भारत का पोल्ट्री सेक्टर: वित्त वर्ष 2027 में 6-7% राजस्व वृद्धि का अनुमान, केयरएज रेटिंग्स रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पोल्ट्री सेक्टर की आय वित्त वर्ष 2027 में 6 से 7 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है, साथ ही परिचालन मार्जिन में पिछले वर्ष की तुलना में 50 से 100 आधार अंक की बढ़ोतरी का अनुमान है। केयरएज रेटिंग्स की 14 जुलाई को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है, जो इस क्षेत्र के लिए लगातार दूसरे वर्ष सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
वित्त वर्ष 2026 में उद्योग का प्रदर्शन
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के दौरान पोल्ट्री उद्योग का परिचालन प्रदर्शन स्थिर रहा। उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी, रिटेल, संस्थागत और फूड-सर्विस चैनलों में मज़बूत माँग तथा आपूर्ति-माँग के बेहतर संतुलन ने इस स्थिरता को आधार दिया। इस इंडस्ट्री में लगभग 60 से 65 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली संगठित कंपनियों ने इंटीग्रेटेड ऑपरेशन, बेहतर फीड खरीद और मज़बूत मूल्य-अनुशासन के ज़रिए मुनाफे में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया।
वित्त वर्ष 2026 में घरेलू उत्पादन बढ़ने और आपूर्ति की स्थिति सुधरने से मक्के की कीमतों में भारी गिरावट आई। इससे मार्जिन में काफी राहत मिली — विशेष रूप से उन इंटीग्रेटेड कंपनियों को, जिनके पास अपने फीड मिल और कुशल खरीद-तंत्र थे।
वृद्धि के प्रमुख चालक
केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है, "प्रोटीन की बढ़ती खपत, शहरीकरण, लोगों की क्रय-शक्ति में सुधार और खान-पान की बदलती आदतों की वजह से भारत अंडे और पोल्ट्री मीट के दुनिया के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक बना हुआ है।" रेटिंग एजेंसी के अनुमान के अनुसार, इन्हीं कारकों और संगठित खिलाड़ियों द्वारा क्षमता विस्तार की वजह से वित्त वर्ष 2027 में अंडे और मीट के उत्पादन में अच्छी रफ्तार बनी रहेगी।
संगठित रिटेल, क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR), कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात के बढ़ते अवसर प्रोसेस्ड पोल्ट्री सेक्टर को नई गति दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इससे दीर्घकालिक वृद्धि और मूल्य-संवर्धन के नए रास्ते खुलने की संभावना है।
तकनीक और उत्पादकता का योगदान
रिपोर्ट में बताया गया है, "फीड कन्वर्जन रेश्यो (FCR) को बेहतर बनाने, उन्नत फार्म प्रबंधन और परिचालन दक्षता पर ध्यान केंद्रित करने से संगठित पोल्ट्री उद्योग में उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।" एडवांस्ड ब्रीडिंग, सटीक पोषण प्रबंधन, ऑटोमेशन और बेहतर फार्म मैनेजमेंट को अपनाने से FCR और उत्पादकता में और सुधार की संभावना है।
भारत की वैश्विक स्थिति और उत्पादन आँकड़े
भारत अंडे का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और ब्रॉयलर मीट का प्रमुख उत्पादक देश है। देश ने वित्त वर्ष 2025 के दौरान 149.11 अरब अंडों का उत्पादन किया, जबकि पोल्ट्री मीट का उत्पादन लगभग 5.18 मिलियन टन रहा — जो भारत के कुल मीट उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा है। आगे चलकर इस क्षेत्र की संरचनात्मक मज़बूती और तकनीकी उन्नयन इसे वैश्विक पोल्ट्री बाज़ार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं।