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रणजी ट्रॉफी 2026-27: एनजीटी क्लीयरेंस नहीं मिली, छत्तीसगढ़ के दो 'घरेलू' मैच रायपुर से बाहर शिफ्ट

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रणजी ट्रॉफी 2026-27: एनजीटी क्लीयरेंस नहीं मिली, छत्तीसगढ़ के दो 'घरेलू' मैच रायपुर से बाहर शिफ्ट

सारांश

एनजीटी की अनुमति न मिलने से छत्तीसगढ़ के दो रणजी ट्रॉफी 'घरेलू' मैच अचानक 'अवे' मैच बन गए। प्रति मैच ₹20 लाख की पर्यावरणीय शर्त और 9 दिसंबर की अगली सुनवाई के बीच, पहले से अंक तालिका के तल पर खड़ी टीम पर दोहरा दबाव है।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ के रणजी ट्रॉफी 2026-27 के दो लगातार घरेलू मैच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम से स्थानांतरित किए गए।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मैचों के लिए आवश्यक पर्यावरण अनुमति नहीं दी; अगली सुनवाई 9 दिसंबर को।
आंध्र के खिलाफ मैच अब मुलापाडु (विजयवाड़ा के पास) के डीवीआर ग्राउंड में खेला जाएगा।
एनजीटी प्रत्येक रणजी मैच के लिए लगभग ₹20 लाख की माँग कर रहा है।
दो मैचों में केवल एक अंक के साथ छत्तीसगढ़ एलीट ग्रुप 'बी' में सातवें स्थान पर।

रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की अनुमति न मिलने के कारण छत्तीसगढ़ के रणजी ट्रॉफी 2026-27 सत्र के लगातार दो घरेलू मुकाबले वहाँ से स्थानांतरित कर दिए गए हैं। आंध्र और हैदराबाद के विरुद्ध होने वाले ये मैच अब छत्तीसगढ़ के लिए 'होम' नहीं, बल्कि 'अवे' मैच बन गए हैं।

मैच कहाँ और कब खेले जाएँगे

एलीट ग्रुप 'बी' में आंध्र के खिलाफ छत्तीसगढ़ का तीसरे दौर का मैच सोमवार से विजयवाड़ा के निकट मुलापाडु स्थित डीवीआर ग्राउंड में खेला जाएगा। यह मुकाबला मूल रूप से रायपुर में होने वाला था।

इसी तरह, हैदराबाद के खिलाफ चौथे दौर का मैच भी रायपुर से हटा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह मुकाबला संभवतः विरोधी टीम के ही शहर में आयोजित होगा।

एनजीटी की शर्त और विशेष अनुमति का पेच

एक सूत्र ने रविवार को बताया, 'हाँ, रणजी ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ के लगातार दो घरेलू मैच रायपुर से हटा दिए गए हैं, क्योंकि एनजीटी ने अभी तक उन्हें मैच आयोजित करने की मंजूरी नहीं दी है।'

गौरतलब है कि जुलाई 2026 में एनजीटी ने भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन महिला टी20 मैचों की मेज़बानी के लिए रायपुर को विशेष अनुमति दी थी। ये मुकाबले 16, 18 और 20 अक्टूबर को खेले गए। उस अनुमति की शर्त थी कि भूजल पुनर्भरण (ग्राउंडवाटर रिचार्ज) के लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड के पास ₹20 लाख जमा कराए जाएँ।

सूत्र के अनुसार, 'एनजीटी रणजी ट्रॉफी के प्रत्येक मैच के लिए भी लगभग ₹20 लाख की माँग कर रहा है, जो छत्तीसगढ़ क्रिकेट के लिए बड़ी चुनौती है। ट्रिब्यूनल ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 9 दिसंबर तय की है।'

पर्यावरण नियमों का क्रिकेट पर असर

यह पहली बार नहीं है जब पर्यावरण संबंधी नियामकीय अड़चनें किसी राज्य संघ के लिए होम मैचों को 'अवे' में बदल देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रायपुर जैसे शहरों में जल-स्तर और पर्यावरणीय दबाव को देखते हुए एनजीटी का सतर्क रवैया समझ में आता है, लेकिन इससे राज्य क्रिकेट संघों के राजस्व और घरेलू दर्शकों को नुकसान होता है।

सूत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि 'राज्य में और भी क्रिकेट मैदान हैं, लेकिन वे रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के स्तर के नहीं हैं।' यानी विकल्प सीमित हैं।

अंक तालिका में छत्तीसगढ़ की स्थिति

मैदान के बाहर की इन परेशानियों के अलावा, छत्तीसगढ़ की टीम का मैदान पर भी प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है। सौराष्ट्र के खिलाफ उनका मैच ड्रॉ रहा, जबकि न्यू चंडीगढ़ में पंजाब ने उन्हें हरा दिया। दो मैचों में महज एक अंक के साथ छत्तीसगढ़ एलीट ग्रुप 'बी' में सातवें स्थान पर है।

आगे के मैच भी अनिश्चित परिस्थितियों में खेले जाने की संभावना को देखते हुए, छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को एनजीटी के साथ जल्द समाधान निकालना होगा अन्यथा पूरा सत्र बिना एक भी घरेलू मैच के बीत सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन घरेलू टूर्नामेंट के लिए नहीं — यह असंगति नीतिगत स्पष्टता की कमी को उजागर करती है। प्रति मैच ₹20 लाख की माँग छोटे राज्य संघों के लिए बड़ी बाधा है और इससे घरेलू क्रिकेट की जड़ें कमजोर होती हैं। बीसीसीआई और एनजीटी को मिलकर एक स्थायी ढाँचा तैयार करना चाहिए, अन्यथा ऐसे मामले बार-बार सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छत्तीसगढ़ के रणजी ट्रॉफी मैच रायपुर से क्यों हटाए गए?
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को रणजी ट्रॉफी मैचों के आयोजन की अनुमति नहीं दी। एनजीटी प्रत्येक मैच के लिए लगभग ₹20 लाख पर्यावरणीय शुल्क की माँग कर रहा है।
अब ये मैच कहाँ खेले जाएँगे?
आंध्र के खिलाफ मैच विजयवाड़ा के पास मुलापाडु स्थित डीवीआर ग्राउंड में खेला जाएगा। हैदराबाद के खिलाफ चौथे दौर का मैच भी रायपुर से हटा दिया गया है और संभवतः विरोधी टीम के शहर में आयोजित होगा।
एनजीटी ने पहले महिला टी20 मैचों की अनुमति कैसे दी?
जुलाई 2026 में एनजीटी ने भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन महिला टी20 मैचों के लिए विशेष अनुमति दी थी, जिसकी शर्त ₹20 लाख छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड के पास जमा कराना था। रणजी ट्रॉफी के लिए ऐसी अनुमति अभी तक नहीं मिली है और अगली सुनवाई 9 दिसंबर को तय है।
अंक तालिका में छत्तीसगढ़ की मौजूदा स्थिति क्या है?
छत्तीसगढ़ एलीट ग्रुप 'बी' में दो मैचों के बाद महज एक अंक के साथ सातवें स्थान पर है। सौराष्ट्र के खिलाफ मैच ड्रॉ रहा और पंजाब के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
क्या रायपुर के अलावा छत्तीसगढ़ में कोई और मैदान उपलब्ध है?
सूत्रों के अनुसार राज्य में और भी क्रिकेट मैदान हैं, लेकिन वे रायपुर के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के स्तर के नहीं हैं। आगे के मैचों के आयोजन को लेकर स्थिति अभी अनिश्चित है।
राष्ट्र प्रेस
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