क्या रस्साकशी एक ऐसा खेल है जो योद्धाओं के प्रशिक्षण से जुड़ा है और लगातार 5 ओलंपिक गेम्स का हिस्सा रहा?
सारांश
Key Takeaways
- रस्साकशी एक पारंपरिक खेल है जो ताकत और संतुलन पर आधारित है।
- यह खेल ओलंपिक का हिस्सा रहा है।
- रस्साकशी का इतिहास योद्धाओं से जुड़ा है।
- आज के समय में पुरुष और महिलाओं के मुकाबले होते हैं।
- इस खेल में महंगे उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रस्साकशी एक प्राचीन खेल है, जिसमें दो टीमें एक रस्सी के दोनों सिरे को पकड़कर खींचती हैं। जो टीम अपने प्रतिद्वंद्वी को निर्धारित रेखा के पार खींचने में सफल होती है, वही विजेता बनती है। यह खेल शक्ति, संतुलन और सामूहिक समन्वय पर निर्भर है। इसकी एक विशेषता यह है कि इसके लिए महंगे उपकरणों या किसी स्टेडियम की आवश्यकता नहीं होती। क्या आप जानते हैं, यह खेल ओलंपिक खेलों का हिस्सा रहा है?
रस्साकशी का इतिहास योद्धाओं के प्रशिक्षण से जुड़ा हुआ है। हालांकि इसकी सटीक उत्पत्ति का कोई समय या स्थान नहीं है, लेकिन इसके प्रमाण भारत, मिस्र, जापान, कोरिया, हवाई, ग्रीस और चीन में मिले हैं। कुछ संस्कृतियों में, रस्साकशी केवल एक खेल नहीं, बल्कि सामाजिक अनुष्ठानों का प्रतीक भी है।
यह खेल धीरे-धीरे अन्य देशों में भी प्रसिद्ध हुआ। 15वीं से 18वीं शताब्दी के दौरान यह फ्रांस और ब्रिटेन में भी लोकप्रिय हो गया। 19वीं सदी में यह नाविकों के बीच काफी प्रचलित हुआ।
रस्साकशी 1900, 1904, 1908, 1912 और 1920 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक का हिस्सा रहा। पहले दो ओलंपिक में इस खेल में केवल 5-6 सदस्य होते थे, जिसमें कोई भारवर्ग नहीं होता था।
शुरुआती ओलंपिक खेलों में कई टीमों के खिलाड़ी अन्य प्रतियोगिताओं में भी भाग लेते थे। इसी कारण 1900 के ओलंपिक में यूएसए को अपनी टीम वापस लेना पड़ा, क्योंकि उसके तीन खिलाड़ी हैमर थ्रोइंग में भाग ले रहे थे।
1908 ओलंपिक के दौरान इस खेल में विवाद उत्पन्न हुआ, क्योंकि लिवरपुल पुलिस टीम के खिलाड़ियों ने ऐसे बड़े और भारी जूते पहने थे कि उन्हें अपने पैरों को जमीन से उठाने में कठिनाई हो रही थी। लिवरपुल टीम ने दलील दी कि ये उनके निर्धारित पुलिस जूते हैं।
1900 में स्वीडन/डेनमार्क ने स्वर्ण पदक जीते, फिर 1904 में यूएसए ने स्वर्ण अपने नाम किया। इसके बाद ग्रेट ब्रिटेन (1908), स्वीडन (1912) और फिर से ग्रेट ब्रिटेन (1920) ने स्वर्ण पर कब्जा जमाया।
1920 के बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने देखा कि खेलों और प्रतिभागियों की संख्या बहुत अधिक हो गई थी। इसलिए रस्साकशी समेत अन्य 33 खेलों को ओलंपिक से हटा दिया गया।
आज के समय में रस्साकशी में पुरुषों और महिलाओं के अलग-अलग मुकाबले होते हैं, साथ ही जूनियर टीमों के मुकाबले भी आयोजित होते हैं। इसके अलावा, मिश्रित वर्ग भी शुरू किए गए हैं, जिसमें पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल होती हैं। ये मुकाबले मैट पर 'इनडोर' और घास पर 'आउटडोर' आयोजित किए जाते हैं।