फीफा वर्ल्ड कप 2026: क्वार्टर-फाइनल के बाद ओस्लो में नॉर्वे टीम का ऐतिहासिक स्वागत, 90 हजार प्रशंसक उमड़े
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर-फाइनल तक का ऐतिहासिक सफर तय करने के बाद नॉर्वे की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का 14 जुलाई को ओस्लो के रॉयल पैलेस स्क्वायर में भव्य स्वागत किया गया। अनुमान के अनुसार 90 हजार से अधिक प्रशंसक खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए पैलेस स्क्वायर में जमा हुए — यह नॉर्वे के फुटबॉल इतिहास में अपनी तरह का सबसे बड़ा सार्वजनिक जश्न था।
मुख्य घटनाक्रम
शनिवार को मियामी में खेले गए क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में नॉर्वे को इंग्लैंड के हाथों एक्स्ट्रा टाइम में 2-1 से हार झेलनी पड़ी। बावजूद इसके, यह नतीजा नॉर्वे का फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। टीम स्वदेश लौटी तो राजधानी ओस्लो ने उन्हें विजेताओं की तरह सम्मान दिया।
खिलाड़ियों और कोच की प्रतिक्रिया
टीम के कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड ने इस अभूतपूर्व समर्थन पर भावुक होते हुए कहा, 'मुझे नहीं लगता कि किसी ने भी ऐसी कल्पना की होगी। हमें जो समर्थन मिला है, वह उम्मीद से कहीं ज्यादा रहा है — चाहे अमेरिका में हो या यहाँ नॉर्वे में। यह देखना वाकई अद्भुत रहा है।'
नॉर्वे के मुख्य कोच स्टेल सोलबक्केन ने बताया कि राजा हेराल्ड ने टीम को पहले ही इस भव्य स्वागत का संकेत दे दिया था। सोलबक्केन ने कहा, 'राजा ने हमें पहले ही बता दिया था कि क्या होने वाला है। हम भी थोड़े हैरान थे कि यह इतना बड़ा आयोजन था। इसके अलावा, फुटबॉल पर कुछ अच्छी बातचीत भी हुई।'
हालैंड और बर्गे की अनुपस्थिति
टीम के शीर्ष स्कोरर एर्लिंग हालैंड और सैंडर बर्गे इस सार्वजनिक समारोह में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि उन्हें अवकाश के लिए दूसरी फ्लाइट पकड़नी थी। हालाँकि, सोलबक्केन ने स्पष्ट किया कि दोनों खिलाड़ी रॉयल पैलेस के भीतर गए और राजा हेराल्ड से व्यक्तिगत रूप से मिले। उन्होंने कहा, 'वे दोनों आए और राजा से बात की, लेकिन हम चार-पाँच घंटे देर से पहुँचे थे। जाने से ठीक पहले तक उन्होंने पूरे प्लान का पालन किया।'
ऐतिहासिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब नॉर्वे की फुटबॉल टीम को लेकर देश में उत्साह अपने चरम पर है। गौरतलब है कि नॉर्वे ने इससे पहले कभी भी वर्ल्ड कप के क्वार्टर-फाइनल तक का सफर नहीं तय किया था, जिससे यह अभियान देश के फुटबॉल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय बन गया है। एर्लिंग हालैंड जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी की अगुआई में टीम ने जो प्रदर्शन किया, उसने आने वाले वर्षों के लिए नॉर्वे के फुटबॉल की उम्मीदें और ऊँची कर दी हैं।
आगे की राह
इस वर्ल्ड कप अभियान के बाद नॉर्वे की टीम और उसके प्रबंधन के सामने अगली बड़ी चुनौती इस गति को बनाए रखने की होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रदर्शन से नॉर्वे में युवा फुटबॉल प्रतिभाओं को प्रेरणा मिलेगी और देश में खेल के बुनियादी ढाँचे में निवेश को भी बल मिल सकता है।