खिलाड़ी आर्थिक सुरक्षा और वैश्विक पहचान के लिए इन लीगों पर निर्भर हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की नीतियों के तहत बोर्डों को एनओसी देने का अधिकार है, लेकिन इसके दुरुपयोग के आरोप भी लगते रहे हैं।

टूर्नामेंट पहले ही काफी आगे बढ़ चुका है, इसलिए नुवान तुषारा ने कानूनी रास्ता छोड़ने का व्यावहारिक फैसला किया। अब देखना यह होगा कि क्या वे एसएलसी के साथ अपने भविष्य के संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करते हैं या स्वतंत्र रूप से विदेशी लीगों में भागीदारी की राह चुनते हैं।

Point of View

उसे भी आईपीएल जैसी प्रतिष्ठित लीग में खेलने से रोका गया। आईसीसी को इस दिशा में स्पष्ट नीति बनाने की जरूरत है ताकि बोर्ड की मनमानी पर लगाम लगे और खिलाड़ियों के पेशेवर अधिकार सुरक्षित रहें।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

नुवान तुषारा ने एसएलसी के खिलाफ याचिका क्यों वापस ली?
आईपीएल 2026 का बड़ा हिस्सा बीत जाने के कारण याचिका का उद्देश्य व्यावहारिक रूप से पूरा नहीं हो सकता था। इसलिए तुषारा ने कानूनी लड़ाई जारी रखने की बजाय याचिका वापस लेने का फैसला किया।
एसएलसी ने नुवान तुषारा को एनओसी क्यों नहीं दी?
श्रीलंका क्रिकेट ने फिटनेस मानकों का हवाला देते हुए एनओसी देने से इनकार किया था। हालांकि तुषारा ने इस तर्क को गलत बताते हुए कहा कि उनकी फिटनेस पिछले सीजनों जैसी ही है।
नुवान तुषारा किस आईपीएल टीम के साथ अनुबंधित थे?
नुवान तुषारा ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के साथ आईपीएल 2026 के लिए अनुबंध किया था। यह उनका लगातार तीसरा आईपीएल सीजन होता।
कोलंबो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने इस मामले में क्या फैसला दिया?
अदालत ने तुषारा के वकील की अनुमति के अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया।
तुषारा का एसएलसी के साथ अनुबंध कब समाप्त होने वाला था?
नुवान तुषारा का श्रीलंका क्रिकेट के साथ केंद्रीय अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाला था। उन्होंने पहले ही बोर्ड को सूचित कर दिया था कि वे इसे नवीनीकृत नहीं करेंगे।
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