पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल पर प्रतिबंध बरकरार, बहुपक्षीय आयोजनों में प्रवेश खुला

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पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल पर प्रतिबंध बरकरार, बहुपक्षीय आयोजनों में प्रवेश खुला

सारांश

खेल मंत्रालय का नया स्पष्टीकरण एक कठोर संदेश भेजता है: पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल शून्य हैं, लेकिन बहुपक्षीय आयोजनों में पाकिस्तान स्वागत है। यह संतुलन भारत की वैश्विक खेल महत्वाकांक्षा को प्रतिबिंबित करता है — 2029-2038 में ओलंपिक्स, विश्व कप, और एशियन गेम्स — जहाँ भारत एक विश्वसनीय, अंतरराष्ट्रीय-मानक मेजबान के रूप में उभर रहा है।

मुख्य बातें

खेल मंत्रालय ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल संबंधों पर प्रतिबंध को बरकरार रखा ।
पाकिस्तानी टीमें भारत द्वारा आयोजित बहुपक्षीय आयोजनों में भाग ले सकेंगी।
भारत 2029 में ICC चैंपियंस ट्रॉफी , 2031 में पुरुष ODI विश्व कप , 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा।
भारत 2038 एशियन गेम्स और 2036 ओलंपिक्स की मेजबानी के लिए दावेदारी दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय खेल अधिकारियों को 5 साल तक की वैधता के साथ मल्टी-एंट्री वीजा दिए जाएंगे।

नई दिल्ली, 6 मई 2026 को खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल आयोजनों पर भारत का प्रतिबंध अक्षुण्ण रहेगा, लेकिन पाकिस्तानी खिलाड़ी और टीमें भारत द्वारा आयोजित बहुपक्षीय इवेंटों में भाग ले सकेंगी। यह नीति स्पष्टीकरण राष्ट्रीय खेल महासंघों, भारतीय ओलंपिक संघ, भारतीय खेल प्राधिकरण, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को जारी एक आधिकारिक सर्कुलर में निहित है।

द्विपक्षीय संबंधों पर प्रतिबंध

मंत्रालय के सर्कुलर में कहा गया है कि भारतीय टीमें पाकिस्तान में होने वाली प्रतियोगिताओं में भाग नहीं लेंगी, और न ही भारत पाकिस्तानी टीमों को भारतीय मिट्टी पर खेलने की अनुमति देगा। यह प्रतिबंध 2019 के पुलवामा हमले के बाद से लागू है, जब भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी द्विपक्षीय खेल संबंध स्थगित कर दिए थे।

बहुपक्षीय आयोजनों में प्रवेश

हालांकि, मंत्रालय ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय आयोजन — चाहे भारत में हों या विदेश में — अलग मानदंड के तहत संचालित होंगे। इन आयोजनों में, निर्णय अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों की कार्यप्रणाली और भारतीय खिलाड़ियों के हितों के आधार पर लिए जाएंगे। गौरतलब है कि यह स्पष्टीकरण भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय खेल मेजबानी क्षमता के संदर्भ में आया है।

आसन्न अंतरराष्ट्रीय आयोजन

भारत 2029 में ICC चैंपियंस ट्रॉफी, 2031 में पुरुष ODI विश्व कप, और 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। इसके अलावा, भारत 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर चुका है। 1982 के बाद पहली बार, भारत 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी के लिए भी रुचि दिखा रहा है — एक प्रस्ताव जो पिछले महीने ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) की कार्यकारी बोर्ड की बैठक में चर्चा के अधीन था।

वीजा सुविधाओं का विस्तार

अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को भारत में आकर्षक बनाने के लिए, मंत्रालय ने खिलाड़ियों, तकनीकी कर्मचारियों, और अंतरराष्ट्रीय खेल अधिकारियों के लिए वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाने की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय खेल शासी निकायों के पदाधिकारियों को 5 साल तक की वैधता के साथ बहु-प्रवेश वीजा (मल्टी-एंट्री वीजा) प्रदान किया जाएगा, जो उनके आधिकारिक कार्यकाल की अवधि तक सीमित होगा। मंत्रालय ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल शासी निकायों के प्रमुखों को भारत यात्रा के दौरान उचित राजनयिक प्रोटोकॉल और शिष्टाचार प्रदान किया जाएगा।

भारत की वैश्विक खेल महत्वाकांक्षा

यह नीति स्पष्टीकरण भारत के वैश्विक खेल मंच पर एक विश्वसनीय और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरने की रणनीति का हिस्सा है। आने वाले दशक में भारत की मेजबानी का शेड्यूल — जो ओलंपिक्स, विश्व कप, और एशियन गेम्स को शामिल करता है — इसे खेल कूटनीति में एक केंद्रीय खिलाड़ी बनाता है। द्विपक्षीय संबंधों पर प्रतिबंध बनाए रखते हुए बहुपक्षीय आयोजनों में भाग लेने की अनुमति देना भारत की राजनीतिक सीमाओं और अंतरराष्ट्रीय खेल जिम्मेदारियों को संतुलित करने का एक सूक्ष्म प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और कोई भी राजनीतिक नरमी दिखाई नहीं दे रही। लेकिन बहुपक्षीय आयोजनों में पाकिस्तान का समावेश भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षा को प्रतिबिंबित करता है — यह यह कहना है कि भारत अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर परिपक्व और समावेशी दिखना चाहता है। 2036 ओलंपिक्स और 2038 एशियन गेम्स की दावेदारी के साथ, भारत को ऐसे आयोजनों की मेजबानी के लिए एक जिम्मेदार, IOC-अनुमोदित गंतव्य के रूप में देखा जाना चाहिए। यह द्विपक्षीय गर्व और वैश्विक व्यावहारिकता के बीच एक सूक्ष्म नृत्य है — जहाँ राजनीति खेल के साथ मिलती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय अनिवार्यताओं के अधीन रहती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पाकिस्तानी खिलाड़ी भारत में खेल सकते हैं?
द्विपक्षीय खेलों में नहीं, लेकिन बहुपक्षीय आयोजनों में हाँ। खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय आयोजनों पर प्रतिबंध बरकरार है, लेकिन भारत द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय इवेंटों में पाकिस्तानी टीमें भाग ले सकेंगी।
पाकिस्तान के साथ खेल प्रतिबंध कब शुरू हुआ?
यह प्रतिबंध 2019 के पुलवामा हमले के बाद लागू किया गया था, जब भारत ने सभी द्विपक्षीय खेल संबंध स्थगित कर दिए थे। तब से, कोई भी आधिकारिक द्विपक्षीय क्रिकेट या अन्य खेल आयोजन नहीं हुए हैं।
ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2029 में पाकिस्तान खेल सकेगा?
हाँ, ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2029 एक बहुपक्षीय आयोजन है, इसलिए पाकिस्तान इसमें भाग ले सकेगा। अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों की कार्यप्रणाली के अनुसार, भारत द्विपक्षीय प्रतिबंध को लागू नहीं कर सकता, भले ही आयोजन भारत में हो।
अंतरराष्ट्रीय खेल अधिकारियों के लिए नई वीजा सुविधाएँ क्या हैं?
अंतरराष्ट्रीय खेल शासी निकायों के पदाधिकारियों को 5 साल तक की वैधता के साथ बहु-प्रवेश वीजा (मल्टी-एंट्री वीजा) दिए जाएंगे। इससे भारत में आयोजनों की मेजबानी को आसान बनाया जा सकेगा और भारत को एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
भारत आने वाले वर्षों में कौन-से बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करेगा?
भारत 2029 में ICC चैंपियंस ट्रॉफी, 2031 में पुरुष ODI विश्व कप, 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स, और 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए दावेदारी दे चुका है। साथ ही, भारत 1982 के बाद पहली बार 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी के लिए भी रुचि दिखा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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