एशियन गेम्स 2026: भारतीय हॉकी टीम का गोल्ड, राष्ट्रपति मुर्मु ने एक्स पर की दिल से तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 3 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत की पुरुष हॉकी टीम को एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने पर हार्दिक बधाई दी। टीम ने फाइनल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 के बड़े अंतर से पराजित कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। भारत ने इस बार के एशियन गेम्स में कुल 85 पदक — 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य — के साथ अपना अभियान समाप्त किया।
राष्ट्रपति का हॉकी टीम को संदेश
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को हार्दिक बधाई। खेल पर आपकी पकड़, मजबूत इरादे के साथ खेलना और दबाव में भी शांत बने रहने की आपकी क्षमता ने भारतीय हॉकी को शानदार जीत दिलाई है।' उन्होंने आगे कहा कि यह एशियन गेम्स भारत के लिए इसलिए भी अत्यंत विशेष रहे, क्योंकि पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। राष्ट्रपति ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, 'आपने हर भारतीय को जश्न मनाने और गर्व करने का एक और मौका दिया है।'
दीपक पुनिया का ऐतिहासिक कांस्य पदक
पहलवान दीपक पुनिया ने पुरुषों की फ्रीस्टाइल 97 किग्रा कुश्ती स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। राष्ट्रपति मुर्मु ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि पुनिया के शानदार प्रदर्शन ने छह दशकों के बाद इस वेट कैटेगरी में भारत को पदक दिलाया है। यह उपलब्धि कुश्ती की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी, ऐसी उम्मीद राष्ट्रपति ने जताई।
अंतिम पंघाल का रजत पदक
महिला पहलवान अंतिम पंघाल ने 53 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। राष्ट्रपति ने उनकी सराहना करते हुए कहा, 'आपने एक मुश्किल मुकाबले में जबरदस्त दृढ़ संकल्प और संयम दिखाया है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सिल्वर मेडल अंतिम को उनके खेल सफर में और ऊँचाइयों तक पहुँचने की प्रेरणा देगा।
भारत का समग्र प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में भारत का 85 पदकों का कुल आँकड़ा देश के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय खेल महासंघ और सरकार दोनों खेल बुनियादी ढाँचे में भारी निवेश कर रहे हैं। गौरतलब है कि हॉकी में दोनों वर्गों — पुरुष और महिला — का एक साथ स्वर्ण जीतना, भारतीय हॉकी के पुनरुत्थान की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
आगे की राह
इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय खिलाड़ियों और टीमों पर 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक से पहले अपेक्षाएँ और बढ़ गई हैं। हॉकी इंडिया और भारतीय कुश्ती महासंघ अब इन पदक विजेताओं को ओलंपिक के लिए और परिष्कृत करने की योजना पर काम करेंगे।