वियतनाम बोट हादसा: आंध्र प्रदेश के तीन पीड़ितों के शव हैदराबाद पहुंचे, मंत्री कोंडापल्ली एयरपोर्ट पर मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
वियतनाम में हुए दर्दनाक बोट हादसे में जान गंवाने वाले आंध्र प्रदेश के तीन नागरिकों के शव मंगलवार, 14 जुलाई को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। मृतकों में श्रीधर मुडियम, जया लक्ष्मी गेल्ली और नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा शामिल हैं, जो छुट्टियाँ मनाने वियतनाम गए थे।
मुख्य घटनाक्रम
आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास मुख्यमंत्री के निर्देश पर एयरपोर्ट पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि तीनों शवों को मुंबई के रास्ते भारत लाया गया, जहाँ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें हैदराबाद भेजा गया।
मंत्री श्रीनिवास ने कहा, "वियतनाम में एक दुखद घटना हुई, जहाँ हमारे लोग छुट्टियाँ मनाने गए थे। इस हादसे में हमने कई लोगों को खो दिया। आंध्र प्रदेश से भी तीन लोगों की जान गई है। यह हमारे लिए बेहद पीड़ादायक समय है। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर तरह की मदद उपलब्ध कराई जा रही है।"
सरकार की प्रतिक्रिया
आंध्र प्रदेश के डिप्टी तहसीलदार जनार्दनम ने बताया कि सरकार शवों को भारत लाने और परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया में लगातार समन्वय कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि हैदराबाद में प्रोटोकॉल विभाग के अधिकारी पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं और शवों को संबंधित गृह जिलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश नॉन-रेजिडेंट तेलुगु सोसाइटी (APNRT) ने भी इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई। संस्था ने दूतावास और स्थानीय तेलुगु संगठनों के साथ मिलकर शवों को स्वदेश लाने और परिवारों को लॉजिस्टिक सहायता दिलाने में सहयोग किया।
परिवारों की प्रतिक्रिया
नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा के परिवार के एक सदस्य ने राज्य और केंद्र सरकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकारों की मदद से शव को वापस लाने की प्रक्रिया सुगम हो सकी।
जया लक्ष्मी गेल्ली के रिश्तेदार स्वरूप ने भी दोनों सरकारों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत और वियतनाम दोनों सरकारों की ओर से परिवारों को समय पर लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की गई।
आम जनता पर असर
यह हादसा उन भारतीय परिवारों के लिए गहरे दुख का कारण बना है जिनके प्रियजन विदेश में पर्यटन के दौरान असमय काल के गाल में समा गए। यह ऐसे समय में आया है जब वियतनाम भारतीय पर्यटकों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। इस दुर्घटना ने विदेश यात्राओं के दौरान सुरक्षा इंतज़ामों पर नए सिरे से सवाल खड़े किए हैं।
क्या होगा आगे
मंत्री श्रीनिवास ने स्पष्ट किया कि तीनों शवों को शीघ्र परिजनों को सौंपकर उनके गृह जिलों तक पहुंचाया जाएगा। आंध्र प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया है।