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रणजी ट्रॉफी फाइनल में जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा का विवादित धक्का

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रणजी ट्रॉफी फाइनल में जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा का विवादित धक्का

सारांश

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के फाइनल में जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने कर्नाटक के क्षेत्ररक्षक को धक्का दिया। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी और मैच का हाल।

मुख्य बातें

पारस डोगरा ने विवादास्पद तरीके से कर्नाटक के खिलाड़ी को धक्का दिया।
इस घटना ने मैच में तनाव बढ़ा दिया।
जम्मू-कश्मीर पहली बार फाइनल में पहुंचा है।
टीम का कुल स्कोर 464 रन है।
खेल के अनुशासन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

हुबली, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच आयोजित रणजी ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल मैच डी.आर. बेंद्रे क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। मैच के दूसरे दिन, जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने अपना आपा खो दिया और कर्नाटक के एक क्षेत्ररक्षक को सिर से टक्कर मार दी। इस घटना ने विवाद की स्थिति उत्पन्न कर दी।

यह घटना जम्मू-कश्मीर की पारी के 101वें ओवर में हुई, जब डोगरा और कन्हैया वधावन बल्लेबाजी कर रहे थे। प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर डोगरा ने किनारा लेकर चौका मारा, जिसके बाद डोगरा और फॉरवर्ड शॉर्ट लेग पर खड़े फील्डर केवी अनीश के बीच बहस होने लगी। डोगरा अचानक अनीश पर झपट पड़े और उन्हें सिर से मारा। बाद में, मयंक अग्रवाल ने बीच-बचाव किया।

इसका कारण केवी अनीश द्वारा लगातार भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल बताया जा रहा है। लंबे समय तक ऐसे शब्दों को सुनने के बाद डोगरा अपना आपा खो बैठे और आक्रामक हो गए।

बाद में अंपायरों ने हस्तक्षेप किया। ओवर के बाद, डोगरा ने माफी मांगी, लेकिन अनीश माफ करने को तैयार नहीं थे। पहले दिन, वैशाक विजयकुमार की एक उछलती हुई बाउंसर डोगरा के ग्लव पर लगी थी, जिससे उन्हें पहले दिन 48 गेंदों में 9 रन बनाकर रिटायर हर्ट होना पड़ा था।

डोगरा और अनीश के बीच हुई इस घटना के बाद एक और विवाद उत्पन्न हुआ। तेज गेंदबाज विजयकुमार वैशाक और वधावन एक-दूसरे से टकरा गए। यह घटना तब हुई जब वधावन सिंगल रन के लिए दौड़ रहे थे और उनकी बाईं कोहनी पेसर से टकरा गई। दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आ गए।

जम्मू-कश्मीर पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है और कर्नाटक को कड़ी टक्कर दे रही है। टॉस जीतने के बाद बल्लेबाजी करते हुए जम्मू-कश्मीर ने दूसरे दिन 139 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 464 रन बना लिए थे।

शुभम पुंडिर ने 121 रन बनाकर आउट होने का सामना किया। अब्दुल समद ने 61, यावर हसन ने 88 और कन्हैया वधावन ने 70 रन बनाकर आउट हुए। पारस डोगरा 65 रन बनाकर और साहिल लोतरा 25 रन बनाकर खेल रहे थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए एक नकारात्मक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। खेल में प्रतिस्पर्धा ज़रूरी है, लेकिन अनुशासन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना से पहले क्या हुआ था?
इस घटना से पहले, पारस डोगरा को गेंदबाज वैशाक विजयकुमार की बाउंसर से चोट लगी थी।
क्या डोगरा ने बाद में माफी मांगी?
हां, डोगरा ने अंपायरों के हस्तक्षेप के बाद माफी मांगी, लेकिन केवी अनीश ने माफ करने से इनकार कर दिया।
जम्मू-कश्मीर की पारी का क्या हाल है?
जम्मू-कश्मीर ने 139 ओवर में 5 विकेट पर 464 रन बनाए हैं।
कर्नाटक की टीम का प्रदर्शन कैसा है?
कर्नाटक ने अच्छी प्रतिस्पर्धा दिखाई है, लेकिन जम्मू-कश्मीर उन्हें कड़ी टक्कर दे रहा है।
क्या यह पहली बार है कि जम्मू-कश्मीर फाइनल में पहुंचा है?
जी हां, यह पहली बार है जब जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा है।
राष्ट्र प्रेस
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