14 जुलाई 2026
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वियतनाम बोट हादसा: आंध्र प्रदेश के तीन पीड़ितों के शव हैदराबाद पहुंचे, मंत्री कोंडापल्ली एयरपोर्ट पर मौजूद

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वियतनाम बोट हादसा: आंध्र प्रदेश के तीन पीड़ितों के शव हैदराबाद पहुंचे, मंत्री कोंडापल्ली एयरपोर्ट पर मौजूद

सारांश

वियतनाम बोट हादसे में जान गंवाने वाले आंध्र प्रदेश के तीन नागरिकों — श्रीधर मुडियम, जया लक्ष्मी गेल्ली और नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा — के शव 14 जुलाई को हैदराबाद पहुंचे। मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास मुख्यमंत्री के निर्देश पर एयरपोर्ट पहुंचे; APNRT और दोनों देशों की सरकारों ने प्रत्यावर्तन में सहयोग किया।

मुख्य बातें

वियतनाम बोट हादसे में मारे गए आंध्र प्रदेश के तीन नागरिकों के शव 14 जुलाई को राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हैदराबाद पहुंचे।
मृतकों में श्रीधर मुडियम , जया लक्ष्मी गेल्ली और नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा शामिल हैं।
मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास मुख्यमंत्री के निर्देश पर एयरपोर्ट पहुंचे और पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया।
तीनों शव मुंबई के रास्ते भारत लाए गए; APNRT ने दूतावास और स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर प्रत्यावर्तन में सहयोग किया।
शवों को परिजनों को सौंपकर उनके गृह जिलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

वियतनाम में हुए दर्दनाक बोट हादसे में जान गंवाने वाले आंध्र प्रदेश के तीन नागरिकों के शव मंगलवार, 14 जुलाई को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। मृतकों में श्रीधर मुडियम, जया लक्ष्मी गेल्ली और नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा शामिल हैं, जो छुट्टियाँ मनाने वियतनाम गए थे।

मुख्य घटनाक्रम

आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास मुख्यमंत्री के निर्देश पर एयरपोर्ट पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि तीनों शवों को मुंबई के रास्ते भारत लाया गया, जहाँ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें हैदराबाद भेजा गया।

मंत्री श्रीनिवास ने कहा, "वियतनाम में एक दुखद घटना हुई, जहाँ हमारे लोग छुट्टियाँ मनाने गए थे। इस हादसे में हमने कई लोगों को खो दिया। आंध्र प्रदेश से भी तीन लोगों की जान गई है। यह हमारे लिए बेहद पीड़ादायक समय है। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर तरह की मदद उपलब्ध कराई जा रही है।"

सरकार की प्रतिक्रिया

आंध्र प्रदेश के डिप्टी तहसीलदार जनार्दनम ने बताया कि सरकार शवों को भारत लाने और परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया में लगातार समन्वय कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि हैदराबाद में प्रोटोकॉल विभाग के अधिकारी पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं और शवों को संबंधित गृह जिलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश नॉन-रेजिडेंट तेलुगु सोसाइटी (APNRT) ने भी इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई। संस्था ने दूतावास और स्थानीय तेलुगु संगठनों के साथ मिलकर शवों को स्वदेश लाने और परिवारों को लॉजिस्टिक सहायता दिलाने में सहयोग किया।

परिवारों की प्रतिक्रिया

नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा के परिवार के एक सदस्य ने राज्य और केंद्र सरकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकारों की मदद से शव को वापस लाने की प्रक्रिया सुगम हो सकी।

जया लक्ष्मी गेल्ली के रिश्तेदार स्वरूप ने भी दोनों सरकारों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत और वियतनाम दोनों सरकारों की ओर से परिवारों को समय पर लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की गई।

आम जनता पर असर

यह हादसा उन भारतीय परिवारों के लिए गहरे दुख का कारण बना है जिनके प्रियजन विदेश में पर्यटन के दौरान असमय काल के गाल में समा गए। यह ऐसे समय में आया है जब वियतनाम भारतीय पर्यटकों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। इस दुर्घटना ने विदेश यात्राओं के दौरान सुरक्षा इंतज़ामों पर नए सिरे से सवाल खड़े किए हैं।

क्या होगा आगे

मंत्री श्रीनिवास ने स्पष्ट किया कि तीनों शवों को शीघ्र परिजनों को सौंपकर उनके गृह जिलों तक पहुंचाया जाएगा। आंध्र प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए वियतनाम जैसे लोकप्रिय पर्यटन देशों में भारतीय दूतावास यात्री-सुरक्षा परामर्श को पर्याप्त रूप से अद्यतन करते हैं। APNRT जैसी संस्थाओं की भूमिका सराहनीय है, परंतु यह संकट-प्रबंधन की जगह नहीं ले सकतीं — इसके लिए एक व्यापक प्रवासी सुरक्षा नीति की आवश्यकता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वियतनाम बोट हादसे में आंध्र प्रदेश के कितने लोगों की मौत हुई?
वियतनाम बोट हादसे में आंध्र प्रदेश के तीन नागरिकों की मौत हुई। मृतकों के नाम श्रीधर मुडियम, जया लक्ष्मी गेल्ली और नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा हैं।
तीनों शव हैदराबाद कब और कैसे पहुंचे?
तीनों शव 14 जुलाई, मंगलवार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। शवों को पहले मुंबई लाया गया, जहाँ आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उन्हें हैदराबाद भेजा गया।
आंध्र प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए क्या कदम उठाए?
मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास मुख्यमंत्री के निर्देश पर एयरपोर्ट पहुंचे और परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। प्रोटोकॉल विभाग के अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की और शवों को गृह जिलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
APNRT ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
आंध्र प्रदेश नॉन-रेजिडेंट तेलुगु सोसाइटी (APNRT) ने भारतीय दूतावास और स्थानीय तेलुगु संगठनों के साथ मिलकर शवों को स्वदेश लाने और परिवारों को लॉजिस्टिक सहायता दिलाने में सहयोग किया।
पीड़ित परिवारों ने सरकार के प्रयासों पर क्या कहा?
रवितेजा के परिवार के एक सदस्य और जया लक्ष्मी की रिश्तेदार स्वरूप दोनों ने राज्य व केंद्र सरकारों तथा भारत-वियतनाम दोनों देशों की सरकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता से शव वापस लाने की प्रक्रिया सुगम हो सकी।
राष्ट्र प्रेस
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